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EXCLUSIVE: 350 किमी की दूरी से ही पकड़ा जाएगा दुश्मन का जहाज
मोहित धुपड़/अमर उजाला, अंबाला कैंट (हरियाणा)
Updated Sun, 06 Nov 2016 09:01 AM IST
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इंडियन एयरफोर्स राडार अपग्रेडेशन सिस्टम
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दुश्मन के एयरक्राफ्ट ने इंडिया की ओर उड़ान भरी तो उसकी हलचल इंडियन एयरफोर्स अथॉरिटी को 350 किलोमीटर की दूरी से ही मालूम चल जाएगी। एयरफोर्स अथॉरिटी को इसकी जानकारी अपने अपग्रेडेड राडार सिस्टम से पता चल जाएगी।
उसके बाद ये सिग्नल एयरफोर्स स्टेशनों के कंट्रोल रूम में पहुंचेगा और वहां से इसे आगे एंटी एयरक्राफ्ट गन विंग को आगामी एक्शन के लिए फोरवर्ड कर दिया जाएगा ताकि यदि दुश्मन का एयरक्राफ्ट देश में दाखिल होता है, उसे जमींदोज कर दिया जाए।
देश की सरहदों पर जिस तरह के हालात बने हुए हैं और पड़ोसी देशों से जिस तरह की टेंशन चल रही है, उसे देखते हुए एयरफोर्स अथॉरिटी अपने सिग्नल सिस्टम को और मजबूत बनाने में जुटी हुई है। एयरफोर्स अथॉरिटी अपने राडार सिस्टम को लगातार अपग्रेड करने में प्रयासरत है।
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उसके बाद ये सिग्नल एयरफोर्स स्टेशनों के कंट्रोल रूम में पहुंचेगा और वहां से इसे आगे एंटी एयरक्राफ्ट गन विंग को आगामी एक्शन के लिए फोरवर्ड कर दिया जाएगा ताकि यदि दुश्मन का एयरक्राफ्ट देश में दाखिल होता है, उसे जमींदोज कर दिया जाए।
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देश की सरहदों पर जिस तरह के हालात बने हुए हैं और पड़ोसी देशों से जिस तरह की टेंशन चल रही है, उसे देखते हुए एयरफोर्स अथॉरिटी अपने सिग्नल सिस्टम को और मजबूत बनाने में जुटी हुई है। एयरफोर्स अथॉरिटी अपने राडार सिस्टम को लगातार अपग्रेड करने में प्रयासरत है।
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यूएस, फ्रेंच के बाद अब एरो टेक्नोलॉजी पर किया जा रहा काम
इंडियन एयरफोर्स राडार अपग्रेडेशन सिस्टम
एयरफोर्स के पास यूएस व फ्रेंच तकनीक पर आधारित राडार सिस्टम मौजूद हैं, लेकिन अब एरो सेट तकनीक के जरिए एयरफोर्स इस सिस्टम को और ज्यादा अपग्रेड बना रही है।
एयरफोर्स अथॉरिटी की सिग्नल रेजीमेंट अपने राडार सिस्टम के नेटवर्क को इसी तरह से और अपग्रेड करने में लगातार प्रयासरत है। उनकी इसी परफोरमेंस को इंडिया की सभी सेनाओं के सुप्रीम कमांडर एवं इंडियन प्रेजीडेंट प्रणब मुखर्जी ने भी सराहा है।
इसके चलते वे 10 नवंबर को अंबाला में एयरफोर्स की सिग्नल रेजीमेंट 501 एसयू को कलर फ्लैग देकर सम्मानित करेंगे। इस यूनिट के ग्रुप कैप्टन विनीत जिंदल ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि आज के हालातों को देखते हुए अपना नेटवर्क को अपग्रेड और मजबूत करना बहुत जरूरी है।
एयरफोर्स भी नई-नई तकनीकों का इस्तेमाल कर अपने राडार सिस्टम को अपग्रेड कर रहा है। अब एरो सेट तकनीक के जरिए राडार 350 किलोमीटर की दूरी पर ही दुश्मन के एयरक्राफ्ट को लोकेट कर लेगा।
एयरफोर्स अथॉरिटी की सिग्नल रेजीमेंट अपने राडार सिस्टम के नेटवर्क को इसी तरह से और अपग्रेड करने में लगातार प्रयासरत है। उनकी इसी परफोरमेंस को इंडिया की सभी सेनाओं के सुप्रीम कमांडर एवं इंडियन प्रेजीडेंट प्रणब मुखर्जी ने भी सराहा है।
इसके चलते वे 10 नवंबर को अंबाला में एयरफोर्स की सिग्नल रेजीमेंट 501 एसयू को कलर फ्लैग देकर सम्मानित करेंगे। इस यूनिट के ग्रुप कैप्टन विनीत जिंदल ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि आज के हालातों को देखते हुए अपना नेटवर्क को अपग्रेड और मजबूत करना बहुत जरूरी है।
एयरफोर्स भी नई-नई तकनीकों का इस्तेमाल कर अपने राडार सिस्टम को अपग्रेड कर रहा है। अब एरो सेट तकनीक के जरिए राडार 350 किलोमीटर की दूरी पर ही दुश्मन के एयरक्राफ्ट को लोकेट कर लेगा।
पाक को समझने, संभलकर रहने की जरूरत
इंडियन एयरफोर्स राडार अपग्रेडेशन सिस्टम
सरहद पर लगातार पाकिस्तान द्वारा सीजफायर के उल्लंघन से बनी टेंशन को लेकर एयरफोर्स अथॉरिटी पूरी तरह से मुस्तैद है। एयरफोर्स को अंदेशा है कि दुश्मन फिर से किसी छावनी इलाके में बड़ी वारदात को अंजाम न दे दे। इसलिए एयरफोर्स अथॉरिटी पूरी तरह सतर्क है।
अमर उजाला से बातचीत के दौरान एओसी इन सीडब्ल्यूएसी अभय बंचलकर देव कहते हैं कि पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। लेकिन कोई बात नहीं, अब सेना ने भी अपने हाथ पूरी तरह से खोल लिए हैं, उसके हर हमले को सरहद पर मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सेना अब सरहद पर अपने एक्शन को लेकर किसी पसोपेश में नहीं है, क्योंकि हॉयर अथॉरिटी ने भारतीय सेना को पाक सेना व आतंकियों की कार्रवाई के जवाब में खुलकर कार्रवाई के आदेश दिए हुए हैं।
इसलिए पाकिस्तान को अब समझने और संभलकर रहने की जरूरत है। क्योंकि अब यदि सरहद पार से एक वार होगा, यहां से उसका दोगुना जवाब दिया जाएगा।
अमर उजाला से बातचीत के दौरान एओसी इन सीडब्ल्यूएसी अभय बंचलकर देव कहते हैं कि पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। लेकिन कोई बात नहीं, अब सेना ने भी अपने हाथ पूरी तरह से खोल लिए हैं, उसके हर हमले को सरहद पर मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सेना अब सरहद पर अपने एक्शन को लेकर किसी पसोपेश में नहीं है, क्योंकि हॉयर अथॉरिटी ने भारतीय सेना को पाक सेना व आतंकियों की कार्रवाई के जवाब में खुलकर कार्रवाई के आदेश दिए हुए हैं।
इसलिए पाकिस्तान को अब समझने और संभलकर रहने की जरूरत है। क्योंकि अब यदि सरहद पार से एक वार होगा, यहां से उसका दोगुना जवाब दिया जाएगा।
जगुआर पर पूरा भरोसा, रि-डिजाइन होगा इंजन
इंडियन एयरफोर्स राडार अपग्रेडेशन सिस्टम
पिछले करीबन दो दशक में अंबाला में हुए विमान हादसों में जगुआर विमान ज्यादा दुर्घटनाग्रस्त हुए। कई बार बहस छिड़ी, बातें हुई कि एयरफोर्स के बेड़े में जगुआर विमान बूढ़ा हो चुका है। लेकिन एयरफोर्स अथॉरिटी को आज भी अपने जगुआर एयरक्राफ्ट पर पूरा भरोसा है।
एयरफोर्स के सीनियर अफसरों ने कहा कि न तो जगुआर बूढ़ा हुआ है और न ही इसे बेड़े से बाहर करने का कोई विचार है। हां, इसके इंजन को रि-डिजाइन करने की जरूर योजना है। उनके अनुसार जो भी जगुआर दुर्घटनाग्रस्त हुए, उनमें इंजन की ही प्रॉब्लम सामने आई।
इसलिए इंडियन एयरफोर्स अथॉरिटी अब जगुआर के इंजर को रि-डिजाइन करवाएगी, ताकि हादसों की आशंका कम रहे। सीनियर एयरफोर्स अफसरों ने कहा कि जगुआर आज भी एयरफोर्स का भरोसेमंद लड़ाकू जहाज है और इसे चलाने वाले पॉयलट भी विशेष रूप से प्रशिक्षित हैं, इसलिए जगुआर को लेकर इंडियन एयरफोर्स को कोई टेंशन नहीं है।
एयरफोर्स के सीनियर अफसरों ने कहा कि न तो जगुआर बूढ़ा हुआ है और न ही इसे बेड़े से बाहर करने का कोई विचार है। हां, इसके इंजन को रि-डिजाइन करने की जरूर योजना है। उनके अनुसार जो भी जगुआर दुर्घटनाग्रस्त हुए, उनमें इंजन की ही प्रॉब्लम सामने आई।
इसलिए इंडियन एयरफोर्स अथॉरिटी अब जगुआर के इंजर को रि-डिजाइन करवाएगी, ताकि हादसों की आशंका कम रहे। सीनियर एयरफोर्स अफसरों ने कहा कि जगुआर आज भी एयरफोर्स का भरोसेमंद लड़ाकू जहाज है और इसे चलाने वाले पॉयलट भी विशेष रूप से प्रशिक्षित हैं, इसलिए जगुआर को लेकर इंडियन एयरफोर्स को कोई टेंशन नहीं है।