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Chandigarh News: बराला पर टिप्पणी से हंगामा, निर्दलीय विधायक रावत और वत्स भिड़े
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रावत के समर्थन में खड़े हुए भाजपा विधायक, वत्स का मोर्चा कांग्रेसियों ने संभाला
स्पीकर वत्स को बाहर जाने के लिए कहा, मुख्यमंत्री ने भी बताया अनुशासनहीनता
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन भाजपा नेता सुभाष बराला पर निजी टिप्पणी करने को लेकर पृथला से निर्दलीय विधायक नयनपाल रावत और बादली से कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स आपस में भिड़ गए। दोनों में तीखी नोंक-झोंक हुई और अपनी-अपनी सीट से खड़े हो गए। तनावपूर्ण हुई स्थिति के बीच स्पीकर ने वत्स को बाहर जाने के लिए कह दिया। इस पर कांग्रेस के अन्य विधायक खड़े हो गए और फैसले का विरोध किया। इधर, भाजपा विधायकों ने रावत का साथ दिया। खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वत्स के व्यवहार को अनुशासनहीन कहते हुए उन्हें बाहर करने को कहा। इसको लेकर सदन में करीब 15 मिनट तक हंगामा चला। दरअसल, राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के अभिभाषण पर चर्चा चल रही थी। बरवाला से जजपा के विधायक जोगी राम सिहाग सरकार की उपलब्धियां का गुणगान कर रहे थे। इसी बीच भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष बराला सदन की दर्शक दीर्घा में पहुंच गए। तभी विधायक रावत खड़े हुए और आरोप लगाया कि विधायक कुलदीप वत्स बराला पर टिप्पणी कर रहे हैं। वत्स ने इस बात का विरोध किया। दोनों एक दूसरे से उलझ गए और एक दूसरे पर निजी आरोप जड़े। स्पीकर के कहने पर वत्स नहीं बैठे तो स्पीकर की सीट पर बैठे मोहन लाल बड़ौली ने वत्स को सदन से बाहर जाने कहा। इस पर कांग्रेस के अन्य विधायक वत्स के समर्थन में खड़े हो गए। दूसरी ओर, भाजपा के विधायक रावत के समर्थन में आ गए और वत्स को बाहर जाने पर अड़ गए। इसी बीच डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा सीट पर आ गए और उन्होंने सभी को शांत कराया।
मैंने कुछ नहीं कहा, रावत ने नंबर बनाने के लिए हंगामा किया : वत्स (फोटो)
कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने कहा बराला समेत तमाम नेता मेरे लिए सम्माननीय हैं। मैंने बराला पर कोई टिप्पणी नहीं की, हां, विधायक जोगी राम सिहाग जब सरकार की प्रशंसा कर रहे थे तो उस समय जरूर विपक्षी होने के नाते विरोध जताया था। नयन पाल रावत केवल नंबर बनाने के लिए यह हंगामा खड़ा किया है। रावत द्वारा अपशब्दों का प्रयोग किया गया, जो निंदनीय है। अगर कोई बराला की विधानसभा चुनावों में हार की बात करता है तो बता दूं कि उनकी हार 55 हजार से नहीं हुई थी, केवल भ्रमित करने के लिए यह कहा जा रहा है।
बराला के बारे में गलत बोला, इसलिए मुझे गुस्सा आया : रावत (फोटो)
निर्दलीय विधायक नयपाल रावत ने कहा कि सुभाष बराला जब सदन की दर्शक दीर्घा में आए तो विधायक कुलदीप वत्स अपनी सीट से उठकर पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली के पीछे बैठ गए और कहा कि बराला मंत्री से आंख नहीं मिला पाएगा, क्योंकि 55 हजार से हरा रखा है। मुझे यह बुरा लगा, क्योंकि सदन में जो भी नेता और विद्यार्थी आदि आते हैं, सभी सदस्य मेज थपथपा कर उनका स्वागत करते हैं। विधायक का यह रवैया मुझे पसंद नहीं आया और मैंने इसका विरोध जताया।
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स्पीकर वत्स को बाहर जाने के लिए कहा, मुख्यमंत्री ने भी बताया अनुशासनहीनता
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन भाजपा नेता सुभाष बराला पर निजी टिप्पणी करने को लेकर पृथला से निर्दलीय विधायक नयनपाल रावत और बादली से कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स आपस में भिड़ गए। दोनों में तीखी नोंक-झोंक हुई और अपनी-अपनी सीट से खड़े हो गए। तनावपूर्ण हुई स्थिति के बीच स्पीकर ने वत्स को बाहर जाने के लिए कह दिया। इस पर कांग्रेस के अन्य विधायक खड़े हो गए और फैसले का विरोध किया। इधर, भाजपा विधायकों ने रावत का साथ दिया। खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वत्स के व्यवहार को अनुशासनहीन कहते हुए उन्हें बाहर करने को कहा। इसको लेकर सदन में करीब 15 मिनट तक हंगामा चला। दरअसल, राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के अभिभाषण पर चर्चा चल रही थी। बरवाला से जजपा के विधायक जोगी राम सिहाग सरकार की उपलब्धियां का गुणगान कर रहे थे। इसी बीच भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष बराला सदन की दर्शक दीर्घा में पहुंच गए। तभी विधायक रावत खड़े हुए और आरोप लगाया कि विधायक कुलदीप वत्स बराला पर टिप्पणी कर रहे हैं। वत्स ने इस बात का विरोध किया। दोनों एक दूसरे से उलझ गए और एक दूसरे पर निजी आरोप जड़े। स्पीकर के कहने पर वत्स नहीं बैठे तो स्पीकर की सीट पर बैठे मोहन लाल बड़ौली ने वत्स को सदन से बाहर जाने कहा। इस पर कांग्रेस के अन्य विधायक वत्स के समर्थन में खड़े हो गए। दूसरी ओर, भाजपा के विधायक रावत के समर्थन में आ गए और वत्स को बाहर जाने पर अड़ गए। इसी बीच डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा सीट पर आ गए और उन्होंने सभी को शांत कराया।
मैंने कुछ नहीं कहा, रावत ने नंबर बनाने के लिए हंगामा किया : वत्स (फोटो)
कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने कहा बराला समेत तमाम नेता मेरे लिए सम्माननीय हैं। मैंने बराला पर कोई टिप्पणी नहीं की, हां, विधायक जोगी राम सिहाग जब सरकार की प्रशंसा कर रहे थे तो उस समय जरूर विपक्षी होने के नाते विरोध जताया था। नयन पाल रावत केवल नंबर बनाने के लिए यह हंगामा खड़ा किया है। रावत द्वारा अपशब्दों का प्रयोग किया गया, जो निंदनीय है। अगर कोई बराला की विधानसभा चुनावों में हार की बात करता है तो बता दूं कि उनकी हार 55 हजार से नहीं हुई थी, केवल भ्रमित करने के लिए यह कहा जा रहा है।
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बराला के बारे में गलत बोला, इसलिए मुझे गुस्सा आया : रावत (फोटो)
निर्दलीय विधायक नयपाल रावत ने कहा कि सुभाष बराला जब सदन की दर्शक दीर्घा में आए तो विधायक कुलदीप वत्स अपनी सीट से उठकर पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली के पीछे बैठ गए और कहा कि बराला मंत्री से आंख नहीं मिला पाएगा, क्योंकि 55 हजार से हरा रखा है। मुझे यह बुरा लगा, क्योंकि सदन में जो भी नेता और विद्यार्थी आदि आते हैं, सभी सदस्य मेज थपथपा कर उनका स्वागत करते हैं। विधायक का यह रवैया मुझे पसंद नहीं आया और मैंने इसका विरोध जताया।
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