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माजरा पांचवीं तो कैलाश तीसरी बार मैदान में
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 22 Aug 2014 12:06 AM IST
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कैथल। इंडियन नेशनल लोकदल ने विधानसभा चुनाव को लेकर जिले की चार में से तीन विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवारों उतारकर चुनावी बिसात बिछा दी है। पहली लिस्ट में जहां गुहला से बूटासिंह को टिकट दिया गया था।
वहीं अब वीरवार को जारी दूसरी लिस्ट में पार्टी ने कैथल से लगातार तीसरी बार जिला अध्यक्ष कैलाश भगत पर दांव खेला है। उधर, कलायत से वर्तमान विधायक रामपाल माजरा को उम्मीदवार बनाकर पांचवीं बार उन पर विश्वास जताया है। अब जिले की केवल पूंडरी विधानसभा सीट से इनेलो का उम्मीदवार तय होना बाकी है। इनेलो के उम्मीदवारों के ऐलान के साथ ही दूसरी पार्टियों में उम्मीदवारों को लेकर समीकरण बनने शुरू हो गए हैं।
ये है माजरा का राजनीतिक कैरियर
कलायत से विधायक रामपाल माजरा को भी पांचवीं बार इनेलो ने अपना उम्मीदवार बनाया है। जिसमें से वे अब तक तीन बार विजयी रहे हैं। वर्ष 1996 में माजरा ने पहली बार इनेलो की ओर से चुनाव लड़ा था और जीत दर्ज की थी। इसके बाद वर्ष 2000 में वह फिर से पाई हलका से चुनावी रण में उतरे और विजयी हुए। उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी तेजेंद्र पाल मान को पराजित किया था। इसके बाद वर्ष 2005 के चुनाव में पाई से उन्हें कांग्रेसी उम्मीदवार तेजेंद्रपाल मान के हाथों हार झेलनी पड़ी। वर्ष 2010 के चुनाव से पहले पाई हलका को समाप्त कर कलायत हलका में शामिल कर दिया गया। इस बार एक बार फिर से इनेलो ने उन्हें उम्मीदवार बनाया और वे विजयी रहे। अब साल विधानसभा चुनाव 2014 में इनेलो ने फिर से माजरा को मैदान में उतारा है।
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जमीनी स्तर पर तैयारियां पूरी : माजरा
कलायत। विधायक रामपाल माजरा ने कहा कि कलायत विधानसभा क्षेत्र इनेेलो का पारंपरिक गढ़ है। उन्होंने कहा कि कलायत विधानसभा सीट पर इनेलो से कोई भी राजनीतिक दल टक्कर लेने की स्थिति में नही है। माजरा ने कहा कि देश में मोदी की आंधी चल रही थी।
ऐसे में भी लोकसभा चुनाव में इनेलो के प्रतिनिधि ने कलायत हलका से सबसे अधिक मत हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया था। उन्होंने कहा कि कलायत हलका में पार्टी का कार्यकर्ता पूरी तरह से निष्ठावान, पार्टी का समर्र्पित व जुझारू है। इसी का कारण है कि इनेलो के सामने कोई भी पार्टी कलायत हलका में टिक नहीं पाती। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनावों को लेकर इनेलो जमीनी स्तर तक की सभी तैयारियां पूरी कर चुकी हैं तथा चुनाव के लिए पूरी तरह से तैयार है।
ये है कैलाश भगत का राजनीतिक कैरियर
कैथल विधानसभा के लिए इनेलो ने लगातार तीसरी बार कैलाश भगत को अपना उम्मीदवार बनाया है। कैथल में इनेलो प्रत्याशी कैलाश भगत जिले के जानेमाने उद्योगपति हैं। चावल निर्यात का व्यवसाय करने वाले कैलाश भगत को सबसे पहले वर्ष 2005 में इनेलो ने अपना प्रत्याशी घोषित किया था। उन्होंने पहला चुनाव कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शमशेर सिंह सुरजेवाला के मुकाबले में लड़ा था। जिसमें उन्होंने वे लगभग 4400 वोटों के अंतर से पराजित हो गए थे। इसके बाद वर्ष 2010 के विधानसभा चुनाव में भी इनेलो ने कैलाश भगत पर दांव खेला था। इस चुनाव में उन्होंने हालांकि 38 हजार से ज्यादा वोट हासिल किए थे।
लेकिन वे कांग्रेस प्रत्याशी रणदीप सुरजेवाला के मुकाबले लगभग 22 हजार वोटों के अंतर से पराजित हुए थे। इस दौरान वे इनेलो के जिला अध्यक्ष भी रहे। अब एक बार फिर से इनेलो ने लगातार तीसरी बार कैलाश भगत को उम्मीदवार बनाकर उन्हें एक और मौका दिया है।
कैथल में करवाएंगे विकास : कैलाश
कैलाश भगत ने कहा कि वे इनेलो के सच्चे सिपाही हैं। वे आभारी हैं इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला के। जिन्होंने इस बार भी उन्हें उम्मीदवार बनाया है। चौधरी ओमप्रकाश चौटाला के नेतृत्व में वे प्रदेश के लोगों की सेवा करेंगे। कैथल की जनता का आशीर्वाद मिला तो वे यहां के पिछड़ेपन को दूर करते हुए विकास करवाएंगे।
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वहीं अब वीरवार को जारी दूसरी लिस्ट में पार्टी ने कैथल से लगातार तीसरी बार जिला अध्यक्ष कैलाश भगत पर दांव खेला है। उधर, कलायत से वर्तमान विधायक रामपाल माजरा को उम्मीदवार बनाकर पांचवीं बार उन पर विश्वास जताया है। अब जिले की केवल पूंडरी विधानसभा सीट से इनेलो का उम्मीदवार तय होना बाकी है। इनेलो के उम्मीदवारों के ऐलान के साथ ही दूसरी पार्टियों में उम्मीदवारों को लेकर समीकरण बनने शुरू हो गए हैं।
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ये है माजरा का राजनीतिक कैरियर
कलायत से विधायक रामपाल माजरा को भी पांचवीं बार इनेलो ने अपना उम्मीदवार बनाया है। जिसमें से वे अब तक तीन बार विजयी रहे हैं। वर्ष 1996 में माजरा ने पहली बार इनेलो की ओर से चुनाव लड़ा था और जीत दर्ज की थी। इसके बाद वर्ष 2000 में वह फिर से पाई हलका से चुनावी रण में उतरे और विजयी हुए। उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी तेजेंद्र पाल मान को पराजित किया था। इसके बाद वर्ष 2005 के चुनाव में पाई से उन्हें कांग्रेसी उम्मीदवार तेजेंद्रपाल मान के हाथों हार झेलनी पड़ी। वर्ष 2010 के चुनाव से पहले पाई हलका को समाप्त कर कलायत हलका में शामिल कर दिया गया। इस बार एक बार फिर से इनेलो ने उन्हें उम्मीदवार बनाया और वे विजयी रहे। अब साल विधानसभा चुनाव 2014 में इनेलो ने फिर से माजरा को मैदान में उतारा है।
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जमीनी स्तर पर तैयारियां पूरी : माजरा
कलायत। विधायक रामपाल माजरा ने कहा कि कलायत विधानसभा क्षेत्र इनेेलो का पारंपरिक गढ़ है। उन्होंने कहा कि कलायत विधानसभा सीट पर इनेलो से कोई भी राजनीतिक दल टक्कर लेने की स्थिति में नही है। माजरा ने कहा कि देश में मोदी की आंधी चल रही थी।
ऐसे में भी लोकसभा चुनाव में इनेलो के प्रतिनिधि ने कलायत हलका से सबसे अधिक मत हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया था। उन्होंने कहा कि कलायत हलका में पार्टी का कार्यकर्ता पूरी तरह से निष्ठावान, पार्टी का समर्र्पित व जुझारू है। इसी का कारण है कि इनेलो के सामने कोई भी पार्टी कलायत हलका में टिक नहीं पाती। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनावों को लेकर इनेलो जमीनी स्तर तक की सभी तैयारियां पूरी कर चुकी हैं तथा चुनाव के लिए पूरी तरह से तैयार है।
ये है कैलाश भगत का राजनीतिक कैरियर
कैथल विधानसभा के लिए इनेलो ने लगातार तीसरी बार कैलाश भगत को अपना उम्मीदवार बनाया है। कैथल में इनेलो प्रत्याशी कैलाश भगत जिले के जानेमाने उद्योगपति हैं। चावल निर्यात का व्यवसाय करने वाले कैलाश भगत को सबसे पहले वर्ष 2005 में इनेलो ने अपना प्रत्याशी घोषित किया था। उन्होंने पहला चुनाव कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शमशेर सिंह सुरजेवाला के मुकाबले में लड़ा था। जिसमें उन्होंने वे लगभग 4400 वोटों के अंतर से पराजित हो गए थे। इसके बाद वर्ष 2010 के विधानसभा चुनाव में भी इनेलो ने कैलाश भगत पर दांव खेला था। इस चुनाव में उन्होंने हालांकि 38 हजार से ज्यादा वोट हासिल किए थे।
लेकिन वे कांग्रेस प्रत्याशी रणदीप सुरजेवाला के मुकाबले लगभग 22 हजार वोटों के अंतर से पराजित हुए थे। इस दौरान वे इनेलो के जिला अध्यक्ष भी रहे। अब एक बार फिर से इनेलो ने लगातार तीसरी बार कैलाश भगत को उम्मीदवार बनाकर उन्हें एक और मौका दिया है।
कैथल में करवाएंगे विकास : कैलाश
कैलाश भगत ने कहा कि वे इनेलो के सच्चे सिपाही हैं। वे आभारी हैं इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला के। जिन्होंने इस बार भी उन्हें उम्मीदवार बनाया है। चौधरी ओमप्रकाश चौटाला के नेतृत्व में वे प्रदेश के लोगों की सेवा करेंगे। कैथल की जनता का आशीर्वाद मिला तो वे यहां के पिछड़ेपन को दूर करते हुए विकास करवाएंगे।