Corona in Chandigarh: चंडीगढ़ में कोरोना से लगातार चौथी मौत, बुजुर्गों पर मंडराया खतरा
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सचिव डॉ. विवेक मल्होत्रा का कहना है कि महामारी में सबसे ज्यादा खतरा गंभीर रूप से बीमार लोगों व बुजुर्गों पर है इसलिए कोरोना की प्रिकॉशन डोज लगवाने के बावजूद उन्हें एहतियात बरतना जरूरी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चंडीगढ़ में कोरोना संक्रमण की तीव्र होती रफ्तार के बीच एक बार फिर गंभीर रूप से बीमार लोगों और बुजुर्गों पर खतरा मंडराने लगा है। लगातार चौथे दिन भी एक बुजुर्ग की मौत हुई है। दो दिनों के दौरान लगातार हुई मौत से भी इस बात की पुष्टि हो रही है क्योंकि चार मृतकों में से तीन बुजुर्ग हैं। वह गंभीर बीमारियों से भी ग्रस्त थे। वहीं, उन्होंने टीके की तीनों खुराक भी लगवा ली थी। इसके बावजूद वह संक्रमण की चपेट में आकर जान गंवा बैठे। विशेषज्ञों का कहना है कि उनके स्तर पर बचाव के लिए किए गए सारे उपाय तब तक व्यर्थ साबित होंगे जब तक उनके घर के सदस्य उनका सहयोग न करें इसलिए जरूरी है कि घर से बाहर जाने वाले सदस्य बुजुर्गों व गंभीर रूप से बीमार लोगों के संपर्क में सीधे न आएं।
बीमार और बुजुर्गों पर ज्यादा खतरा
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सचिव डॉ. विवेक मल्होत्रा का कहना है कि महामारी में सबसे ज्यादा खतरा गंभीर रूप से बीमार लोगों व बुजुर्गों पर है इसलिए कोरोना की प्रिकॉशन डोज लगवाने के बावजूद उन्हें एहतियात बरतना जरूरी है। घर के सदस्यों को ऐसे लोगों के संपर्क में आने के दौरान बेहद सावधान रहने की जरूरत है। बाहर से आने वाले व्यक्ति सीधे ऐसे लोगों के संपर्क में आए इसका ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है क्योंकि गंभीर रूप से बीमार व बुजुर्ग लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण वे आसानी से संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं। ऐसे में उन्हें घर में भी भीड़ वाली जगह पर ना रखें। उनके कमरे में जाने पर मास्क का प्रयोग करें और कमरे की खिड़की खुली रखें।
दोबारा न करें पहले वाली गलती
भारतीय बाल अकादमी की सदस्य डॉ. गुंजन बवेजा का कहना है कि महामारी के शुरुआती दौर में जो गलतियां हुई थीं उससे बचने की जरूरत है क्योंकि अब स्कूल बंद होने की नौबत आने पर उसका सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव बच्चों की मानसिक स्थिति पर ही पड़ेगा। अभिभावकों द्वारा प्रयास होना चाहिए कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर कार्य करें। संक्रमण से बचाव के मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। बच्चों को संक्रमण को लेकन मानसिक रूप से मजबूती प्रदान करने का प्रयास किया जाना चाहिए।
कोरोना की स्थिति
- 100 से ज्यादा संक्रमित प्रतिदिन मिल रहे
- 10.64 प्रतिशत पर आ गया है संक्रमण दर बढ़कर
- 1168 मरीजों की अब तक हो चुकी है मौत
लगातार तीन दिन से हो रही मौत, इसमें दो बुजुर्ग हैं शामिल
29 जुलाई : सेक्टर-36 निवासी 88 साल के वृद्ध की हुई मौत
28 जुलाई : मलोया में 41 वर्षीय युवक ने दम तोड़ा
27 जुलाई : मलोया निवासी 75 वर्षीय बुजुर्ग की मौत
26 जुलाई : सेक्टर-46 निवासी एक वृद्धा की मौत
कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार से स्थिति चिंताजनक हो गई है। ऐसे में जरूरी है कि घर से बाहर जाने वाले सदस्य बचाव के मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। स्थिति ज्यादा गंभीर होने पर ही अस्पताल आए। - डॉ. वीके नागपाल, उप निदेशक स्वास्थ्य