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गैंगरेप पीड़िता के परिवार ने घर छोड़ा
राजेश ढल्ल
Updated Sun, 12 Jan 2014 03:58 PM IST
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पुलिस कर्मचारियों द्वारा गैंगरेप की पीड़िता छात्रा और उसके परिवार को पहचान उजागर होने के कारण अपना घर छोड़ना पड़ा। वे खुड्डा लाहौरा से किसी दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं।
परिवार ने इसकी सूचना पुलिस की एसआईटी टीम को दे दी है। मालूम हो कि घटना के बाद योग गुरु बाबा रामदेव भारी भीड़ के साथ पीड़िता के घर पर गए थे। इससे गांव में पीड़िता के घर की पहचान हो गई थी।
पीड़िता के वकील ब्रजेश्वर जसवाल का कहना है कि पीड़िता के भाई ने उन्हें जानकारी दी है कि वह खुड्डा लाहौरा से मकान बेच चुके हैं और अब दूसरी जगह किराए पर रह रहे हैं। जसवाल के मुताबिक पहचान उजागर होने के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
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समझौते का बन रहा दबाव :
वकील ब्रजेश्वर जसवाल का कहना है कि पीड़िता और परिवार पर लगातार समझौते का भी दबाव बन रहा था जिस कारण भी परिवार को घर शिफ्ट करने का कदम उठाना पड़ा।
रामदेव पर मामला दर्ज न हुआ तो कोर्ट में जाएंगे :
युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष हरमेल केसरी का कहना है कि बाबा रामदेव ने पीड़िता की पहचान उजागर की है। ऐसे में पुलिस को बाबा रामदेव के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करना चाहिए।
उनका कहना है कि मामला दर्ज न हुआ तो वह जल्द अदालत में अलग से अर्जी दाखिल करेंगे। गौरतलब है कि युवा कांग्रेस की ओर से बाबा रामदेव की शिकायत पुलिस विभाग के आईजी को दी गई थी लेकिन अभी तक पुलिस की ओर से पहचान उजागर होने के मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यह शिकायत दिए हुए दो सप्ताह से ज्यादा समय हो गया है।
पीड़िता का चार बार दर्ज हो चुका है बयान :
एडवोकेट जसवाल का कहना है कि पीड़िता के भाई ने उन्हें बताया है कि एसआईटी की ओर से की जा रही जांच से वह संतुष्ट है। उधर एसआईटी अभी तक पीड़िता को चार बार बयान दर्ज करने के लिए बुला चुकी है।
हालांकि अभी तक एसआईटी की टीम की ओर से विभाग को जांच रिपोर्ट नहीं सौंपी गई है। एसआईटी की टीम की ओर से इस मामले का चालान तैयार किया जा रहा है।
फरवरी में पेश हो सकता है चालान :
उम्मीद है कि फरवरी माह के पहले सप्ताह तक एसआईटी की टीम इस मामले में चालान अदालत में पेश कर देगी। आईजी आरपी उपाध्याय के अनुसार एसआईटी की ओर से ही चालान तैयार किया जा रहा है।
इसे जल्द से जल्द अदालत में चालान पेश कर दिया जाएगा। इस मामले में सभी पांचों आरोपी पुलिस कर्मचारी इस समय न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं।
अक्षय और अनिल के परिजनों ने की शिकायत
मामले के उजागर होने के बाद प्रदर्शनकारियों ने आरोपी कांस्टेबल अक्षय और अनिल के साथ सेक्टर-16 अस्पताल में मारपीट की थी। इसकी शिकायत भी आरोपियों के परिजनों ने पुलिस में दी है। पुलिस ने मारपीट की वीडियो क्लीपिंग मंगवा ली है।
अगले हफ्ते मिलेगी सीटों की जांच रिपोर्ट
पुलिस की ओर से पीड़िता नाबालिग लड़की का अस्पताल में मेडिकल करवाया गया था। इसके साथ ही दो पीसीआर गाड़ियों की सीटों से सैंपल लेकर जांच के लिए सीएफएसएल भेजे गए थे जिनकी रिपोर्ट अगले सप्ताह तक पुलिस विभाग को मिल जाएगी।
पुलिस की ओर से आरोपियों द्वारा पीड़िता के मोबाइल पर की गई कॉल का रिकार्ड भी मंगवा लिया है। इस रिकार्ड के साथ मेडिकल रिपोर्ट भी पुलिस की ओर से चालान के साथ अदालत में पेश की जाएंगी।
क्या था मामला
19 दिसंबर को सेक्टर-11 पुलिस ने नाबालिग छात्रा के बयानों पर मामला दर्ज किया था। पीड़ित लड़की ने पुलिस में दी शिकायत में कहा है कि पांच पुलिस कर्मचारियों ने उसे और उसके मां-बाप को जान से मारने की धमकी दी है।
इनमें से दो उसके साथ दुराचार करते हैं और बाकी उसे रिलेशन बनाने का दबाव डालते हैं। शिकायत के अनुसार आरोपी तीन कर्मचारी उसे संबंध बनाने के लिए ब्लैकमेल भी करते थे।
शिकायत में कहा है कि आरोपी कर्मचारी उसे जबरदस्ती गाड़ी में बिठाकर सुनसान जगह पर ले गए। वहां पर जब उसने भागने का प्रयास किया तो उसके सिर पर रिवॉल्वर लगा दी।
तीन पुलिसवालों ने छेड़छाड़ की जबकि अक्षय और सुनील ने दुराचार किया। पीड़ित लड़की के अनुसार जब वह स्कूल जाती थी तब भी पीसीआर कर्मचारी पीछा करते थे।
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परिवार ने इसकी सूचना पुलिस की एसआईटी टीम को दे दी है। मालूम हो कि घटना के बाद योग गुरु बाबा रामदेव भारी भीड़ के साथ पीड़िता के घर पर गए थे। इससे गांव में पीड़िता के घर की पहचान हो गई थी।
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पीड़िता के वकील ब्रजेश्वर जसवाल का कहना है कि पीड़िता के भाई ने उन्हें जानकारी दी है कि वह खुड्डा लाहौरा से मकान बेच चुके हैं और अब दूसरी जगह किराए पर रह रहे हैं। जसवाल के मुताबिक पहचान उजागर होने के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
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समझौते का बन रहा दबाव :
वकील ब्रजेश्वर जसवाल का कहना है कि पीड़िता और परिवार पर लगातार समझौते का भी दबाव बन रहा था जिस कारण भी परिवार को घर शिफ्ट करने का कदम उठाना पड़ा।
रामदेव पर मामला दर्ज न हुआ तो कोर्ट में जाएंगे :
युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष हरमेल केसरी का कहना है कि बाबा रामदेव ने पीड़िता की पहचान उजागर की है। ऐसे में पुलिस को बाबा रामदेव के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करना चाहिए।
उनका कहना है कि मामला दर्ज न हुआ तो वह जल्द अदालत में अलग से अर्जी दाखिल करेंगे। गौरतलब है कि युवा कांग्रेस की ओर से बाबा रामदेव की शिकायत पुलिस विभाग के आईजी को दी गई थी लेकिन अभी तक पुलिस की ओर से पहचान उजागर होने के मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यह शिकायत दिए हुए दो सप्ताह से ज्यादा समय हो गया है।
पीड़िता का चार बार दर्ज हो चुका है बयान :
एडवोकेट जसवाल का कहना है कि पीड़िता के भाई ने उन्हें बताया है कि एसआईटी की ओर से की जा रही जांच से वह संतुष्ट है। उधर एसआईटी अभी तक पीड़िता को चार बार बयान दर्ज करने के लिए बुला चुकी है।
हालांकि अभी तक एसआईटी की टीम की ओर से विभाग को जांच रिपोर्ट नहीं सौंपी गई है। एसआईटी की टीम की ओर से इस मामले का चालान तैयार किया जा रहा है।
फरवरी में पेश हो सकता है चालान :
उम्मीद है कि फरवरी माह के पहले सप्ताह तक एसआईटी की टीम इस मामले में चालान अदालत में पेश कर देगी। आईजी आरपी उपाध्याय के अनुसार एसआईटी की ओर से ही चालान तैयार किया जा रहा है।
इसे जल्द से जल्द अदालत में चालान पेश कर दिया जाएगा। इस मामले में सभी पांचों आरोपी पुलिस कर्मचारी इस समय न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं।
अक्षय और अनिल के परिजनों ने की शिकायत
मामले के उजागर होने के बाद प्रदर्शनकारियों ने आरोपी कांस्टेबल अक्षय और अनिल के साथ सेक्टर-16 अस्पताल में मारपीट की थी। इसकी शिकायत भी आरोपियों के परिजनों ने पुलिस में दी है। पुलिस ने मारपीट की वीडियो क्लीपिंग मंगवा ली है।
अगले हफ्ते मिलेगी सीटों की जांच रिपोर्ट
पुलिस की ओर से पीड़िता नाबालिग लड़की का अस्पताल में मेडिकल करवाया गया था। इसके साथ ही दो पीसीआर गाड़ियों की सीटों से सैंपल लेकर जांच के लिए सीएफएसएल भेजे गए थे जिनकी रिपोर्ट अगले सप्ताह तक पुलिस विभाग को मिल जाएगी।
पुलिस की ओर से आरोपियों द्वारा पीड़िता के मोबाइल पर की गई कॉल का रिकार्ड भी मंगवा लिया है। इस रिकार्ड के साथ मेडिकल रिपोर्ट भी पुलिस की ओर से चालान के साथ अदालत में पेश की जाएंगी।
क्या था मामला
19 दिसंबर को सेक्टर-11 पुलिस ने नाबालिग छात्रा के बयानों पर मामला दर्ज किया था। पीड़ित लड़की ने पुलिस में दी शिकायत में कहा है कि पांच पुलिस कर्मचारियों ने उसे और उसके मां-बाप को जान से मारने की धमकी दी है।
इनमें से दो उसके साथ दुराचार करते हैं और बाकी उसे रिलेशन बनाने का दबाव डालते हैं। शिकायत के अनुसार आरोपी तीन कर्मचारी उसे संबंध बनाने के लिए ब्लैकमेल भी करते थे।
शिकायत में कहा है कि आरोपी कर्मचारी उसे जबरदस्ती गाड़ी में बिठाकर सुनसान जगह पर ले गए। वहां पर जब उसने भागने का प्रयास किया तो उसके सिर पर रिवॉल्वर लगा दी।
तीन पुलिसवालों ने छेड़छाड़ की जबकि अक्षय और सुनील ने दुराचार किया। पीड़ित लड़की के अनुसार जब वह स्कूल जाती थी तब भी पीसीआर कर्मचारी पीछा करते थे।