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नवजोत सिद्धू का हाथ कांग्रेस के साथ होने के क्या मायने हैं, विशेष रिपोर्ट
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 17 Jan 2017 01:19 PM IST
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नवजोत सिद्धू ने थामा कांग्रेस का दामन
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कांग्रेस को नवजोत सिद्धू का साथ तो मिल गया, अब देखना यह होगा कि पंजाब विधानसभा चुनाव में इस साथ के क्या मायने रहेंगे? नवजोत सिद्धू के राजनीतिक भविष्य को लेकर लगाई जा रही अटकलें रविवार को उनके कांग्रेस में शामिल होने के साथ खत्म हो गई।
सभी जानते हैं कि सिद्धू चार बार पंजाब से लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं और राजनीति में उनकी साफ सुथरी छवि है। ऐसे में सिद्धू के आने से कांग्रेस को फायदा होगा या नहीं, इसको लेकर कुछ कहा नहीं जा सकता।
लेकिन अगर पंजाब में सिद्धू का रुतबा देखें तो इससे कांग्रेस को फायदा होगा। सिद्धू चुनाव प्रचार करेंगे तो वोट बढ़ेंगे। सिद्धू अकाली दल और भाजपा पर आम आदमी पार्टी से ज्यादा आक्रामक हो सकती है।
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वहीं, यह भी कहा जा रहा है कि कांग्रेस में सिद्धू के जाने से पार्टी को फायदा होगा। कांग्रेस चुनाव जीत सकती है। पूर्ण बहुमत न भी मिला तो गठबंधन सरकार बना सकती है, क्योंकि पंजाब में अकालियों और भाजपा की छवि खराब हो चुकी है।
बीजेपी को वोट मिल सकते हैं, लेकिन इस गठबंधन को बहुमत मिलना इस बार मुश्किल है। ऐसे में सिद्धू के कांग्रेस में आने से अकाली-भाजपा गठबंधन की मुश्किलें बढ़ी ही हैं।
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सभी जानते हैं कि सिद्धू चार बार पंजाब से लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं और राजनीति में उनकी साफ सुथरी छवि है। ऐसे में सिद्धू के आने से कांग्रेस को फायदा होगा या नहीं, इसको लेकर कुछ कहा नहीं जा सकता।
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लेकिन अगर पंजाब में सिद्धू का रुतबा देखें तो इससे कांग्रेस को फायदा होगा। सिद्धू चुनाव प्रचार करेंगे तो वोट बढ़ेंगे। सिद्धू अकाली दल और भाजपा पर आम आदमी पार्टी से ज्यादा आक्रामक हो सकती है।
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वहीं, यह भी कहा जा रहा है कि कांग्रेस में सिद्धू के जाने से पार्टी को फायदा होगा। कांग्रेस चुनाव जीत सकती है। पूर्ण बहुमत न भी मिला तो गठबंधन सरकार बना सकती है, क्योंकि पंजाब में अकालियों और भाजपा की छवि खराब हो चुकी है।
बीजेपी को वोट मिल सकते हैं, लेकिन इस गठबंधन को बहुमत मिलना इस बार मुश्किल है। ऐसे में सिद्धू के कांग्रेस में आने से अकाली-भाजपा गठबंधन की मुश्किलें बढ़ी ही हैं।
कभी अच्छे हुआ करते थे सुखबीर-सिद्धू के संबंध
नवजोत सिद्धू ने थामा कांग्रेस का दामन
गौरतलब है कि नवजोत सिद्धू के एक समय में डिप्टी सीएम सुखबीर बादल के साथ बहुत अच्छे संबंध थे, लेकिन बाद में बात बिगड़ गई। सिद्धू दंपति ने खुलकर अकाली दल के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया था।
पंजाब में डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने कई बार अपनी ही सरकार को कठघरे में खड़ा किया था। वहीं, हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ अकाली दल, इनेलो के साथ मिलकर चुनाव लड़ रहा था।
सिद्धू को भाजपा हाईकमान ने हरियाणा में प्रचार की कमान सौंपी थी। तब सिद्धू ने नशे समेत कई मुद्दों को लेकर अकाली दल पर तीखे हमले किए थे। कई बार तो उन्होंने कांग्रेस के बजाय सिर्फ अकाली दल को ही टारगेट किया।
अब तो सिद्धू कांग्रेस में हैं, लिहाजा वह शिअद के साथ-साथ भाजपा को भी निशाना बनाएंगे। अपने व्यंग्य और आकर्षक शैली के लिए जाने जाते सिद्धू इस चुनाव में निश्चित तौर पर गठबंधन के लिए मुश्किल बनेंगे।
पंजाब में डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने कई बार अपनी ही सरकार को कठघरे में खड़ा किया था। वहीं, हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ अकाली दल, इनेलो के साथ मिलकर चुनाव लड़ रहा था।
सिद्धू को भाजपा हाईकमान ने हरियाणा में प्रचार की कमान सौंपी थी। तब सिद्धू ने नशे समेत कई मुद्दों को लेकर अकाली दल पर तीखे हमले किए थे। कई बार तो उन्होंने कांग्रेस के बजाय सिर्फ अकाली दल को ही टारगेट किया।
अब तो सिद्धू कांग्रेस में हैं, लिहाजा वह शिअद के साथ-साथ भाजपा को भी निशाना बनाएंगे। अपने व्यंग्य और आकर्षक शैली के लिए जाने जाते सिद्धू इस चुनाव में निश्चित तौर पर गठबंधन के लिए मुश्किल बनेंगे।
सिद्धू कांग्रेस के लिए स्टार कैंपेनर साबित हो सकते हैं
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नवजोत सिद्ध् पर दिया बयान
वहीं, कांग्रेस में उनके आने से कैप्टन अमरिंदर सिंह को काफी मदद मिलेगी। कांग्रेस के पास स्टार कैंपेनर के रूप में सूबे के नेताओं में सिर्फ कैप्टन ही थे। अब सिद्धू भी पूरे प्रदेश में कैंपेन करेंगे। पार्टी पहले ही इसका खाका तैयार कर चुकी है।
अमृतसर ईस्ट से चुनाव लड़ने के साथ-साथ सिद्धू को दूसरे हलकों में भी कैंपेन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इसका कांग्रेस और कैप्टन को फायदा मिलेगा। हालांकि भाजपा में रहते हुए कांग्रेस पर की गईं सिद्धू की भ्रष्टाचार संबंधी टिप्पणियों को उनके विरोधी भी उछालेंगे।
आम आदमी पार्टी की बात की जाए तो केजरीवाल ने सिद्धू को मुख्यमंत्री का चेहरा न बनाकर बहुत बड़ी गलती की है। अगर आम आदमी पार्टी सिद्धू को सीएम उम्मीदवार बनाती, तो उन्हें ज्यादा फायदा होता।
आम आदमी पार्टी को सबसे ज्यादा नुकसान यही हो रहा है कि पार्टी के पास ऐसा कोई चेहरा नहीं है, जिसका पंजाब के तीनों हिस्सों में खास पहचान हो।
अमृतसर ईस्ट से चुनाव लड़ने के साथ-साथ सिद्धू को दूसरे हलकों में भी कैंपेन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इसका कांग्रेस और कैप्टन को फायदा मिलेगा। हालांकि भाजपा में रहते हुए कांग्रेस पर की गईं सिद्धू की भ्रष्टाचार संबंधी टिप्पणियों को उनके विरोधी भी उछालेंगे।
आम आदमी पार्टी की बात की जाए तो केजरीवाल ने सिद्धू को मुख्यमंत्री का चेहरा न बनाकर बहुत बड़ी गलती की है। अगर आम आदमी पार्टी सिद्धू को सीएम उम्मीदवार बनाती, तो उन्हें ज्यादा फायदा होता।
आम आदमी पार्टी को सबसे ज्यादा नुकसान यही हो रहा है कि पार्टी के पास ऐसा कोई चेहरा नहीं है, जिसका पंजाब के तीनों हिस्सों में खास पहचान हो।