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Chandigarh News: श्रीमद्भागवत कथा में इंद्रेश महाराज ने दिया समर्पण का संदेश
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चंडीगढ़। सेक्टर-34 के प्रदर्शनी ग्राउंड में शुक्रवार को सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा एवं गीता वृंदावन प्रकट उत्सव का शुभारंभ हुआ। 16 से 22 अक्तूबर तक चलने वाले उत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कार्यक्रम में यूटी के मुख्य सचिव हिरीआड़का राजेश प्रसाद और भाजपा नेता संजय टंडन भी शामिल हुए। कथावाचक इंद्रेश महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और आध्यात्मिक शिक्षाओं का वर्णन किया। गायक बी प्राक ने कहा कि कथा आयोजन का सौभाग्य मिलना उनके लिए बड़ी बात है। उन्होंने आयोजन में सहयोग देने वाले साथियों का आभार जताया। बी प्राक अपने स्वर्गीय दादाजी की स्मृतियों और उनसे मिली प्रेरणा को जीवंत रखने के लिए पिछले तीन वर्षों से इस उत्सव के आयोजन में योगदान दे रहे हैं।
श्रद्धा और भक्ति का दिखा अनूठा संगम: पहले दिन श्रवण एवं वाणी संबंधी दिव्यांगता वाले बच्चे भी कथा सुनने पहुंचे। पूरे पंडाल में भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों और भजनों की गूंज के बीच श्रद्धालु भक्ति के रंग में रंगे नजर आए।
इंद्रेश महाराज ने दिया एकनिष्ठ भक्ति और समर्पण का संदेश: कथावाचक इंद्रेश जी महाराज ने जीवन, भक्ति और समर्पण का गहरा आध्यात्मिक संदेश दिया। उन्होंने एकाग्रता और एकनिष्ठ भक्ति का महत्व समझाते हुए कहा कि जीवन में अपने आराध्य के प्रति पूर्ण समर्पण और अटूट विश्वास ही सच्ची भक्ति का आधार है। उन्होंने भावपूर्ण ढंग से समझाया कि यदि जीवन में ठाकुर जी सर्वोपरि हैं, तो हृदय में उनका स्थान भी सर्वोच्च होना चाहिए।
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श्रद्धा और भक्ति का दिखा अनूठा संगम: पहले दिन श्रवण एवं वाणी संबंधी दिव्यांगता वाले बच्चे भी कथा सुनने पहुंचे। पूरे पंडाल में भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों और भजनों की गूंज के बीच श्रद्धालु भक्ति के रंग में रंगे नजर आए।
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इंद्रेश महाराज ने दिया एकनिष्ठ भक्ति और समर्पण का संदेश: कथावाचक इंद्रेश जी महाराज ने जीवन, भक्ति और समर्पण का गहरा आध्यात्मिक संदेश दिया। उन्होंने एकाग्रता और एकनिष्ठ भक्ति का महत्व समझाते हुए कहा कि जीवन में अपने आराध्य के प्रति पूर्ण समर्पण और अटूट विश्वास ही सच्ची भक्ति का आधार है। उन्होंने भावपूर्ण ढंग से समझाया कि यदि जीवन में ठाकुर जी सर्वोपरि हैं, तो हृदय में उनका स्थान भी सर्वोच्च होना चाहिए।
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