इराक में बंधक 165 भारतीयों के लिए राहत भ्ारी खबर
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इराक की बसरा सपोर्ट सिटी की अब्दुल अल जमूरी कंस्ट्रक्शन कंपनी में पिछले नौ महीनों से फंसे विभिन्न राज्यों कि भारतीय बंधकों की हालत लगातार दयनीय हो रही है। पिछले चार दिन से मालिक ने सभी बंधकों का पूरी तरह से राशन बंद कर दिया है। उनके पास सिर्फ पानी या फिर पुराने बचे राशन का ही सहारा है।
गोलियों के शोर से इन बंधकों की आवाज दबाने की लगातार कोशिशें की जा रही है। वेतन के लिए मुंह खोलने पर उनके साथ मारपीट होना आम बात बन चुकी है।
अभी इन्ही हालातों के चलते इराक की कंपनी में बंधक बने 185 लोगों ने यहां भारत सरकार को सामूहिक पत्र भेजा था। जिसमें उन्होंने भावुक गुहार लगाते हुए साफ कहा था कि ‘उन्हे यहां से जल्दी बचा लिया जाए, वरना वे सामूहिक आत्मदाह कर लेंगे, क्योंकि यहां के हालात अब उनके रहने लायक नहीं है।’
‘अमर उजाला’ इन बंधकों के हालातों का मामला लगातार उठा रहा है। जिस पर संज्ञान लेते हुए अब इंडियन एंबेसी ने अब इराक में इन बंधकों से संपर्क साध लिया है। टेलीफोन के माध्यम से इन बंधकों को आश्वस्त कर दिया गया है कि सभी बंधकों को घबराने की जरूरत नहीं है, उन्हें यहां से जल्द ही वापस इंडिया ले जाया जाएगा।
एंबेसी ने ये भी आश्वासन दिया है कि उन्हें वतन वापासी के साथ-साथ कंपनी से वेतन भी दिलवाया जाएगा। एंबेसी के इस आश्वासन के बाद यहां फंसे बंधकों में देश वापसी की उम्मीद जाग गई है।
सुषमा स्वराज से परिजनों ने लगाई गुहार
इराक में भारतीय बंधक पुरुषोत्तम ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि इंडियन एंबेसी ने उन लोगों से संपर्क साध लिया है और उन्हें वेतन समेत वतन वापसी का भरोसा दिलाया है। पुरुषोत्तम के अनुसार उन्हें सब्र और हौसला रखने को कहा गया है।
कंपनी का मालिक अचानक दो दिन से बसरा शहर से बाहर चला गया है। कंपनी पूरी तरह से सिक्योरिटी गार्डों के हवाले हैं। भारतीय बंधकों ने चूंकि काम पर जाने से मना कर दिया था। इसलिए उनका पिछले चार दिन से पूरी तरह से राशन बंद दिया है। मालिक ने सिर्फ बंधकों को पानी की सप्लाई देने को ही कहा है।
अब हालात यह है कि जिस बंधक के पास पुराना राशन बना है, वहीं एक-दूसरे के लिए खाना बना रहा है। रविवार तक आलम यह रहा कि ये बंधक पुराने राशन से ही काम चलाकर केवल रात को ही खाना खा रहे हैं। बंधकों के अनुसार पुराना राशन भी ज्यादा दिन नहीं चलेगा। चार दिन पहले बंधको ने अपने वेतन और पासपोर्ट की मांग की थी। साथ ही देश वापसी की इच्छा जताई थी। बस, इसी बात से कंपनी वालों ने उनका राशन बंद कर दिया है। दूसरा, कंपनी के बाहर हवाई फायरिंग कर उन्हें डराया जा रहा है।
इराक में फंसे यवुकों के परिजन प्रेम सिंह, गुरशरण सिंह, दलीप सिंह, शीशपाल व जयप्रकाश ने अंबाला की बेटी व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मांग की है कि उनके बच्चों को तुरंत घर वापस लाया जाए। परिजन बहुत ज्यादा दुखी है और परेशान हो रहे हैं। परिजनों का कहना है कि वे बहुत ज्यादा घबराए हुए हैं और उन्हें हमेशा अपने बच्चों के साथ अनहोनी की आशंका रहती है।