फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   indian foundation

अब भी वक्त है चीन से हो जाओ चौकन्ने

Mon, 03 Mar 2014 10:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 03 Mar 2014 10:51 AM IST
विज्ञापन
indian foundation

एक ओर बालटिस्तान और गिलगिट सेक्टर, दूसरी ओर तिब्बत में वर्चस्व जमाते चीनी और तीसरी ओर समुद्री सीमा। खतरा चारों ओर से है।

विज्ञापन


इसलिए अब भी समय है चेत जाओ। देश की सुरक्षा का यह दर्द छिपा है देश की रक्षा में सीमाओं पर तैनात रहे पूर्व फौजियों का। इंडिया फाउंडेशन ने पाक अधिकृत कश्मीर पर बदलते हालात विषय पर चर्चा का आयोजन किया तो स्पीकरों ने चीन के बढ़ते कदमों की आहट को रोकने की वकालत की।

नार्दर्न कमांड के पूर्व जीओसी इन सी लेफ्टीनेंट जनरल (रिटायर्ड) केटी परनायक ने कहा कि वर्ष 1994 में दोनों देशों की संसद में इस मुद्दे पर रेसोल्यूशन तो हुआ पर अब तक कुछ किया नहीं गया।
विज्ञापन


बालटिस्तान और गिलगिट सेक्टर देश के लिए इसलिए जरूरी है, क्योंकि यहां से अफगानिस्तान भी कनेक्ट होता है और सेंट्रल एशियन कंट्री भी। पाकिस्तान ने चीन को सिग्याम का इलाका दे दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह दबाव डालने की रणनीति है। चीन इस पर हाइवे बना रहा है। यहां होने वाला कंस्ट्रक्शन इस बात गवाह है कि कम से कम 15-20 वर्ष तक चीन की मौजूदगी यहां रहेगी।

चीन ने तिब्बत में कदम रखे तो तिब्बती कम और चीनी ज्यादा दिखाई देने लगे। चीन यहां कोराकोरम हाइवे बना रहा है, टनल बनाई जा रही है। इतना बड़ा कंस्ट्रक्शन भारत की सुरक्षा के लिए खतरा है। पाकिस्तान पर यह क्षेत्र वापस देने का दबाव डाला जाना चाहिए।
 
इंस्टीट्यूट आफ गिलगिट बालटिस्तान स्टडीज यूएस के प्रेसीडेंट शेंग शेरिंग ने कहा कि बालटिस्तान के लोगों की आवाज कोई नहीं सुनता। सभी जमीन चाहते हैं।

इंडियन फारेन सर्विस से रिटायर और यूनाइटेड नेशन में भारत के प्रतिनिधि रह चुके हरदीप सिंह ने कहा कि जरूरी है कि युवाओं को जागरूक किया जाए। कश्मीर के युवाओं के लिए यह जरूरी है कि उनको उनके अधिकारों की जानकारी दी जाए।
 
फाउंडेशन के चेयरमैन डीजीपी पीसी डोगरा ने जम्मू कश्मीर का भौगोलिक इतिहास बताने के साथ ही धारा 370 पर व्याख्यान दिया।

उन्होंने कहा कि वास्तव में धारा 370 की जम्मू और कश्मीर के लोगों को आवश्यकता ही नहीं है। यह धारा तो वहां राज करने वालों को एक पावर दे देती है। उन्होंने कहा कि इसको खत्म किया जाना चाहिए। भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा अब कमजोर होती जा रही है।


शरणार्थियों को दीजिए अधिकार
पूर्व डीजीपी पीसी डोगरा ने कहा कि बेहद शर्मिंदगी की बात है कि 1947 में जो लोग पाकिस्तान से जम्मू कश्मीर में आए उनमें से काफी लोगों के बच्चों को एजुकेशन के लिए तरसना पड़ता है।

उनका एडमीशन तक नहीं हो पाता। उनको अब तक जम्मू कश्मीर की नागरिकता नहीं मिली है, जबकि जब चुनाव की बात आती है तो वह वोट दे सकते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed