{"_id":"6490bcdbf97d8a28fe045d09","slug":"increased-trend-towards-gluten-free-diet-dietitian-warns-chandigarh-news-c-16-sml1026-168756-2023-06-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: ग्लूटेन फ्री डाइट के प्रति बढ़ा रुझान, आहार विशेषज्ञ ने किया आगाह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: ग्लूटेन फ्री डाइट के प्रति बढ़ा रुझान, आहार विशेषज्ञ ने किया आगाह
विज्ञापन
चंडीगढ़। मोटे अनाज के फायदों को देखते हुए हाल ही के वर्षों में ग्लूटेन फ्री डाइट के प्रति लोगों में रुझान में बढ़ा है। वजन कम करने के लिए भी कई लोग ग्लूटेन फ्री डाइट अपना रहे हैं। लेकिन आहार विशेषज्ञ का कहना है कि डाइट अपनाने से बेहतर है कि संतुलित भोजन का सेवन करें। मोटे अनाज में ग्लूटेन न होने से भी ग्लूटेन फ्री डाइट के प्रति क्रेज बढ़ा है। इस डाइट को अपनाने से पहले जान लें कि आखिर ग्लूटेन क्या है और आहार विशेषज्ञों का इसके बारे में क्या कहना है।
ग्लूटेन क्या है?
ग्लूटेन तरह तरह की प्रोटीन का मिश्रण है जो गेहूं, मैदे में होता है और उसे लसलसा बनाता है। ग्लूटेन फ्री डाइट अक्सर वह लोग लेते हैं जिन्हें गेहूं से एलर्जी होती है या सीलिएक रोग या फिर व्हीट इनटॉलरेंस होती है। तीनों स्थिति में व्यक्ति को ग्लूटेन से बनीं चीजें सूट नहीं करतीं।
ग्लूटेन में फाइबर होने से कई लोग वजन कम करने के लिए ग्लूटेन फ्री डाइट लेते हैं। वहीं, आहार विशेषज्ञ डॉ. मनीषा ने बताया कि वजन कम करने के लिए वह ग्लूटेन फ्री डाइट लेने की सलाह नहीं देतीं। शरीर को स्वस्थ रहने के लिए पोषणयुक्त खाने की जरूरत होती है। पूरी तरह से ग्लूटेन का सेवन बंद करने से शरीर में कार्ब्स और अन्य पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। सीलिएक बीमारी, गेहूं से एलर्जी या इनटॉलरेंस होने पर ही ग्लूटेन फ्री डाइट को अपनाना चाहिए। लेकिन संतुलित आहार के लिए जरूरी है कि व्यक्ति ग्लूटेन को भी अपनी डाइट में शामिल करें।
विज्ञापन
खाने को लेकर आहार विशेषज्ञ की टिप्स
मोटे अनाज को खाने में करें शामिल
पूरी तरह ग्लूटेन फ्री आहार की जगह मोटे अनाज को अपने खाने में शामिल करें जो ग्लूटेन मुक्त होता है। मोटे अनाज को बिस्कुट, आटा आदि चीजों में मिलाकर किसी भी रूप में लिया जा सकता है। मोटे अनाज लेना जरूरी है चाहे किसी भी रूप में लें।
समय पर लें आहार
व्यस्त जीवन होने के कारण कई लोग अपने खाने के समय में संतुलन नहीं बना पाते और एक बार भोजन कर लंबे समय का ब्रेक देते हैं। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। खाने के बीच के अंतराल को बहुत अधिक न रखें। समय पर खाना खाने से स्वास्थ्य बरकरार करने में सहायता मिलती है।
स्वस्थ जीवन के लिए डॉ. मनीषा दिए जरूरी टिप्स
-स्टीम से खाने बनाना और अंकुरित चने खाना बनाने के श्रेष्ठ तरीकों में शामिल है। इसके अलावा दालों को भिगोकर बनाना ज्यादा फायदेमंद रहता है जिससे अधिक डी-कॉप्लेक्स विटामिन मिलते हैं।
-स्वस्थ रहने के लिए किसी निश्चित डाइट का पालन करना जरूरी नहीं है। जितना हो सके उतना सादा खाना खाएं। प्रोसेस्ड और प्रेजर्वड खाने से दूरी बनाएं। ऐसी दालें, चावल लें जो पालिश्ड न हों।
शहर में ग्लूटेन फ्री कैफे भी खुला
ग्लूटेन फ्री चीजों की उपलब्धता में कमी को देखते हुए सेक्टर- 35 में एक कैफे खोला गया है। यहां सिर्फ ग्लूटनमुक्त चीजें मिलती हैं। इसमें समोसे, पिज्जा नूडल से लेकर केक, पेस्ट्री, बिस्कुट तक सब ग्लूटेन फ्री है। इसके अलावा कैफे में वीगन और बिना तेल की खाने पीने की चीजें भी मिलती हैं।
विज्ञापन
ग्लूटेन क्या है?
ग्लूटेन तरह तरह की प्रोटीन का मिश्रण है जो गेहूं, मैदे में होता है और उसे लसलसा बनाता है। ग्लूटेन फ्री डाइट अक्सर वह लोग लेते हैं जिन्हें गेहूं से एलर्जी होती है या सीलिएक रोग या फिर व्हीट इनटॉलरेंस होती है। तीनों स्थिति में व्यक्ति को ग्लूटेन से बनीं चीजें सूट नहीं करतीं।
विज्ञापन
ग्लूटेन में फाइबर होने से कई लोग वजन कम करने के लिए ग्लूटेन फ्री डाइट लेते हैं। वहीं, आहार विशेषज्ञ डॉ. मनीषा ने बताया कि वजन कम करने के लिए वह ग्लूटेन फ्री डाइट लेने की सलाह नहीं देतीं। शरीर को स्वस्थ रहने के लिए पोषणयुक्त खाने की जरूरत होती है। पूरी तरह से ग्लूटेन का सेवन बंद करने से शरीर में कार्ब्स और अन्य पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। सीलिएक बीमारी, गेहूं से एलर्जी या इनटॉलरेंस होने पर ही ग्लूटेन फ्री डाइट को अपनाना चाहिए। लेकिन संतुलित आहार के लिए जरूरी है कि व्यक्ति ग्लूटेन को भी अपनी डाइट में शामिल करें।
विज्ञापन
खाने को लेकर आहार विशेषज्ञ की टिप्स
मोटे अनाज को खाने में करें शामिल
पूरी तरह ग्लूटेन फ्री आहार की जगह मोटे अनाज को अपने खाने में शामिल करें जो ग्लूटेन मुक्त होता है। मोटे अनाज को बिस्कुट, आटा आदि चीजों में मिलाकर किसी भी रूप में लिया जा सकता है। मोटे अनाज लेना जरूरी है चाहे किसी भी रूप में लें।
समय पर लें आहार
व्यस्त जीवन होने के कारण कई लोग अपने खाने के समय में संतुलन नहीं बना पाते और एक बार भोजन कर लंबे समय का ब्रेक देते हैं। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। खाने के बीच के अंतराल को बहुत अधिक न रखें। समय पर खाना खाने से स्वास्थ्य बरकरार करने में सहायता मिलती है।
स्वस्थ जीवन के लिए डॉ. मनीषा दिए जरूरी टिप्स
-स्टीम से खाने बनाना और अंकुरित चने खाना बनाने के श्रेष्ठ तरीकों में शामिल है। इसके अलावा दालों को भिगोकर बनाना ज्यादा फायदेमंद रहता है जिससे अधिक डी-कॉप्लेक्स विटामिन मिलते हैं।
-स्वस्थ रहने के लिए किसी निश्चित डाइट का पालन करना जरूरी नहीं है। जितना हो सके उतना सादा खाना खाएं। प्रोसेस्ड और प्रेजर्वड खाने से दूरी बनाएं। ऐसी दालें, चावल लें जो पालिश्ड न हों।
शहर में ग्लूटेन फ्री कैफे भी खुला
ग्लूटेन फ्री चीजों की उपलब्धता में कमी को देखते हुए सेक्टर- 35 में एक कैफे खोला गया है। यहां सिर्फ ग्लूटनमुक्त चीजें मिलती हैं। इसमें समोसे, पिज्जा नूडल से लेकर केक, पेस्ट्री, बिस्कुट तक सब ग्लूटेन फ्री है। इसके अलावा कैफे में वीगन और बिना तेल की खाने पीने की चीजें भी मिलती हैं।