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कोरोना वायरस की दवाई नहीं, पर मिल गया बचाव का उपाय, भारतीय वैज्ञानिक ने तैयार की तकनीक
Thu, 20 Feb 2020 01:37 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, मोहाली
अमर उजाला, मोहाली
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 20 Feb 2020 01:37 PM IST
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तकनीक के बारे में बताते डॉ. सम्राट घोष
- फोटो : अमर उजाला
चीन में फैले कोरोना वायरस की दवाई तो नहीं मिली, लेकिन इससे बचाव का उपाय मिल गया है, जिसे भारतीय वैज्ञानिक ने तैयार किया है। कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया की नींद उड़ा रखी है। अभी तक इस बीमारी का इलाज नहीं मिल पाया है। ऐसे में कई देशों के साइंटिस्ट इस बीमारी से दुनिया को बचाने के लिए दिन-रात रिसर्च में जुटे हुए हैं।
भारत में पंजाब के मोहाली जिला स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड रिसर्च के साइंटिस्ट डॉ. सम्राट घोष ने इस बीमारी से बचने के लिए एक तकनीक तैयार की है। उन्होंने बताया कि अगर घरों में हम रोजाना वैक्यूम संक्शन से सफाई करेंगे तो कई तरह के वायरस पैदा होने से ही रोके जा सकते हैं। साथ ही कोरोना वायरस फैलने का खतरा पूरी तरह से खत्म हो जाएगा।
डॉ. सम्राट घोष ने बताया कि कोरोना वायरस से दुनिया को बचाने के लिए साइंस के क्षेत्र से जुड़े लोग प्रत्यक्ष और अप्र्रत्यक्ष तरीकों पर काम करने में जुटे हैं। अब तक की जो रिसर्च सामने आई है, उसमें साफ हो गया है कि यह वायरस दूसरे वायरस की तरह हवा में गति करता हुआ, आगे नहीं बढ़ रहा है। इस बीमारी के जो लक्षण हैं, उनसे पता चलता है कि यह सीधे खांसने या अन्य कारणों से एक से दूसरे में चली जाती है।
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भारत में पंजाब के मोहाली जिला स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड रिसर्च के साइंटिस्ट डॉ. सम्राट घोष ने इस बीमारी से बचने के लिए एक तकनीक तैयार की है। उन्होंने बताया कि अगर घरों में हम रोजाना वैक्यूम संक्शन से सफाई करेंगे तो कई तरह के वायरस पैदा होने से ही रोके जा सकते हैं। साथ ही कोरोना वायरस फैलने का खतरा पूरी तरह से खत्म हो जाएगा।
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डॉ. सम्राट घोष ने बताया कि कोरोना वायरस से दुनिया को बचाने के लिए साइंस के क्षेत्र से जुड़े लोग प्रत्यक्ष और अप्र्रत्यक्ष तरीकों पर काम करने में जुटे हैं। अब तक की जो रिसर्च सामने आई है, उसमें साफ हो गया है कि यह वायरस दूसरे वायरस की तरह हवा में गति करता हुआ, आगे नहीं बढ़ रहा है। इस बीमारी के जो लक्षण हैं, उनसे पता चलता है कि यह सीधे खांसने या अन्य कारणों से एक से दूसरे में चली जाती है।
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वायरस उन पर हमला करता, जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर होता
डॉ. घोष ने बताया कि वायरस हमेशा उन लोगों को अपना शिकार बनाता है, जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। कोरोना वायरस के अलावा कई वायरस हमारे वातावरण में घूमते रहते हैं, जो मौका मिलते ही हमारे शरीर पर हमला करते हैं। अगर इन वायरस को ही खत्म कर दिया जाए तो हमारा शरीर तंदुरुस्त रहेगा। अगर कोई वायरस हमला करता भी है तो इंसान उसका आसानी से सामना कर सकता है।
वहीं इससे बचने का तरीका है साफ-सफाइ। कोरोना वायरस को खत्म करने आसान तरीका भी यही है, लेकिन सफाई वैक्यूम क्लीनर से कीजिए। वैक्यूम क्लीनर में भी नमक और अन्य चीजों का प्रयोग किया जाता है, जिससे वह खत्म हो जाते हैं। चीन में कोरोना वायरस का अटैक अक्तूबर और नवंबर से ही शुरू हो गया था। इसकी चपेट में सबसे पहले वही लोग आए थे, जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर था।
घरों में नमक से लगाएं पोंछा
डॉ. सम्राट घोष ने बताया कि लोगों से अपील है कि वह घरों में नमक से पोछा लगाएं। नमक में वायरस को मारने की शक्ति रहती है। उन्होंने बकायदा इस संबंधी वीडियो तैयार किया है, जिसे यूटयूब पर अपलोड किया है। उन्होंने सरकार को भी इस संबंधी पत्र लिख दिया है, ताकि लोगों को इस बारे में जागरूक किया सके।
वहीं इससे बचने का तरीका है साफ-सफाइ। कोरोना वायरस को खत्म करने आसान तरीका भी यही है, लेकिन सफाई वैक्यूम क्लीनर से कीजिए। वैक्यूम क्लीनर में भी नमक और अन्य चीजों का प्रयोग किया जाता है, जिससे वह खत्म हो जाते हैं। चीन में कोरोना वायरस का अटैक अक्तूबर और नवंबर से ही शुरू हो गया था। इसकी चपेट में सबसे पहले वही लोग आए थे, जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर था।
घरों में नमक से लगाएं पोंछा
डॉ. सम्राट घोष ने बताया कि लोगों से अपील है कि वह घरों में नमक से पोछा लगाएं। नमक में वायरस को मारने की शक्ति रहती है। उन्होंने बकायदा इस संबंधी वीडियो तैयार किया है, जिसे यूटयूब पर अपलोड किया है। उन्होंने सरकार को भी इस संबंधी पत्र लिख दिया है, ताकि लोगों को इस बारे में जागरूक किया सके।