हरियाणा कैबिनेट का अहम फैसला, नंबरदारों का मेहनताना होगा दोगुना, पटवारियों पर भी मेहरबानी
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हरियाणा सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश के हजारों नंबरदारों और पटवारियों को साधने का प्रयास किया है। सरकार ने अब नंबरदारों का मेहनताना जहां दोगुना करने का फैसला लिया है, वहीं उन्हें स्मार्टफोन से भी लैस किया जाएगा। इसके अलावा नंबरदारों को आयुष्मान योजना के दायरे में लाने की भी तैयारी चल रही है। उधर, सरकार ने प्रदेश के पटवारियों को भी अंतर जिला तबादलों को मंजूरी दे दी है।
हरियाणा में नंबरदारों की संख्या 24 हजार से अधिक है। अधिकतर गांवों में दो से अधिक नंबरदार हैं, जबकि कई गांवों में तो कम्यूनिटी के हिसाब से भी सरकार ने नंबरदारों को नियुक्त किया गया है। नंबरदारों का मेहनताना करीब पांच साल पहले 750 रुपये महीना था। हुड्डा सरकार ने ये मेहनताना बढ़ाकर 1500 रुपये मासिक कर दिया। अब मनेाहर सरकार ने नंबरदारों का मेहनताना बढ़ाकर 3 हजार कर दिया है।
कुछ माह पूर्व हिसार में नंबरदारों के सम्मेलन में सीएम ने उनकी इस मांग को जरूर पूरा करने का वादा किया था। सोमवार को सौगातों का पिटारा खोलते हुए मंत्रिमंडल समूह की बैठक में इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। साथ ही इन्हें मोबाइल फोन उपलब्ध करवाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है।
दूसरे जिलों में हो सकेगा पटवारियों का तबादला
सरकार ने प्रदेश के 2800 से अधिक पटवारियों को भी बड़ी राहत देते हुए उनकी अंतर जिला तबादला नीति को मंजूरी दी है। पहली बार ऐसा होगा जब पटवारियों का तबादला दूसरे जिले में हो सकेगा। मंत्रिमंडल की बैठक में सोमवार को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में नियमित आधार पर काम करने वाले पटवारियों की अंतर-जिला स्थानांतरण नीति (कैडर परिवर्तन नीति) को मंजूरी दे दी है।
अभी राज्य में राजस्व पटवारी हरियाणा राजस्व पटवारियों (ग्रुप-सी) सेवा नियम, 2011 के अधीन हैं, यह जिला कैडर पद है और जिला उपायुक्तों के अधीनस्थ है। इसी वजह से कुछ पटवारियों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उन्हें अपने मूल आवंटित जिले से बाहर स्थानांतरित नहीं किया जा सकता है। अब उनका तबादला दूसरे जिले में हो सकेगा।
यदि पटवारी वर्तमान में कैंसर से पीड़ित है या 90 प्रतिशत या उससे अधिक शारीरिक रूप से विकलांग हैं या दिल की सर्जरी या किडनी प्रत्यारोपण या वर्तमान में डायलिसिस से गुजर रहा हैं, तो ऐसे मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी। उसका कैंसर का प्रमाण पत्र छह महीने से अधिक पुराना नहीं होना चाहिए।
उधर, उन महिला पटवारियों को भी वरीयता दी जाएगी, जिनके पति हरियाणा सरकार के राजस्व विभाग या जिला कैडर के तहत अन्य विभागों में कार्यरत हैं। यह वरीयता उन महिला पटवारियां को भी दी जाएगी, जो इस विभाग में शामिल होने के बाद शादी करती हैं और उस जिले में उनके पति या ससुराल के लोग रहते हैं। सभी महिला पटवारी, जिनके पति हरियाणा के किसी अन्य विभागों (राज्य कैडर) या बोर्डों, निगमों, हरियाणा सरकार के विश्वविद्यालयों या नगर निगम, नगर परिषद या हरियाणा के नगरपालिका समिति व अन्य में नियमित आधार पर अन्य जिलों में काम कर रहे हैं, उन्हे भी वरीयता मिलेगी।
अंतर जिला कैडर बदलने के संबंध में किसी भी शिकायत के मामले में अंतर जिला हस्तांतरण के लिए केवल एक अवसर प्रदान किया जाएगा और संबंधित कर्मचारी को इस तरह के आदेश जारी होने के 15 दिनों के भीतर ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करने का अधिकार होगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 150 के करीब महिला पटवारी कार्यरत हैं।
बीडीपीओ की हो सकेगी सीधी भर्ती
हरियाणा सरकार ने विकास एवं पंचायत विभाग की कार्यप्रणाली के मद्देनजर विकास एवं पंचायत विभाग (ग्रुप ख) सेवा नियम, 2016 में संशोधन करने का निर्णय लिया है। नए नियम हरियाणा विकास एवं पंचायत विभाग (ग्रुप ख) सेवा (संशोधन) नियम, 2018 कहलाएंगे। यह निर्णय यहां हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।
संशोधन के अनुसार यदि पात्र सामाजिक शिक्षा एवं पंचायत अधिकारी (एसईपीओ) खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) के पद पर पदोन्नति के लिए उपलब्ध नहीं है तो पदोन्नति कोटा के पदों का अधिकतम 50 प्रतिशत सीधी भर्ती से इस शर्त पर भरे जा सकते हैं कि भविष्य में सीधी भर्ती के पदों को पदोन्नति से तब तक भरा जाएगा, जब तक निर्धारित कोटा प्राप्त नहीं होता।