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सीमा पर बसे गांव अवैध दारू से गुलजार, हर शाम छलकते प्याला, घर-घर खुलती मधुशाला

Mon, 03 Aug 2020 10:16 AM IST
ajay kumar अनिल कुमार, फिरोजपुर (पंजाब)
अनिल कुमार, फिरोजपुर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Mon, 03 Aug 2020 10:16 AM IST
सार

  • सीमावर्ती गांवों में अंधेरा होते ही लगने लगते हैं कच्ची दारू के स्टाल
  • कच्ची दारू छिपाने में सबसे बड़ा मददगार बना है सतलुज दरिया
  • जलालाबाद के गांव महालम में पानी की टंकी में भर कर रखते हैं दारू

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Illegal liquor traded in villages situated along Indo-Pak border in Firozpur
सांकेतिक तस्वीर।

विस्तार

हुसैनीवाला बार्डर से सटे कई सरहदी गांवों में अंधेरा होते ही कच्ची दारू के स्टाल लगना शुरू हो जाते हैं। संबंधित थाना प्रभारी के साथ अवैध शराब माफियों की कथित तौर पर लेन-देन का मामला तय है। इसलिए बेखौफ होकर स्टाल लगाकर कच्ची दारू बेची जाती है। वहीं कच्ची दारू तैयार करने वाले कई लोगों के सियासी नेताओं से भी गहरे संबंध हैं। कच्ची दारू छिपाने में शराब माफिया का सबसे बड़ी मददगार सतलुज नदी बनती है। तस्कर दारू तैयार कर नदी में तिरपाल में भर कर छिपा देते हैं।

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भारत-पाक सीमा पर बसे गांवों के ज्यादातर ग्रामीण कच्ची दारू तैयार करने का धंधा करते हैं। कोरोना के चलते शराब के ठेके बंद थे तो कच्ची दारू की मांग अधिक बढ़ गई। लोग कच्ची दारू लेने सीमांत गांव जाने लगे। कच्ची दारू प्लास्टिक के लिफाफों में पैक कर शहर में सप्लाई की जा रही है। कई तस्कर ट्रैक्टर-ट्राली में अनाज और दूध की आड़ में कच्ची दारू से भरे ड्रम शहर की स्लम बस्तियों में भी सप्लाई कर रहे हैं। शहर की स्लम बस्ती भट्टियां वाली, आवा, शेखां वाली, निजामद्दीन बस्ती, माता वार्ड, ग्वालमंडी, लाल कुर्ती के अलावा अन्य बस्तियां हैं, जहां पर कच्ची दारू पांच से दस रुपये प्याली बेची जा रही है। 
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जलालाबाद के महालम गांव के लोग नशीले पदार्थ और कच्ची दारू बनाने का धंधा करते हैं। यहां महिलाएं भी इस धंधे में हैं। ये लोग कच्ची दारू तैयार कर पानी वाली टंकी में भर लेते हैं और नल के जरिए शराब बहती है। लोग घर के अंदर जमीन के नीचे टैंकर बनाए हैं, जिसमें कच्ची दारू तैयार कर रखी जाती है। डर के मारे जल्दी पुलिस भी यहां नहीं जाती है। जब भी गांव में पुलिस छापा मारती है तो कम से कम पांच सौ पुलिस कर्मियों की टीम बनाई जाती है। 
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तरनतारन और अमृतसर में जहरीली शराब से लोगों की जान जाने के बाद फिरोजपुर आबकारी विभाग और पुलिस ने सीमांत गांवों में छापा मारकर कच्ची दारू तैयार करने वाले लगभग 19 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जबकि तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, उनमें किसी के खिलाफ सवा नौ बोतलें तो किसी के खिलाफ सौ लीटर अवैध शराब के मामले दर्ज किए गए हैं ताकि जल्दी जमानत मिल सके। 

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