{"_id":"5a0358204f1c1b6a678ba612","slug":"in-next-three-days-chandigarh-weather-will-change","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अगले 3 दिनों में छाएगा चंडीगढ़ में घना कोहरा, ठहर जाएगा हवाई सफर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अगले 3 दिनों में छाएगा चंडीगढ़ में घना कोहरा, ठहर जाएगा हवाई सफर
योगेंद्र त्रिपाठी/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 09 Nov 2017 09:13 AM IST
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- फोटो : File Photo
शहर के मौसम में तीन दिन बाद घना कोहरा छाएगा। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो आने वाले एक सप्ताह के अंदर दिन और रात के तापमान में और गिरावट आएगी। वहीं दिन में मौसम में ठंडक बनी रहने के बाद पर्यटन स्थल गुलजार दिखे।
बुधवार को शहर का अधिकतम तापमान 27.4 और न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री रिकार्ड किया गया। चंडीगढ़ मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि मौसम में नमी लगातार बढ़ रही है। इसलिए धुंध बढ़ती जा रही है। हवा का रुख दक्षिणी पूर्वी होने से साथ वातावरण में नमी की मात्रा बढ़ रही है। अभी ठंडक 15 से 20 नवंबर तक बढ़ जाएगी। मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि हल्की धुंध और ठंड पड़नी शुरू हो गई है। ठिठुरन वाली ठंड पश्चिमी विक्षोभ पर निर्भर करती है। दिन में भले ही अधिकतम तापमान में बहुत अंतर न हो, लेकिन रात में पारा गिरने लगा है।
शाम को लगातार ठंड बढ़ती जा रही है। लोगों ने रात को गर्म कपड़े निकाल लिए हैं। उन्होंने बताया कि नवंबर में लगातार रात के तापमान में और गिरावट आएगी। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार नौ नवंबर को 28 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम 14 डिग्री, 10 नवंबर को 27 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम 15 डिग्री, 11 नवंबर को 27 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 15 डिग्री सेल्सियस, 12 नवंबर को 27 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस व 13 नवंबर को 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। वहीं दिन में मौसम में धूप खिली होने के बाद लोग सुखना लेक, रोज गार्डन और रॉक गार्डन घूमते नजर आए।
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बुधवार को शहर का अधिकतम तापमान 27.4 और न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री रिकार्ड किया गया। चंडीगढ़ मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि मौसम में नमी लगातार बढ़ रही है। इसलिए धुंध बढ़ती जा रही है। हवा का रुख दक्षिणी पूर्वी होने से साथ वातावरण में नमी की मात्रा बढ़ रही है। अभी ठंडक 15 से 20 नवंबर तक बढ़ जाएगी। मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि हल्की धुंध और ठंड पड़नी शुरू हो गई है। ठिठुरन वाली ठंड पश्चिमी विक्षोभ पर निर्भर करती है। दिन में भले ही अधिकतम तापमान में बहुत अंतर न हो, लेकिन रात में पारा गिरने लगा है।
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शाम को लगातार ठंड बढ़ती जा रही है। लोगों ने रात को गर्म कपड़े निकाल लिए हैं। उन्होंने बताया कि नवंबर में लगातार रात के तापमान में और गिरावट आएगी। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार नौ नवंबर को 28 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम 14 डिग्री, 10 नवंबर को 27 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम 15 डिग्री, 11 नवंबर को 27 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 15 डिग्री सेल्सियस, 12 नवंबर को 27 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस व 13 नवंबर को 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। वहीं दिन में मौसम में धूप खिली होने के बाद लोग सुखना लेक, रोज गार्डन और रॉक गार्डन घूमते नजर आए।
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- फोटो : getty images
इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इस बार 15 नवंबर से फ्लाइटों का सफर और थम सकता है। आसमान में लगातार धुंध के कारण फ्लाइटों के लेट होने की संभावना अधिक हो गई है। इस कारण नवंबर से जनवरी तक फ्लाइटों से चलने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अभी हाल में 9 नवंबर तक दिल्ली जाने वाली 14 फ्लाइटों का संचालन बंद हो गया है। वहीं, दिल्ली में मौसम खराब होने के कारण यह फैसला लिया है। इंटरनेशनल एयरपोर्ट से फ्लाइटें बंद होने का मुख्य कारण इंस्ट्रूमेंट लैडिंग सिस्टम (आईएलएस) कैट वन की विजुअबिलिटी 400 मीटर है।
आईएलएस थ्री अभी तक इंस्टाल नहीं हुआ है। इस बार इसे इंस्टाल करने का प्रयास किया जा रहा है। अगर कोहरा अधिक होगा तो दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू की फ्लाइटें तो आ जाएंगी लेकिन यह 400 मीटर से कम विजिबिल्टी में रन-वे पर उतर नहीं पाएंगी।
इस तरह के हालात में अमृतसर या फिर वापस दिल्ली विमान की लैंडिंग होती है। इस कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। आईएलएस थ्री इंस्टाल करने के बाद जीरो विजिबिल्टी पर फ्लाइट का संचालन हो जाएगा। इस साल इसके इंस्टाल नहीं होने पर कोहरे में फ्लाइट कैसे उतरेगी यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है।
गौरतलब है कि इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 7 नवंबर से पहले 30 फ्लाइट का संचालन होता था। लेकिन 7 से नौ नवंबर तक यह घटाकर 16 फ्लाइट तक पहुंच गया है। कोहरा अगर बना रहेगा तो फ्लाइटें और रद्द हो सकती हैं। एयरपोर्ट मैनेजर के मुताबिक आईएलएस अपग्रेडेशन का काम चल रहा है। इसे जल्द ही सही कराया जाएगा।
इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अभी हाल में 9 नवंबर तक दिल्ली जाने वाली 14 फ्लाइटों का संचालन बंद हो गया है। वहीं, दिल्ली में मौसम खराब होने के कारण यह फैसला लिया है। इंटरनेशनल एयरपोर्ट से फ्लाइटें बंद होने का मुख्य कारण इंस्ट्रूमेंट लैडिंग सिस्टम (आईएलएस) कैट वन की विजुअबिलिटी 400 मीटर है।
आईएलएस थ्री अभी तक इंस्टाल नहीं हुआ है। इस बार इसे इंस्टाल करने का प्रयास किया जा रहा है। अगर कोहरा अधिक होगा तो दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू की फ्लाइटें तो आ जाएंगी लेकिन यह 400 मीटर से कम विजिबिल्टी में रन-वे पर उतर नहीं पाएंगी।
इस तरह के हालात में अमृतसर या फिर वापस दिल्ली विमान की लैंडिंग होती है। इस कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। आईएलएस थ्री इंस्टाल करने के बाद जीरो विजिबिल्टी पर फ्लाइट का संचालन हो जाएगा। इस साल इसके इंस्टाल नहीं होने पर कोहरे में फ्लाइट कैसे उतरेगी यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है।
गौरतलब है कि इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 7 नवंबर से पहले 30 फ्लाइट का संचालन होता था। लेकिन 7 से नौ नवंबर तक यह घटाकर 16 फ्लाइट तक पहुंच गया है। कोहरा अगर बना रहेगा तो फ्लाइटें और रद्द हो सकती हैं। एयरपोर्ट मैनेजर के मुताबिक आईएलएस अपग्रेडेशन का काम चल रहा है। इसे जल्द ही सही कराया जाएगा।