{"_id":"59ba44484f1c1bae688b481d","slug":"indian-army-nag-missile","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जानिए क्या है 'नाग' मिसाइल और इसकी खासियतें, जिससे दुश्मन को मिटा देगा भारत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जानिए क्या है 'नाग' मिसाइल और इसकी खासियतें, जिससे दुश्मन को मिटा देगा भारत
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 15 Sep 2017 09:29 AM IST
विज्ञापन
'नाग' मिसाइल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश के दुश्मन अब अपनी खैर मनाएं, क्योंकि भारत को एक ऐसा हथियार मिल गया है, जो एक बार डसेगा और खत्म करने के बाद ही सांस लेगा। दरअसल, युद्ध में दुश्मनों के टैंक को चार किलोमीटर दूर ही ध्वस्त करने की क्षमता रखने वाली एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल ‘नाग’ (थर्ड जनरेशन) जल्द ही सेना में शामिल होगी।
पिछले महीने राजस्थान के जैसलमेर स्थित चंदन फील्ड फायरिंग रेंज में इसका सफल परीक्षण हो चुका है। इसके अलावा दूसरा सफल नाइट ट्रॉयल भी राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में हो चुका है। फिर भी यह मिसाइल अभी कुछ औपचारिकताओं के दायरे में हैं। सेना की ओर से जैसे ही हरी झंडी मिलेगी, इसका वॉल्यूम प्रोडक्शन शुरू कर दिया जाएगा।
इसके बाद मिसाइल को सेना के हवाले कर दिया जाएगा। रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन ने इस मिसाइल को अपनी निगरानी में तैयार कराया है। एक आला अधिकारी ने बताया कि सेना में इसके शामिल होने से दुश्मन की टैंक पलटन से लड़ना आसान होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले महीने राजस्थान के जैसलमेर स्थित चंदन फील्ड फायरिंग रेंज में इसका सफल परीक्षण हो चुका है। इसके अलावा दूसरा सफल नाइट ट्रॉयल भी राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में हो चुका है। फिर भी यह मिसाइल अभी कुछ औपचारिकताओं के दायरे में हैं। सेना की ओर से जैसे ही हरी झंडी मिलेगी, इसका वॉल्यूम प्रोडक्शन शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
इसके बाद मिसाइल को सेना के हवाले कर दिया जाएगा। रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन ने इस मिसाइल को अपनी निगरानी में तैयार कराया है। एक आला अधिकारी ने बताया कि सेना में इसके शामिल होने से दुश्मन की टैंक पलटन से लड़ना आसान होगा।
विज्ञापन
अंधेरे में भी टारगेट को कर सकती है तबाह
'नाग' मिसाइल
इस मिसाइल का इस्तेमाल रात में भी कारगर ढंग से किया जा सकेगा। यह ‘बुल आई’ की तर्ज पर काम करेगी। यह चार किलोमीटर तक रात के अंधेरे में भी अपने टारगेट को तबाह कर सकेगी। यह थर्मल टारगेट सिस्टम (टीटीएस) तकनीक पर काम करेगी। इस तकनीक से ऑपरेशनल टैंक की थर्मल इमेज क्रिएट हो जाती है, जिसके बाद टारगेट लॉक कर मिसाइल दाग दी जाती है।
‘फायर एंड फॉरगेट’ फार्मूले से ज्यादा सटीकपन
‘फायर एंड फॉरगेट’ यानी ‘दागो और भूल जाओ’ के फार्मूले पर मिसाइल के अटैक को ज्यादा सटीक बनाया गया है। लांच होने के बाद इमेजिन इंफ्रारेड रडार से मिसाइल लॉक्ड टारगेट को फॉलो करती हुई हिट करती है। मिसाइल लॉन्चिंग के बाद किसी भी तरह की एक्सटर्नल कमांड की जरूरत नहीं पड़ती है।
‘फायर एंड फॉरगेट’ फार्मूले से ज्यादा सटीकपन
‘फायर एंड फॉरगेट’ यानी ‘दागो और भूल जाओ’ के फार्मूले पर मिसाइल के अटैक को ज्यादा सटीक बनाया गया है। लांच होने के बाद इमेजिन इंफ्रारेड रडार से मिसाइल लॉक्ड टारगेट को फॉलो करती हुई हिट करती है। मिसाइल लॉन्चिंग के बाद किसी भी तरह की एक्सटर्नल कमांड की जरूरत नहीं पड़ती है।
ये है मिसाइल की खासियतें
भारतीय सेना
- मिसाइल रात में भी टारगेट अटैक में कारगर है।
- मिसाइल का भार 93 पौंड यानी 42 किलो है।
- इसकी लंबाई 6 फुट 3 इंच यानी 1.90 मीटर है।
- मिसाइल का व्यास 190 एमएम यानी 7.5 इंच है।
- ये फाइव मिसाइल सिस्टम पर आधारित होगा।
- मिसाइल की स्पीड 230 एम/एस है।
- मिसाइल का गाइडेंस सिस्टम एक्टिव इमेजिन इंफ्रारेड रडार सीकर पर आधारित है।
- इसकी रेंज 500 मीटर से 04 किलोमीटर तक होगी।
- मिसाइल का भार 93 पौंड यानी 42 किलो है।
- इसकी लंबाई 6 फुट 3 इंच यानी 1.90 मीटर है।
- मिसाइल का व्यास 190 एमएम यानी 7.5 इंच है।
- ये फाइव मिसाइल सिस्टम पर आधारित होगा।
- मिसाइल की स्पीड 230 एम/एस है।
- मिसाइल का गाइडेंस सिस्टम एक्टिव इमेजिन इंफ्रारेड रडार सीकर पर आधारित है।
- इसकी रेंज 500 मीटर से 04 किलोमीटर तक होगी।