रावण दहण पर यहां भी हो जाता 'पटना' जैसा हादसा
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रावण दहन पर पंजाब में भी पटना के गांधी मैदान जैसा हादसा हो सकता था जिसमे 40 से ज्यादा हताहत हुए। दरअसल, पंजाब के सुनाम (संगरूर)। दशहरे मेले के दौरान गुब्बारे में गैस भरने वाले सिलेंडर के फटने से 12 साल के एक बालक की मौत के अलावा गुब्बारे बेचने वाले व्यक्ति की दोनों टांगें उड़ गई।
वहीं पास खडे़ एक व्यक्ति की आंखें चली गईं। दोनों का संगरूर के सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस हादसे से यदि भगदड़ मचती तो यहां कई और लोग हताहत हो सकते थे। वहीं जहां यह हादसा हुआ वहां रेलवे ट्रैक से महज बीस गज की दूरी पर रावण दहन किया जा रहा था।
जिस वक्त रावण दहन का समय हुआ ठीक उसी समय करीब छह बजे यहां से दिल्ली-जम्मू शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन ने गुजरना था। रावण दहन को देखने के लिए करीब तीन से चार हजार लोगों की भीड़ रेलवे ट्रैक पर जमा थी।
बार-बार शताब्दी के आने की घोषणा के बावजूद भीड़ पीछे हटने का नाम नहीं ले रही थी और आखिरकार शताब्दी को ही करीब दस मिनट के लिए रोकना पड़ा।
पंजाब सरकार ने किया आर्थिक मदद की घोषणा
भीड़ को नियंत्रित करने में रेलवे प्रशासन की नाकामी साफ नजर आ रही थी। इसी दौरान गुब्बारे में गैस भरने वाला सिलेंडर बडे़ धमाके के साथ फटा। जिससे कई लोगों के शरीर के अंग दूर जा गिरे।
रेलवे परिसर के भीतर दशहरे मेले के दौरान सिलेंडरों को ले जाने की अनुमति देने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। रेलवे परिसर में रावण के पुतले को जलाना भी कम जोखिम भरा नहीं था।
वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा ने हादसे में घायल हुए लोगों और मारे गए बालक के परिजनों को आर्थिक मदद देने का भरोसा दिलाया है। उन्होंने हादसे पर दुख व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई। अरुण सिंह, स्टेशन मास्टर, सुनाम ने बताया कि रेलवे द्वारा परिसर के भीतर रामलीला करने या रावण दहन की अनुमति किसी को भी नहीं दी गई थी।