फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   In Haryana urban body elections, BJP once again proved its supremacy

Haryana Local Body Election Result: निकाय चुनाव फतेह कर भाजपा ने दिखाया दम, अब पंचायत चुनाव पर नजर 

Thu, 23 Jun 2022 10:45 AM IST
निवेदिता वर्मा प्रवीण पाण्डेय, अमर उजाला, चंडीगढ़
प्रवीण पाण्डेय, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 23 Jun 2022 10:45 AM IST
सार

भाजपा ने शहरी निकाय चुनाव में 21 जिलों के 46 निकायों में से 22 चेयरमैन के पद अपने बूते जीते, जबकि 3 पर गठबंधन सहयोगी जजपा ने जीत दर्ज की।

विज्ञापन
In Haryana urban body elections, BJP once again proved its supremacy
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल। - फोटो : एएनआई

विस्तार

हरियाणा के शहरी निकाय चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर अपनी बादशाहत साबित कर दी। भाजपा का विजय रथ पहले की तरह ही आगे बढ़ा। जबकि 19 जून को जब मतदान हुआ था, उस समय प्रदेश में अग्निपथ के विरोध की आग प्रबल थी।

विज्ञापन


भाजपा ने 2014 में सत्ता संभालने के बाद से शहरी निकाय चुनावों में बड़ी जीत हासिल की है। इस बार भी शहरी मतदाताओं ने सत्तारूढ़ दल में ही अधिक विश्वास जताया, जिससे सियासी मिजाज भी पता चल गया। बुधवार को आए चुनाव नतीजों का आगामी पंचायत चुनाव और 2024 के विधानसभा चुनाव की दिशा और दशा पर काफी असर पड़ने वाला है। भाजपा ने 21 जिलों के 46 निकायों में से 22 चेयरमैन के पद अपने बूते जीते, जबकि 3 पर गठबंधन सहयोगी जजपा ने जीत दर्ज की।
विज्ञापन


भाजपा-जजपा के लिए चुनाव से पहले एक बार फिर साथ आना फायदेमंद साबित हुआ। हालांकि कुछ सीटों पर दोनों दलों के नेता बागी होकर भी लड़े, लेकिन अधिक नुकसान नहीं हुआ। भाजपा इस जीत को पूरी तरह भुनाने की कोशिश करेगी। निर्दलीय चेयरमैन जीते 7 भाजपा और एक जजपा के ही बागी हैं। इनके देर-सवेर भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार के साथ आने के संकेत मिल रहे हैं। कांग्रेस सिंबल पर न लड़कर पहले ही मुकाबले से बाहर हो चुकी थी, वह कुछ निर्दलीयों की जीत का श्रेय भले लेने की कोशिश करे, लेकिन उससे कार्यकर्ताओं में नए रक्त का संचार होने के कम ही आसार हैं। चूंकि, पार्टी में गुटबंदी खत्म होने के बजाय बढ़ती जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

पंजाब की जीत हरियाणा में बेअसर

पंजाब में प्रचंड से बहुमत सरकार बनाने के बाद आम आदमी पार्टी हरियाणा के निकाय चुनाव में बड़े उलटफेर की आस लगाए बैठे थी, जो नहीं हो पाया। आप को अभी धरातल पर और काम करने के साथ ही शहरी मतदाताओं का विश्वास जीतना होगा। पंजाब और हरियाणा की सियासत में दिन-रात का अंतर है, इसलिए पंजाब और दिल्ली की तरह यहां राजनीतिक सफलता हासिल करना आसान नहीं है। 

इनेलो को शहरों में बढ़ानी होगी पैठ

इनेलो के लिए भी ये नतीजे सुखद नहीं कहे जा सकते। उसे भी आगामी चुनावों के लिए बिसात नए सिरे से बिछानी होगी। परंपरागत तरीके की राजनीति से शहरों में जीत मिलने वाली नहीं है। उसे शहरों में पैठ बढ़ानी पड़ेगी।

2018 में जीते पांच निगम, 2020 में एक

दिसंबर 2018 में भाजपा ने पानीपत, यमुनानगर, करनाल, हिसार और रोहतक नगर निगम चुनाव जीतकर मेयर पद पर अपना कब्जा जमाया। भाजपा उ मीदवार भारी मतों से विजयी हुए थे। सरकार ने इसे भाजपा सरकार की नीतियों की जीत बताया था। पानीपत नगर निगम की मेयर अवनीत कौर रिकॉर्ड 74940 मतों से जीती थी। इसके बाद भाजपा ने दिसंबर 2020 में पंचकूला नगर निगम में जीत दर्ज की। सोनीपत में कांग्रेस जीती, जबकि अंबाला शहर में पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा की पत्नी ने जीत दर्ज की थी। विनोद शर्मा अब भाजपा के समर्थन में ही हैं।    

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed