रोहतक, अंबाला समेत कई जिलों में दिवाली के बाद बढ़ रहे डेंगू के रोगी, जानें लक्षण और बचाव
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बीते कई महीने से लारवारोधी अभियान चलाने के बावजूद हरियाणा के कई जिलों में दिवाली के बाद भी डेंगू और मलेरिया के मरीज सामने आ रहे हैं। राहत की बात यह है कि पिछले साल के मुकाबले इस बार अपेक्षाकृत कम मामले सामने आए हैं। हालांकि लोगों को अब भी सचेत रहने की जरूरत है, क्योंकि नवंबर का पहला हफ्ता डेंगू के फैलने के लिए अनुकूल माना जाता है। उधर, नारनौल में इस सीजन में स्क्रब टाइफस के 12 मरीज मिले हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बताते हैं कि सितंबर से शुरू हुए सीजन में मच्छरजनित बीमारियों हर जिले में फैली हुई है। अंबाला में प्रदेश में डेंगू के सबसे अधिक 145 पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं। इनमें दो महिला मरीजों की मौत चंडीगढ़ के अस्पताल में हो चुकी है। डेंगू का डंक दिवाली के बाद भी लोगों को सता रहा है। जिले में पिछले 5 दिनों में 20 मामले सामने आए हैं।
अंबाला के नारायणगढ़ के हुसैनी गांव में सबसे ज्यादा 52 केस मिले हैं। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है। अंबाला की तरह यमुनानगर में भी डेंगू ने 88 लोगों को अपनी चपेट में लिया है। इनमें दो मरीजों की मौत हो चुकी है। हिसार में 21 मरीज डेंगू के डंक से पीड़ित हैं। हाल में डेंगू के संदिग्ध 16 मरीजों के रक्त नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
अब इसे एंटी लरवा, सफाई अभियान और विभागीय सतर्कता का असर कहें या मौसम की मेहरबानी। रेवाड़ी में पिछले साल इस अवधि में डेंगू के 180 मामले और मलेरिया के 13 मामले सामने आए थे, लेकिन इस बार डेंगू की चपेट 12 लोग और 7 मरीज मलेरिया से पीड़ित हुए हैं। यही हाल रोहतक का है। दिवाली के बाद यहां रोजाना चार-पांच मरीज सामने आ रहे हैं।
जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. विवेक मोर ने बताया कि अभी जो केस सामने आ रहे हैं, वह पुराने केस हैं। डेंगू के मच्छर के काटने के दस से 15 दिन बाद उसका असर होता है। भिवानी में अब 51 मामले सामने आ चुके हैं, हालांकि विभाग का दावा है कि इनमें ज्यादातर केस दूसरे जिलों के हैं।
| जिला | डेंगू | मलेरिया |
| अंबाला | 145 | 7 |
| रोहतक | 106 | 12 |
| यमुनानगर | 88 | 55 |
| सिरसा | 54 | उपलब्ध नहीं |
| गुरुग्राम | 52 | 15 |
| भिवानी | 51 | 9 |
| हिसार | 21 | 40 |
| चरखी दादरी | 17 | 12 |
| जींद | 14 | 3 |
| रेवाड़ी | 12 | 7 |
| कैथल | 5 | 0 |
| झज्जर | 6 | 43 |
| महेंद्रगढ़ | 6 | 0 |
| फतेहाबाद | 6 | 5 |
| सोनीपत | 6 | 7 |
जिला अस्पताल में मरीजों की स्थिति
अक्तूबर में
तिथि मलेरिया डेंगू
29 00 3
30 00 0
31 00 9
नवंबर में
2 00 3
4 00 9
यह है डेंगू
डेंगू एडिज मच्छर के काटने से होता है। इसके सबसे खतरनाक लक्षणों में हड्डियों का दर्द शामिल है। इसी वजह से डेंगू बुखार को हड्डी तोड़ बुखार के नाम से भी जाना जाता है। यह बारिश के मौसम में होता है, क्योंकि इसके मच्छर को पनपने के लिए भरपूर साफ पानी और अनुकूल वातावरण मिल जाता है।
लक्षण
1. त्वचा पर चकत्ते
2. तेज सिर दर्द
3. पीठ दर्द
4. आंखों में दर्द
5. तेज बुखार
6. मसूड़ों से खून बहना
7. नाक से खून बहना
8. जोड़ों में दर्द
9. उल्टी
बचाव के उपाएं
1. एडिज मच्छर दिन के समय काटता है. इसलिए दिन में भी बचाव करें।
2. शरीर को ढक कर रखें, पूरी बाजू के कपडे़ पहनें।
3. घर के अंदर और आस-पास सफाई रखें।
4. कूलर, गमले और टायर आदि पानी ना भरने दें।
5. कूलर या पानी वाली जगहों पर तेल या मच्छर भगाने का पाउडर छिड़कें।
6. पानी की टंकियों को सही तरीके से ढंक कर रखें।
7. खिड़की और दरवाजों में जाली लगवाएं।