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Chandigarh News: अधूरी रेलिंग दे रही हादसों को न्योता, बापूधाम समेत कई पुलों पर खतरा बरकरार
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मनीमाजरा। शहर के व्यस्त पुलों पर सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही लगातार हादसों को न्योता दे रही है। बरसाती सीजन में आई बाढ़ के दौरान टूटी रेलिंगों को अब तक पूरी तरह दुरुस्त नहीं किया गया है। हालात यह हैं कि कई पुलों पर अधूरी और कमजोर रेलिंग ही लगाकर औपचारिकता पूरी कर दी गई है।
जिसका नतीजा शनिवार सवेरे करीब 3:30 बजे बापूधाम के पीछे बने छोटे पुल पर देखने को मिला। यहां पर एक कार अनियंत्रित होकर नीचे जा गिरी। हादसे में चार लोग घायल हो गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुल पर मजबूत और मानक के अनुरूप रेलिंग लगी होती तो संभवत: वाहन नीचे नहीं गिरता। मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद प्रशासन ने रेलिंग लगाने का काम शुरू तो कराया, लेकिन वह भी अधूरा छोड़ दिया गया। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी पुलों की सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा जांच कर मानकों के अनुरूप मजबूत रेलिंग लगाई जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
लगाए गए पोल भी काफी पतले हैं
समाजसेवी रामेश्वर गिरी और भारत भूषण गोयल का कहना है कि प्रशासन पहले तो काम में देरी करता है और जब करता है तो गुणवत्ता से समझौता कर लिया जाता है। उनका आरोप है कि लगाए गए पोल भी काफी पतले हैं और ऊपर की सपोर्ट पाइप नहीं लगाई गई है। यदि इस अधूरे कार्य का भुगतान ठेकेदार को कर दिया गया है तो यह और भी गंभीर लापरवाही है।
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जिसका नतीजा शनिवार सवेरे करीब 3:30 बजे बापूधाम के पीछे बने छोटे पुल पर देखने को मिला। यहां पर एक कार अनियंत्रित होकर नीचे जा गिरी। हादसे में चार लोग घायल हो गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुल पर मजबूत और मानक के अनुरूप रेलिंग लगी होती तो संभवत: वाहन नीचे नहीं गिरता। मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद प्रशासन ने रेलिंग लगाने का काम शुरू तो कराया, लेकिन वह भी अधूरा छोड़ दिया गया। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी पुलों की सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा जांच कर मानकों के अनुरूप मजबूत रेलिंग लगाई जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
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लगाए गए पोल भी काफी पतले हैं
समाजसेवी रामेश्वर गिरी और भारत भूषण गोयल का कहना है कि प्रशासन पहले तो काम में देरी करता है और जब करता है तो गुणवत्ता से समझौता कर लिया जाता है। उनका आरोप है कि लगाए गए पोल भी काफी पतले हैं और ऊपर की सपोर्ट पाइप नहीं लगाई गई है। यदि इस अधूरे कार्य का भुगतान ठेकेदार को कर दिया गया है तो यह और भी गंभीर लापरवाही है।
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