भारत ब्रिटिश पीएम के सामने उठाएगा शहीद उधम सिंह के सामान का मुद्दा
जलियांवाला बाग हत्याकांड को अंजाम देने वाले ब्रिटिश जनरल डायर को ब्रिटेन पहुंचकर मौत के घाट उतारने वाले शहीद उधम सिंह की रिवाल्वर, कोबलर चाकू, डायरी और अन्य सामान आज तक ब्रिटिश सरकार के कब्जे में है।
इस सामान को भारत लाए जाने की मांग संबंधी जनहित याचिका पर केंद्र सरकार ने सोमवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार ब्रिटेन की सरकार से उक्त सामान वापस किए जाने का फिर से आग्रह करेगी।
केंद्र ने बताया कि अगले महीने भारत आ रहे ब्रिटिश प्रधानमंत्री के समक्ष भारत की ओर से शहीद उधम सिंह का सामान लौटाने का मुद्दा रखा जाएगा। इससे पहले भी केंद्र सरकार ने यह सामान वापसी की मांग उठाई थी, लेकिन ब्रिटिश सरकार ने शहीद के सामान को केस प्रापर्टी करार देते हुए लौटाने से इंकार कर दिया था।
हाईकोर्ट ने 17 जनवरी तक स्थगित की मामले की सुनवाई
सोमवार को जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के इस जवाब को रिकार्ड पर लेते हुए हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई 17 जनवरी तक स्थगित कर दी। हाईकोर्ट ने इससे पूर्व याचिका पर सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार से इस संबंध में जानकारी मांगी थी।
इसके जवाब में पंजाब सरकार की ओर से कहा गया था कि इस मुद्दे पर केंद्र सरकार ही कार्रवाई कर सकती है। तब हाईकोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार से जवाब तलब किया था। याचिकाकर्ता ने आरटीआई के जरिए केंद्र सरकार के सेंट्रल पब्लिक रिलेशन अधिकारी से मिली जानकारी का हवाला देते हुए हाईकोर्ट को बताया था कि ब्रिटिश सरकार ने शहीद उधम सिंह का रिवाल्वर, कोबलर चाकू, डायरी और अन्य सामान भारत को लौटाने से इंकार कर दिया है।
आरटीआई के तहत मिले जवाब में यह भी कहा गया कि ब्रिटिश सरकार ने यह कहते हुए पंजाब सरकार को सामान लौटाने से मना कर दिया है कि उधम सिंह के खिलाफ चलाए गए केस में उनका रिवाल्वर, कोबलर चाकू, डायरी और अन्य सामान केस प्रॉपर्टी के तौर पर बतौर सबूत अदालत में पेश किए गए थे। ब्रिटेन के कानून के अनुसार, जो भी वस्तु केस प्रॉपर्टी के रूप में पेश की जाती है, उसे लौटाया नहीं जा सकता।