MSME से भारत बनेगा सोने की चिड़िया: कलराज
केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मझौले उद्योग (एमएसएमई) मंत्री कलराज मिश्र ने कहा है कि एमएसएमई इकाइयां ही देश की विकास की रीढ़ हैं। ये लघु उद्योग ही भारत को विकसित बनाएंगे। सोने की चिड़िया बनाएंगे।
चंडीगढ़ के होटल जेडब्ल्यू मेरिएट में शुक्रवार को अमर उजाला एमएसएमई कॉन्क्लेव हरियाणा के दूसरे सत्र में केंद्रीय मंत्री ने यह बात कही। इससे पहले सत्र में हरियाणा के वित्त एवं उद्योगमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने पैनल परिचर्चा की अध्यक्षता करते हुए लघु उद्यमियों की चुनौतियों को जाना और उनके समाधान पर चर्चा की।
कलराज मिश्र ने कहा कि प्राचीन भारत में छोटे और कुटीर उद्योगों ने ही भारत को सोने की चिड़िया बनाया था। अमेरिका, यूरोप और जापान को विकसित देश लघु इकाइयों ने ही बनाया है।
देश तभी विकसित बनेगा जब एमएसएमई इकाइयां आगे बढ़ें। वे अपने दायित्व का निर्वाह करें। एमएसएमई के विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में भी उन्होंने विस्तार से जानकारी दी। सरकार बीमार इकाइयों के पुनर्वास, प्रशिक्षण और टूल रूम बढ़ाने पर विचार कर रही है। देश में 15 टूल रूम और बनाए जाएंगे। अभी देश में इनकी संख्या 18 है।
अमर उजाला की प्रशंसा की
लघु उद्यमियों के योगदान को सबके सामने लाने के लिए अमर उजाला द्वारा किए जा रहे प्रयासों की केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने प्रशंसा की। उन्होंने पिछले साल लखनऊ में किए गए एमएसएमई कॉन्क्लेव को भी याद करते हुए कहा कि चंडीगढ़ में भी इस तरह का कॉन्क्लेव करने का अमर उजाला के ये प्रयास सराहनीय हैं। इसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए वह कम है।
हरियाणा एमएसएमई के 11 सेक्टरों के उद्यमियों को सम्मानित किया
उद्यमियों को दिए पुरस्कार
केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने हरियाणा एमएसएमई के 11 सेक्टरों के उद्यमियों को अमर उजाला एमएसएमई अवार्ड -2016 से सम्मानित किया। ये अवार्ड सूक्ष्म, लघु और मध्यम श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली इकाइयों को अलग-अलग दिए गए। इनके अलावा पांच उद्यमियों को विशेष पुरस्कार दिए गए।
जापान की पहली पसंद हरियाणा: कैप्टन
एमएसएमई कॉन्क्लेव के पहले सत्र में पैनल परिचर्चा में हरियाणा के उद्यमियों को सवालों के जवाब में हरियाणा के वित्त एवं उद्योग मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि हरियाणा इस समय जापान के उद्यमियों की पहली पसंद है। मैक इन इंडिया के तहत अमेरिका, यूरोप, कोरिया चीन और जापान सहित अनेक देशों के मंत्री और उद्यमियों के पैनल मिले हैं।
इनमें भारत को लेकर काफी उत्साह है। जापान के 65 फीसदी उद्यमियों की पहली पसंद हरियाणा में निवेश करना है। ये कंपनियां स्थानीय लघु उद्यमियों के लिए सुनहरा अवसर लेकर आ रही हैं। इसे भुनाने के लिए उन्हें तैयार रहना चाहिए।
कृषि के बाद सबसे ज्यादा रोजगार
पैनल परिचर्चा में मैनेजमेंट और मार्केटिंग विशेषज्ञ डॉ सिद्धार्थ शेखर सिंह ने कहा कि कृषि के बाद एमएसएमई सेक्टर ही सबसे ज्यादा रोजगार देता है। अमेरिका के जीडीपी में एक बड़ा योगदान लघु इकाइयों का ही है। भारत में इस सेक्टर को सरकार की मदद की जरूरत है। कार्यकुशलता बढ़ाने और दृष्टिकोण में बदलाव की जरूरत है।
ओरिएंटल इंजीनियरिंग वर्क्स के एमडी रमन सलूजा और पीएचडी चैंबर के डॉ. प्रवीण राठी ने हर जिले में एक मदर इंडस्ट्री होने और उद्यमियों को भी अपनी जिम्मेदारियां समझने पर जोर दिया। अमर उजाला के स्थानीय संपादक संजय अभिज्ञान ने कहा कि हरियाणा की नई पहचान अब यह है कि देसां में देस हरियाणा जित कदम कदम पर कारखाना।
इस मौके पर अमर उजाला के पूर्णकालिक निदेशक प्रबल घोषाल और अमर उजाला के वरिष्ठ कार्यकारी संपादक उदय कुमार भी मौजूद थे।