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एसवाईएल पर इनेलो ने सरकार से किया किनारा, राजनाथ से अकेले होगी मुलाकात
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 24 Mar 2017 09:26 AM IST
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इनेलो का सरकार से किनारा
- फोटो : file photo
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हरियाणा की खट्टर सरकार को एसवाईएल के मुद्दे पर इनेलो ने बड़ा झटका दिया है। मुख्य विपक्षी दल नहर निर्माण को लेकर अपनी लड़ाई अकेले लड़ेगा। इनेलो नेता शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिलने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में भी शामिल नहीं होंगे।
नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला और पार्टी अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने दिल्ली में हरियाणा भवन में पौने तीन बजे बुलाई गई सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। चौटाला व अरोड़ा राजनाथ सिंह से एसवाईएल पर शुक्रवार को ही चार बजे उनके कार्यालय में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ नहीं, बल्कि अकेले मुलाकात करेंगे।
चौटाला ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पूर्व उपप्रधानमंत्री देवीलाल की पुण्यतिथि पर छह अप्रैल सेजंतर-मंतर पर एसवाईएल निर्माण के लिए बेमियादी धरने शुरू किए जाएंगे। सरकार पर उन्हें भरोसा नहीं है, इसलिए पार्टी ने अकेले मिलने का फैसला किया है। सीएम बीते चार महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का समय तक नहीं ले पाए, जबकि पंजाब और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों को शपथ ग्रहण के एक हफ्ते के भीतर प्रधानमंत्री से मुलाकात का समय मिल गया।
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नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला और पार्टी अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने दिल्ली में हरियाणा भवन में पौने तीन बजे बुलाई गई सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। चौटाला व अरोड़ा राजनाथ सिंह से एसवाईएल पर शुक्रवार को ही चार बजे उनके कार्यालय में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ नहीं, बल्कि अकेले मुलाकात करेंगे।
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चौटाला ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पूर्व उपप्रधानमंत्री देवीलाल की पुण्यतिथि पर छह अप्रैल सेजंतर-मंतर पर एसवाईएल निर्माण के लिए बेमियादी धरने शुरू किए जाएंगे। सरकार पर उन्हें भरोसा नहीं है, इसलिए पार्टी ने अकेले मिलने का फैसला किया है। सीएम बीते चार महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का समय तक नहीं ले पाए, जबकि पंजाब और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों को शपथ ग्रहण के एक हफ्ते के भीतर प्रधानमंत्री से मुलाकात का समय मिल गया।
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इस वजह से इनेलो ने किया अकेले मुलाकात का फैसला
इनेलो नेता अभय चौटाला
इनेलो को संदेह है कि सीएम ने प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगा ही नहीं। यदि मांगा और पीएम ने नहीं दिया तो ये हरियाणा के हितों की अनदेखी है। सरकार को नरेंद्र मोदी से समय नहीं मिलने पर राजनाथ सिंह के बजाय केंद्रीय जल संसाधन मंत्री से मिलना चाहिए था। राजनाथ से मुलाकात के दौरान व एसवाईएल को लेकर अब तक हुए निर्णयों की जानकारी देंगे और पीएम से मुलाकात का समय दिलाने की मांग भी रखी जाएगी।
इनेलो के दबाव बनाने पर ही सरकार दिल्ली भागने के लिए मजबूर हुई है। अरोड़ा ने कहा कि पंजाब में सत्ता संभालने से पहले जब कैप्टन अमरिंदर ने हरियाणा को एक बूंद पानी न देने की बात कही थी, तभी मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग करनी चाहिए थी।
लड्डू खाने वाले प्रदेश हितैषी नहीं
चौटाला ने हुड्डा पर निशाना साधते हुए कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के शपथ ग्रहण समारोह में लड्डू खाने वाले पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा हरियाणा के हितैषी नहीं हो सकते।
आपसी सौहार्द खत्म करना चाहती थी सरकार
चौटाला ने आरोप लगाया कि सरकार प्रदेश का भाईचारा खत्म करना चाहती थी। आंदोलनकारियों की मांगों को समय पर पूरा न कर उन्हें धरनों पर बैठने के लिए मजबूर किया गया। शक है कि सरकार एक बार फिर आंदोलनकारियों के साथ हुए समझौते से पीछे हट सकती है। सरकार में तालमेल का अभाव है।
इनेलो के दबाव बनाने पर ही सरकार दिल्ली भागने के लिए मजबूर हुई है। अरोड़ा ने कहा कि पंजाब में सत्ता संभालने से पहले जब कैप्टन अमरिंदर ने हरियाणा को एक बूंद पानी न देने की बात कही थी, तभी मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग करनी चाहिए थी।
लड्डू खाने वाले प्रदेश हितैषी नहीं
चौटाला ने हुड्डा पर निशाना साधते हुए कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के शपथ ग्रहण समारोह में लड्डू खाने वाले पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा हरियाणा के हितैषी नहीं हो सकते।
आपसी सौहार्द खत्म करना चाहती थी सरकार
चौटाला ने आरोप लगाया कि सरकार प्रदेश का भाईचारा खत्म करना चाहती थी। आंदोलनकारियों की मांगों को समय पर पूरा न कर उन्हें धरनों पर बैठने के लिए मजबूर किया गया। शक है कि सरकार एक बार फिर आंदोलनकारियों के साथ हुए समझौते से पीछे हट सकती है। सरकार में तालमेल का अभाव है।