{"_id":"5f23b5b78ebc3e9ff02e7752","slug":"information-ministry-filed-reply-in-punjab-haryana-high-court-on-patal-lok-web-series","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"'वेब सीरीज पर केंद्र का नियंत्रण नहीं, आपत्तिजनक के लिए आईटी एक्ट में दर्ज करवाएं एफआईआर'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'वेब सीरीज पर केंद्र का नियंत्रण नहीं, आपत्तिजनक के लिए आईटी एक्ट में दर्ज करवाएं एफआईआर'
Fri, 31 Jul 2020 01:00 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 31 Jul 2020 01:00 PM IST
सार
- केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्रालय ने पाताल लोक वेब सीरीज पर हाईकोर्ट में दाखिल किया जवाब
- कहा- वेब सीरीज के लिए नहीं ली जाती उनसे इजाजत न ही प्रसारण पर केंद्र का नियंत्रण
विज्ञापन
पाताल लोक वेब सीरीज
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वेब सीरीज पर केंद्र सरकार नियंत्रण नहीं है। अगर कुछ आपत्तिजनक लगता है तो आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करा सकते हैं। वेब सीरीज, ओटीटी प्लेटफार्म जैसे की नेट फ्लिक्स, एमेजॉन प्राइम, जी 5, एटीएल बालाजी, हॉट स्टार, सोनी लिव आदि पर दिखाई जाने वाली सामग्री पर न तो केंद्र का नियंत्रण है और न ही इसके लिए केंद्र से अनुमति ली जाती है।
अगर इनमेे कुछ आपत्तिजनक दिखाया जाता है तो आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जा सकती है। यह जानकारी केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से दी गई। मामला एमेजॉन प्राइम में दिखाई जा रही वेब सीरीज पाताल लोक के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका का है। मामले में सेंसर बोर्ड ने भी अपना जवाब दायर कर दिया है।
मामले में अन्य प्रतिवादी पक्षों द्वारा जवाब दायर करने के लिए समय मांगा गया है। इसलिए जस्टिस अनुपिंदर सिंह ग्रेवाल की खंडपीठ ने सुनवाई 23 सितंबर तक स्थगित कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
अगर इनमेे कुछ आपत्तिजनक दिखाया जाता है तो आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जा सकती है। यह जानकारी केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से दी गई। मामला एमेजॉन प्राइम में दिखाई जा रही वेब सीरीज पाताल लोक के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका का है। मामले में सेंसर बोर्ड ने भी अपना जवाब दायर कर दिया है।
विज्ञापन
मामले में अन्य प्रतिवादी पक्षों द्वारा जवाब दायर करने के लिए समय मांगा गया है। इसलिए जस्टिस अनुपिंदर सिंह ग्रेवाल की खंडपीठ ने सुनवाई 23 सितंबर तक स्थगित कर दी।
विज्ञापन
अनुष्का शर्मा को नोटिस जारी
मोहाली के गुरदीपिन्दर सिंह द्वारा एडवोकेट आरएस रंधावा के जरिए दायर याचिका में हाईकोर्ट को बताया है कि वेब सीरीज पाताल लोक सिखों की छवि को खराब करने वाली है और इससे सिखों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। वेब सीरीज ओटीटी प्लेटफार्म जैसे कि नेट फ्लिक्स, एमेजॉन प्राइम, जी 5, एटीएल बालाजी, हॉट स्टार, सोनी लिव आदि पर दिखाई जाती हैं।
इन पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए कोई सिनेमेटोग्राफी एक्ट का सेंसर लागू नहीं होता। याचिकाकर्ता ने पाताल लोक के प्रदर्शन पर रोक लगाने के साथ ही दोषियों पर कार्रवाई की मांग भी की है। वहीं मामले में हाईकोर्ट ने इस सीरीज की निर्माता अनुष्का शर्मा सहित सभी प्रतिवादी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा हुआ है।
इन पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए कोई सिनेमेटोग्राफी एक्ट का सेंसर लागू नहीं होता। याचिकाकर्ता ने पाताल लोक के प्रदर्शन पर रोक लगाने के साथ ही दोषियों पर कार्रवाई की मांग भी की है। वहीं मामले में हाईकोर्ट ने इस सीरीज की निर्माता अनुष्का शर्मा सहित सभी प्रतिवादी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा हुआ है।