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खुलने लगी धांधली की परतें, खुलासा- पंजाब में सैनिटाइजर की आड़ में फैक्ट्रियां बनाती रहीं शराब

Wed, 27 May 2020 12:10 PM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Wed, 27 May 2020 12:10 PM IST
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illegal smuggling of liquor in punjab during curfew
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
पंजाब में कर्फ्यू के दौराना शराब के कारोबार की परतें बड़े गोरखधंधे के रूप में खुलने लगी हैं। एक्साइज विभाग ने हाल ही में राज्य की डिस्टलरीज का स्टॉक चेक करने के लिए जो छापामारी की थी, उसमें सनसनीखेज तथ्य सामने आ रहे हैं। कोविड-19 के कारण कर्फ्यू-लॉकडाउन लागू होते ही राज्य में शराब के कारोबार से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े सियासी नेताओं और भ्रष्ट एक्साइज अफसरों की तो जैसे लाटरी ही लग गई थी।
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आपसी मिलीभगत से साथ राज्य में जमकर शराब की ब्लैकमार्केटिंग की गईं। पता चला है कि शराब की ब्लैक मार्केटिंग तैयार स्टॉक के सहारे ही हो रही थी लेकिन राज्य सरकार ने जब डिस्टलरीज को सैनिटाइजर तैयार करने की अनुमति दी तो डिस्टलरीज मालिकों ने उसकी आड़ में शराब की प्रोडक्शन ही खोल दी। एक्साइज विभाग की जांच में सामने आया है कि इस धांधली में डिस्टलरीज में तैनात अधिकतर एक्साइज इंस्पेक्टर भी शामिल रहे।
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हालांकि विभाग ने फिलहाल त्वरित कार्रवाई के तहत अधिकांश डिस्टलरीज में तैनात अफसरों का तबादला कर दिया है लेकिन अगली बड़ी कार्रवाई धांधली की पूरी जांच के बाद होगी। शराब तैयार करने के लिए जिस केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है, उसी का उपयोग करके सैनिटाइजर तैयार किया जाना था। इस केमिकल में अल्कोहल की मात्रा 72 फीसदी से ज्यादा होती है और सरकार को 70 फीसदी अल्कोहल युक्त सैनिटाइजर्स की जरूरत थी।
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दूसरी ओर, इस केमिकल के पानी के साथ डायलूट करके 40 फीसदी अल्कोहल तक लाकर शराब तैयार होती है। एक्साइज विभाग को पता चला है कि अनेक डिस्टलरीज ने अन्य राज्यों से इस केमिकल की तस्करी की और अपने चलते प्लांटों में सैनिटाइजर की आड़ में शराब का उत्पादन भी जारी रखा। हालांकि विभाग ने अभी तक धांधली में शामिल किसी डिस्टलरी और अपने किसी अधिकारी का नाम सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि छापों में जब्त किया गया रिकार्ड खंगाला जा रहा है।


यह भी पता लगाया जा रहा है कि संबंधित डिस्टलरी ने कितना केमिकल मंगवाया था, जिससे कितना सैनिटाइजर तैयार हुआ और बाकी केमिकल का कितना स्टॉक है। विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी ए. वेनु प्रसाद का कहना है कि लगभग सभी एक्साइज अधिकारियों को बदल दिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि गड़बड़ी के दोषी किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
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