ब्रिटेन चुनाव में 15 भारतीय बने सांसद, तीन जांलधर से, प्रीत गिल का दोबारा जलवा बरकरार
यूके के संसदीय चुनावों में भारतीय मूल के सांसदों की संख्या बढ़ गई है। पिछली बार 12 सांसद चुने गए थे, उनके अलावा तीन नए चेहरे भी चुनाव जीतकर संसद में पहुंचे हैं। जालंधर के तीन सांसदों ने यूके में अपना दबदबा बरकरार रखा। इनमें पहली सिख महिला प्रीत कौर गिल के अलावा पहले पगड़ीधारी सांसद तनमनजीत सिंह ढेसी भी शामिल हैं।
पहली बार जीत हासिल करने वाले भारतीय मूल के उम्मीदवारों में कंजर्वेटिव पार्टी के गगन मोहिंद्रा और क्लेयर कोर्टिन्हो तथा लेबर पार्टी से नवेंद्रु मिश्रा शामिल हैं। भारतीय मूल की पूर्व गृह मंत्री प्रीति पटेल ने भी विटहेम से आसान जीत हासिल की है। पिछली बार जीत हासिल कर ब्रिटेन की पहली महिला सिख सांसद बनने का गौरव हासिल करने वाली जालंधर के जमशेर खेड़ा की प्रीत कौर गिल इस बार भी विजयी रही हैं।
पहले पगड़ीधारी सिख सांसद तनमनजीत सिंह ढेसी ने कंजर्वेटिव पार्टी के कंवर तूर गिल को शिकस्त दी है। ढेसी जालंधर के कांग्रेसी नेता परमजीत सिंह रायपुर के भतीजे हैं और यूके के प्रसिद्ध कारोबारी जसपाल ढेसी के बेटे हैं। कांग्रेस के दिवंगत नेता लेखराज के बेटे वरिंदर शर्मा ने भी अपना दबदबा बरकरार रखते हुए दोबारा जीत हासिल की है।
लेखराज शर्मा जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन रह चुके हैं। लेबर पार्टी से नवेंद्रु मिश्रा ने स्टॉकपोर्ट सीट से जीत हासिल की है और वह पहली बार संसद में पहुंचे हैं। इसके अलावा लीसा नैंडी, सीमा मल्होत्रा, कीथ वाज की बहन वलेरी वाज ने भी जीत हासिल की है।
भारतीय मूल के 63 उम्मीदवार थे
भारतीय मूल के 63 लोगों ने चुनाव लड़ा था। इनमें 25 को कंजरवेटिव पार्टी ने चुनाव मैदान में उतारा था। लेबर पार्टी से 13, ब्रेक्जिट पार्टी से 12 और लिबरल डेमोक्रेट्स से आठ भारतवंशियों ने चुनाव लड़ा था। बाकी अन्य दलों के उम्मीदवार या निर्दलीय रहे। इनमें से कंजरवेटिव और लेबर पार्टी से सात-सात भारतीय मूल के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। जबकि लिबरल डेमोक्रेट्स से एक भारतवंशी को जीत मिली।
इन्फोसिस के सह-संस्थापक के दामाद ऋषि सुनक भी जीते
इन्फोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति के दामाद ऋषि सुनक, पूर्व मंत्री आलोक शर्मा ने रीडिंग वेस्ट और शैलेश वारा ने नॉर्थ वेस्ट कैंब्रिजशर सीट से जीत हासिल की है। गोवा मूल की सुएला ब्रेवरमैन ने फेयरहम सीट पर जीत का परचम फहराया है।