नपुंसकता केस: राम रहीम को बचा रही सरकार
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डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों को नपुंसक बनाने के आरोप की जांच में हरियाणा सरकार सीबीआई को सहयोग नहीं कर रही है। यह बात सीबीआई ने जांच की स्थिति रिपोर्ट पेश करते हुए जस्टिस आरके जैन की बेंच को बताई। सीबीआई इस संबंध में अलग से अर्जी भी हाईकोर्ट में दाखिल करेगी।
डेरे से जुड़े रहे हंस राज चौहान ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि डेरा प्रमुख यह कह कर साधुओं को डेरे के डाक्टरों के जरिए नपुंसक बनाते हैं कि ऐसा करने पर वह उन्हें भगवान से मिला देंगे। हाईकोर्ट ने सरकार को जांच का आदेश दिया था, लेकिन सरकार की ओर से पुख्ता कार्रवाई नहीं करने पर जांच सीबीआई को सौंपी थी।
सीबीआई को स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था। वीरवार को सीबीआई ने सीलबंद लिफाफे में जांच की स्थिति रिपोर्ट पेश कर दी है। रिपोर्ट पेश करते वक्त सीबीआई के एडवोकेट सुखदीप संधू ने जस्टिस जैन की बेंच को बताया कि हरियाणा सरकार जांच में मदद नहीं कर रही है।
डेरे के वकील ने एडवोकेट की कार्यशैली पर उंगली उठाई
बेंच को बताया गया कि कुछ सरकारी मशीनरी मांगी गई थी, लेकिन यह मुहैया नहीं कराई गई। सीबीआई का कहना है कि इस शिकायत को लेकर वह अलग से अर्जी दायर करेगी ताकि जांच में किसी प्रकार की दिक्कत पेश न आए।
उधर वीरवार को इस मामले में एमिक्स क्यूरी बदल दिए गए हैं। पहले सीनियर एडवोकेट अनुपम गुप्ता को एमिक्स क्यूरी लगाया गया था, लेकिन नपुंसक बनाने के आरोप की जांच सीबीआई को देने के विरोध में डिवीजन बेंच के पास अपील की सुनवाई के दौरान डेरे के वकील ने एडवोकेट गुप्ता की कार्यशैली पर उंगली उठाई थी।
इसी वजह से एडवोकेट गुप्ता खुद ही इस मामले से हट गए थे। वीरवार को आपराधिक मामलों के प्रसिद्ध वकील सीनियर एडवोकेट आरएस चीमा को एमिक्स क्यूरी लगाया है। उल्लेखनीय है कि कोयला खदान आवंटन केस में सुप्रीम कोर्ट ने स्वयं एडवोकेट चीमा को एमिक्स क्यूरी बनाया था।