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कोरोना के कारण भारत एक अपना एक और रत्न खो दिया- बदनौर
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चंडीगढ़। महान धावक मिल्खा सिंह के निधन की खबर मिलते ही शहर के साथ देशभर में शोक की लहर दौड़ गई। जो लोग सेक्टर-8 स्थित उनके आवास पर पहुंच सकते हैं, वह उनके घर पहुंचे जबकि बड़ी संख्या में लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से मिल्खा सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मिल्खा सिंह का जाना खेल जगत के लिए अपूर्णीय क्षति है। कोरोना के कारण भारत ने एक और रत्न खो दिया। खेल जगत में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
-वीपी सिंह बदनौर, प्रशासक, चंडीगढ़
महान धावक मिल्खा सिंह के निधन की सूचना मिली। मैं उन्हें अंकल बुलाती थी। उनसे काफी पुराने संबंध थे हमारे। अंकल को काफी याद करेंगे।
-किरन खेर, सांसद, चंडीगढ़
मिल्खा सिंह के रूप में चंडीगढ़ ने आज अपना कीमती गहना खो दिया। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।
-संजय बेनीवाल, डीजीपी, चंडीगढ़
यह न केवल शहर बल्कि देश के लिए बड़ी क्षति है। शहर के रत्नों में से एक रत्न कम हो गया। ईश्वर उनके परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति दे।
-रविकांत शर्मा, मेयर, चंडीगढ़
मिल्खा सिंह की ताकत भावी पीढ़ी को हमेशा प्रेरित करती रहेगी। वर्ष 2018 में पीयू में हुए दीक्षांत समारोह में उन्हें खेल रत्न से सम्मानित करने का मौका मिला था।
-प्रो. राजकुमार, वाइस चांसलर, पीयू
धैर्य और दृढ़ संकल्प के प्रतीक थे फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह। मैंने 62 वर्षों से उनके ऑटोग्राफ को संजोकर रखा है।
-पवन बंसल, पूर्व सांसद, चंडीगढ़
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मिल्खा सिंह का जाना खेल जगत के लिए अपूर्णीय क्षति है। कोरोना के कारण भारत ने एक और रत्न खो दिया। खेल जगत में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
-वीपी सिंह बदनौर, प्रशासक, चंडीगढ़
महान धावक मिल्खा सिंह के निधन की सूचना मिली। मैं उन्हें अंकल बुलाती थी। उनसे काफी पुराने संबंध थे हमारे। अंकल को काफी याद करेंगे।
-किरन खेर, सांसद, चंडीगढ़
मिल्खा सिंह के रूप में चंडीगढ़ ने आज अपना कीमती गहना खो दिया। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।
-संजय बेनीवाल, डीजीपी, चंडीगढ़
यह न केवल शहर बल्कि देश के लिए बड़ी क्षति है। शहर के रत्नों में से एक रत्न कम हो गया। ईश्वर उनके परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति दे।
-रविकांत शर्मा, मेयर, चंडीगढ़
मिल्खा सिंह की ताकत भावी पीढ़ी को हमेशा प्रेरित करती रहेगी। वर्ष 2018 में पीयू में हुए दीक्षांत समारोह में उन्हें खेल रत्न से सम्मानित करने का मौका मिला था।
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-प्रो. राजकुमार, वाइस चांसलर, पीयू
धैर्य और दृढ़ संकल्प के प्रतीक थे फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह। मैंने 62 वर्षों से उनके ऑटोग्राफ को संजोकर रखा है।
-पवन बंसल, पूर्व सांसद, चंडीगढ़