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उम्मीदों को झटका: लुधियाना में उद्यमियों को नहीं रास आया बजट, बोले- कुछ भी राहत नहीं मिली

Thu, 01 Feb 2024 05:31 PM IST
ajay kumar विकास मल्होत्रा, संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
विकास मल्होत्रा, संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Thu, 01 Feb 2024 05:31 PM IST
सार

केंद्रीय बजट 2024 में लुधियाना के उद्यमियों को बड़ा झटका लगा है। राहत की उम्मीद तो लगाई, मगर सरकार ने कोई सहूलियत नहीं दी। उद्योगपति जहां सरकार की सामाजिक योजनाओं की तारीफ करने में जुटे हैं, वहीं उद्योग क्षेत्र में बड़ा एलान नहीं होने से निराश हैं।

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Industrialists did not like the budget in Ludhiana
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण। - फोटो : ANI

विस्तार

राहत की उम्मीद में बैठे लुधियाना के उद्यमियों को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट रास नहीं आया। उद्योगपतियों का कहना है कि उन्हें बजट से काफी उम्मीद थी। लग रहा था कि चुनाव से पहले मोदी सरकार बड़ा तोहफा देगी लेकिन पिछले चार साल के बजट की तरह इस बार भी कुछ खास नहीं मिला। 

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कारोबारियों का कहना है कि सरकार ने ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में काफी काम किया है। मगर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME) क्षेत्र की कुछ मांगों पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया है। कारोबारियों का कहना है कि कुल मिलाकर बजट में उद्योगों को कुछ नहीं मिला है।
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चैंबर ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल अंडरटेकिंग (सीआईसीयू) के आर्गेनाइजिंग सचिव जसविंदर सिंह भोगल ने कहा कि बजट में एमएसएमई उद्योग के क्षेत्र में अच्छी घोषणा की उम्मीद थी। वहीं जीएसटी दरों में कटौती करने की भी आस थी। मगर सरकार ने ऐसा नहीं किया। ग्रामीण विकास और महिला सशक्तीकरण की तरफ तो सरकार ने ध्यान दिया। मगर पंजाब के उद्योग की तरफ ध्यान नहीं गया। 

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उन्होंने कहा कि सरकार का कारोबारियों पर फोकस नहीं है। एक करोड़ घरों में सोलर पैनल लगाने का फैसला, अधिक मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और पर्यटन को बढ़ावा देना अच्छा है। मगर कारोबारियों के लिहाज से बजट सकारात्मक नहीं रहा है।

सीआईसीयू के महासचिव हनी सेठी ने कहा कि बजट में कुछ नहीं है। यह बजट न पॉजिटिव है और न ही निगेटिव है। उद्योग क्षेत्र के लिए यह बजट निराशा वाला है। सरकार को एमएसएमई के लिए कुछ करना चाहिए था लेकिन जो उम्मीदें इंडस्ट्री ने लगा रखी थी उस पर फोकस नहीं किया गया। हनी सेठी ने बताया कि इंडस्ट्री की कोई खास मांग नहीं थी। उम्मीद थी कि सरकार बजट में कुछ देगी लेकिन कुछ नहीं किया। 

इंडस्ट्री के लिए कुछ नहीं, लेकिन कई जगहों पर अच्छा काम

कारोबारी रजनीश आहूजा ने बताया कि सरकार ने पंजाब की इंडस्ट्री के लिए कुछ नहीं किया। मगर कई सेक्टर में काफी अच्छा काम किया है। पर्यटन पर सरकार काफी खर्च कर रही है। इस बजट में सरकार ने न हमसे कुछ लिया और न हमें दिया है। पिछले समय स्किल इंडिया में काफी बढ़ोतरी हुई है। 1.4 करोड़ युवाओं को कौशल प्रदान किया गया है। मुद्रा लोन के माध्यम से 27 लाख करोड़ रुपये का ऋण दिया गया। इससे इंडस्ट्री प्रफुल्लित हुई है।

ज्यादा की उम्मीद नहीं थी

सीआईसीयू के संयुक्त सचिव एसपी सिंह ने कहा कि एमएसएमई इंडस्ट्री को इस बजट में कुछ नहीं मिला है। अंतरिम बजट होने के कारण कोई राहत नहीं दी गई। कारोबारियों को भी इस बजट से ज्यादा आशा नहीं थी। सरकार ग्रीन एनर्जी पर जोर दे रही है। कई योजनाओं की घोषणा की है। यह सराहनीय है।

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