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Chandigarh News: पेट्रोल में 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग की मार, बढ़ीं तकनीकी खराबियां, गिरा माइलेज
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चंडीगढ़। पेट्रोल में 20 फीसदी एथेनॉल (ई20 फ्यूल) मिलाने की नीति के बाद चंडीगढ़ समेत देशभर में वाहन चालकों की परेशानियां बढ़ने लगी हैं। पिछले कुछ महीनों में ऑटोमोबाइल वर्कशॉप और सर्विस सेंटरों पर ऐसी गाड़ियों की संख्या बढ़ी है, जिनमें इंजन, फ्यूल पंप और माइलेज से जुड़ी शिकायतें सामने आ रही हैं। मैकेनिकों और ऑटो एक्सपर्ट्स का कहना है कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का असर खासकर अप्रैल 2023 से पहले बनी कारों और दोपहिया वाहनों पर ज्यादा पड़ रहा है। उनका कहना है कि अधिकांश पुराने वाहन केवल 10 फीसदी एथेनॉल मिश्रण के अनुरूप डिजाइन किए गए थे। ऐसे में ई20 ईंधन इस्तेमाल करने से इंजन के इंटरनल पार्ट्स तेजी से खराब हो रहे हैं।
ये हैं प्रमुख शिकायतें
पेट्रोल टैंक में एथेनॉल के कारण जंग और कचरा हो रहा है जमा
फ्यूल इंजेक्टर और फ्यूल पंप जाम होने से अचानक बंद हो जाती है गाड़ी
पहले 15-17 किमी प्रति लीटर माइलेज देने वाले वाहन अब 15 किमी से माइलेज दे रहे हैं कम
सुबह इंजन स्टार्ट होने में लग रहा है अधिक समय
एक्सिलरेटर दबाने पर झटके महसूस हो रहे हैं और चढ़ाई पर पिकअप हो रही है कम
पुराने वाहनों के फ्यूल पाइप, ओ-रिंग और रबर गैस्केट समय से पहले खराब होकर होने लगे हैं लीक
जानिए...क्यों हो रही है समस्या
विशेषज्ञों के अनुसार एथेनॉल हवा से नमी सोखने की क्षमता रखता है। लंबे समय तक पेट्रोल टैंक में ईंधन रहने पर एथेनॉल और पानी अलग होकर टैंक के निचले हिस्से में जमा हो जाते हैं। यही पानी इंजन तक पहुंचकर खराबी पैदा करता है। इसके अलावा एथेनॉल में शुद्ध पेट्रोल की तुलना में लगभग एक-तिहाई कम ऊर्जा होती है। इसलिए समान दूरी तय करने के लिए इंजन को अधिक ईंधन जलाना पड़ता है जिससे माइलेज घट जाता है।
ऐसे बचा सकते हैं गाड़ी
पेट्रोल टैंक को लंबे समय तक खाली न रखें। कोशिश करें कि टैंक हमेशा आधा या पूरा भरा रहे।
एथेनॉल स्टेबलाइजर जैसे फ्यूल एडिटिव्स का इस्तेमाल करें ताकि एथेनॉल और पानी अलग न हों।
भरोसेमंद और अधिक बिक्री वाले पेट्रोल पंप से ही ईंधन भरवाएं।
नियमित सर्विसिंग कराएं और समय-समय पर फ्यूल फिल्टर की सफाई या बदलाव कराते रहें, ताकि जंग और गंदगी इंजन तक न पहुंचे।
गाड़ी का माइलेज कम हुआ
मैं पेट्रोल कार का उपयोग काफी समय से कर रहा हूं। गाड़ी ई-20 कंपेटेबल नहीं है। इसी वजह से मेरी गाड़ी का माइलेज कम हो चुका है। कई बार स्टार्टिंग की समस्या भी आई है। -सत्यवान ढांडा, जीरकपुर
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ई-20 ने घटाया बाइक का माइलेज
मेरी बाइक का माइलेज कम हो रहा था। सर्विस सेंटर से पता किया तो बताया गया कि ई-20 कंपेटिबल न होने से ऐसा हो रहा है। मैकेनिक ने कहा कि एथेनॉल स्टेबलाइजर डलवाएं। अब पेट्रोल के साथ उसको मिश्रित कर लेता हूं। -बागेश मिश्रा, चंडीगढ़
माइलेज घटा, जांच में ई-20 निकला कारण
बाइक का माइलेज लगातार कम हो रहा था। वजह समझ नहीं आ रही थी। सर्विस सेंटर पर जांच कराने पर पता चला कि मेरी बाइक ई-20 कंपेटिबल नहीं है। इसके कारण माइलेज प्रभावित हो रहा है। – इरफान अंसारी, सेक्टर-25, चंडीगढ़
पुरानी गाड़ियों पर ज्यादा पड़ रहा असर
नई गाड़ियों को ई-20 के अनुरूप तैयार किया जा रहा है, लेकिन अप्रैल 2023 से पहले बनी अधिकांश कारें और दोपहिया वाहन ई-20 कंपेटिबल नहीं हैं। इसलिए उनमें ऐसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। – राजेश पंत, सर्विस सेंटर संचालक
ई-20 कंपेटिबल नहीं तो आएंगी दिक्कतें
हाल के महीनों में कई वाहन स्टार्टिंग और माइलेज की शिकायत लेकर आए हैं। जांच में पाया गया कि ज्यादातर वाहन ई-20 कंपेटिबल नहीं हैं। ऐसे वाहनों में इस तरह की दिक्कतें आना स्वाभाविक है। –राम कुमार, मोटर मैकेनिक
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ये हैं प्रमुख शिकायतें
पेट्रोल टैंक में एथेनॉल के कारण जंग और कचरा हो रहा है जमा
फ्यूल इंजेक्टर और फ्यूल पंप जाम होने से अचानक बंद हो जाती है गाड़ी
पहले 15-17 किमी प्रति लीटर माइलेज देने वाले वाहन अब 15 किमी से माइलेज दे रहे हैं कम
सुबह इंजन स्टार्ट होने में लग रहा है अधिक समय
एक्सिलरेटर दबाने पर झटके महसूस हो रहे हैं और चढ़ाई पर पिकअप हो रही है कम
पुराने वाहनों के फ्यूल पाइप, ओ-रिंग और रबर गैस्केट समय से पहले खराब होकर होने लगे हैं लीक
जानिए...क्यों हो रही है समस्या
विशेषज्ञों के अनुसार एथेनॉल हवा से नमी सोखने की क्षमता रखता है। लंबे समय तक पेट्रोल टैंक में ईंधन रहने पर एथेनॉल और पानी अलग होकर टैंक के निचले हिस्से में जमा हो जाते हैं। यही पानी इंजन तक पहुंचकर खराबी पैदा करता है। इसके अलावा एथेनॉल में शुद्ध पेट्रोल की तुलना में लगभग एक-तिहाई कम ऊर्जा होती है। इसलिए समान दूरी तय करने के लिए इंजन को अधिक ईंधन जलाना पड़ता है जिससे माइलेज घट जाता है।
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ऐसे बचा सकते हैं गाड़ी
पेट्रोल टैंक को लंबे समय तक खाली न रखें। कोशिश करें कि टैंक हमेशा आधा या पूरा भरा रहे।
एथेनॉल स्टेबलाइजर जैसे फ्यूल एडिटिव्स का इस्तेमाल करें ताकि एथेनॉल और पानी अलग न हों।
भरोसेमंद और अधिक बिक्री वाले पेट्रोल पंप से ही ईंधन भरवाएं।
नियमित सर्विसिंग कराएं और समय-समय पर फ्यूल फिल्टर की सफाई या बदलाव कराते रहें, ताकि जंग और गंदगी इंजन तक न पहुंचे।
गाड़ी का माइलेज कम हुआ
मैं पेट्रोल कार का उपयोग काफी समय से कर रहा हूं। गाड़ी ई-20 कंपेटेबल नहीं है। इसी वजह से मेरी गाड़ी का माइलेज कम हो चुका है। कई बार स्टार्टिंग की समस्या भी आई है। -सत्यवान ढांडा, जीरकपुर
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ई-20 ने घटाया बाइक का माइलेज
मेरी बाइक का माइलेज कम हो रहा था। सर्विस सेंटर से पता किया तो बताया गया कि ई-20 कंपेटिबल न होने से ऐसा हो रहा है। मैकेनिक ने कहा कि एथेनॉल स्टेबलाइजर डलवाएं। अब पेट्रोल के साथ उसको मिश्रित कर लेता हूं। -बागेश मिश्रा, चंडीगढ़
माइलेज घटा, जांच में ई-20 निकला कारण
बाइक का माइलेज लगातार कम हो रहा था। वजह समझ नहीं आ रही थी। सर्विस सेंटर पर जांच कराने पर पता चला कि मेरी बाइक ई-20 कंपेटिबल नहीं है। इसके कारण माइलेज प्रभावित हो रहा है। – इरफान अंसारी, सेक्टर-25, चंडीगढ़
पुरानी गाड़ियों पर ज्यादा पड़ रहा असर
नई गाड़ियों को ई-20 के अनुरूप तैयार किया जा रहा है, लेकिन अप्रैल 2023 से पहले बनी अधिकांश कारें और दोपहिया वाहन ई-20 कंपेटिबल नहीं हैं। इसलिए उनमें ऐसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। – राजेश पंत, सर्विस सेंटर संचालक
ई-20 कंपेटिबल नहीं तो आएंगी दिक्कतें
हाल के महीनों में कई वाहन स्टार्टिंग और माइलेज की शिकायत लेकर आए हैं। जांच में पाया गया कि ज्यादातर वाहन ई-20 कंपेटिबल नहीं हैं। ऐसे वाहनों में इस तरह की दिक्कतें आना स्वाभाविक है। –राम कुमार, मोटर मैकेनिक