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मोरनी हिल्स में चल रहे 150 गेस्ट हाउस पर लटका ताला, सालों से बिना मंजूरी कूट रहे थे चांदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 10 Aug 2018 10:55 AM IST
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मोरनी हिल्स गेस्ट हाउस
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पंचकूला जिले की मोरनी हिल्स में अवैध रूप से चल रहे लगभग 150 गेस्ट हाउस पर ताला लटक गया है। मोरनी गैंगरेप मामले के चलते यह कार्रवाई की गई है। बिना सीएलयू चल रहे ये गेस्ट हाउस बीते 15 दिनों में पुलिस कार्रवाई के चलते बंद हुए हैं।
पुलिस ने गैंगरेप मामले में आठ एफआईआर दर्ज करते हुए अवैध गेस्ट हाउस की जांच-पड़ताल शुरू की थी। अनेक गेस्ट हाउस में छापामारी भी की गई। इसके बाद गेस्ट हाउस मालिक कोई लाइसेंस न होने पर ताला लगाकर भूमिगत हो गए हैं।
सूत्रों के अनुसार कुछ गेस्ट हाउस मालिक सरकार से पॉलिसी बनाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में भी हैं। अमर उजाला ने बीते 24 जुलाई को मोरनी हिल्स में बिना सीएलयू चल रहे गेस्ट हाउस शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी।
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इसमें किसी भी गेस्ट हाउस के पास सीएलयू न होने व प्रतिबंधित क्षेत्र में निर्माण का खुलासा किया गया था। इसका संज्ञान लेते हुए पंचकूला जिला प्रशासन व पुलिस ने कार्रवाई तेज की। इसके बाद से अब तक 150 से अधिक अवैध गेस्ट हाउस बंद हो चुके हैं।
बता दें कि मोरनी हिल्स व आसपास के एरिया में पंजाब शेडयूल्ड रोड एक्ट, इंडियन फारेस्ट एक्ट 1927, पंजाब लैंड प्रोबेशन एक्ट 1900, सेक्शन-4, लैंड कंजर्वेशन एक्ट 1986 तक लागू हैं। कंट्रोल्ड पूल एरिया होने के कारण सड़क के आसपास कोई भी निर्माण कार्य इस क्षेत्र में नहीं किया जा सकता, लेकिन भू-माफिया ने दस से बीस कमरों तक के गेस्ट हाउस खड़े कर दिए हैं।
हरियाणा शिवालिक विकास मंच के अध्यक्ष विजय बंसल ने कहा कि सरकार इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करे। नियमों में विशेष छूट देकर गेस्ट हाउस मालिकों को लाइसेंस दिए जाएं। सरकार पॉलिसी बनाकर यह काम कर सकती है। इससे पर्यटन को बढ़ावा भी मिलेगा और सरकार को लाइसेंस फीस भी प्राप्त होगी। साथ ही गेस्ट हाउस को वैध भी कराना पड़ेगा।
अब दूसरे चरण में अन्य गेस्ट हाउस की वेरिफिकेशन की जाएगी। अगर पहली जांच के बाद कोई गेस्ट हाउस बिना लाइसेंस पाया गया तो उस पर हरियाणा सरकार के नियमों के मुताबिक कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- बीएस संधू, डीजीपी
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पुलिस ने गैंगरेप मामले में आठ एफआईआर दर्ज करते हुए अवैध गेस्ट हाउस की जांच-पड़ताल शुरू की थी। अनेक गेस्ट हाउस में छापामारी भी की गई। इसके बाद गेस्ट हाउस मालिक कोई लाइसेंस न होने पर ताला लगाकर भूमिगत हो गए हैं।
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सूत्रों के अनुसार कुछ गेस्ट हाउस मालिक सरकार से पॉलिसी बनाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में भी हैं। अमर उजाला ने बीते 24 जुलाई को मोरनी हिल्स में बिना सीएलयू चल रहे गेस्ट हाउस शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी।
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इसमें किसी भी गेस्ट हाउस के पास सीएलयू न होने व प्रतिबंधित क्षेत्र में निर्माण का खुलासा किया गया था। इसका संज्ञान लेते हुए पंचकूला जिला प्रशासन व पुलिस ने कार्रवाई तेज की। इसके बाद से अब तक 150 से अधिक अवैध गेस्ट हाउस बंद हो चुके हैं।
बता दें कि मोरनी हिल्स व आसपास के एरिया में पंजाब शेडयूल्ड रोड एक्ट, इंडियन फारेस्ट एक्ट 1927, पंजाब लैंड प्रोबेशन एक्ट 1900, सेक्शन-4, लैंड कंजर्वेशन एक्ट 1986 तक लागू हैं। कंट्रोल्ड पूल एरिया होने के कारण सड़क के आसपास कोई भी निर्माण कार्य इस क्षेत्र में नहीं किया जा सकता, लेकिन भू-माफिया ने दस से बीस कमरों तक के गेस्ट हाउस खड़े कर दिए हैं।
हरियाणा शिवालिक विकास मंच के अध्यक्ष विजय बंसल ने कहा कि सरकार इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करे। नियमों में विशेष छूट देकर गेस्ट हाउस मालिकों को लाइसेंस दिए जाएं। सरकार पॉलिसी बनाकर यह काम कर सकती है। इससे पर्यटन को बढ़ावा भी मिलेगा और सरकार को लाइसेंस फीस भी प्राप्त होगी। साथ ही गेस्ट हाउस को वैध भी कराना पड़ेगा।
अब दूसरे चरण में अन्य गेस्ट हाउस की वेरिफिकेशन की जाएगी। अगर पहली जांच के बाद कोई गेस्ट हाउस बिना लाइसेंस पाया गया तो उस पर हरियाणा सरकार के नियमों के मुताबिक कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- बीएस संधू, डीजीपी