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गाड़ी में लगी आग, क्लेम नहीं दिया, अब बीमा कंपनी दोषी करार
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 20 Mar 2016 08:24 AM IST
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कोर्ट, कंज्यूमर फोरम
- फोटो : फाइल फोटो
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क्लेम न देने पर उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी को सेवा में कोताही का दोषी करार दिया है। उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को वाहन की इंश्योर्ड डेक्लेयर्ड वैल्यू सात लाख 42 हजार 225 रुपये अदा करे।
साथ ही इस राशि पर 12 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज भी अदा करे। वहीं 20 हजार रुपये मुआवजा और 10 हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करने के भी निर्देश दिए हैं। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-2 के अध्यक्ष राजन देवान, सदस्य जसविंदर सिंह सिद्धू और प्रीति मल्होत्रा ने सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया है।
इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने उपभोक्ता फोरम में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने सेवा में कोताही नहीं की है। कंपनी के मुताबिक शिकायतकर्ता ने टाटा कंपनी की इंस्पेक्शन रिपोर्ट जमा नहीं कराई। लेकिन उपभोक्ता फोरम ने कंपनी के इस तर्क को निराधार बताया।
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शिकायतकर्ता बचितर कोहली निवासी सेक्टर-6 पंचकूला ने गुड़गांव, नई दिल्ली और सेक्टर-28 ए मध्यमार्ग चंडीगढ़ स्थित इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और सेक्टर-5 पंचकूला स्थित हरियाणा ग्रामीण बैंक के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी।
शिकायतकर्ता बचितर कोहली ने उपभोक्ता फोरम को दी शिकायत में कहा कि उन्होंने 2012 में टाटा सफारी गाड़ी खरीदी थी। इस गाड़ी का बीमा इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से कराया। इसकी अवधि 22 मार्च 2014 से 21 मार्च 2015 तक थी। इंश्योर्ड डेक्लेयर्ड वैल्यू (आईडीवी) सात लाख 42 हजार 225 रुपये थी।
शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता फोरम को बताया कि 18 अप्रैल 2014 को उनकी गाड़ी में अचानक आग लग गई। फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। इसके बाद आग पर काबू पाया। इस संबंध में डीडीआर भी पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई। इसके बाद बीमा कंपनी को आवश्यक दस्तावेज के साथ क्लेम के लिए आवेदन किया। लेकिन बीमा कंपनी ने क्लेम सेटल नहीं किया।
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साथ ही इस राशि पर 12 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज भी अदा करे। वहीं 20 हजार रुपये मुआवजा और 10 हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करने के भी निर्देश दिए हैं। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-2 के अध्यक्ष राजन देवान, सदस्य जसविंदर सिंह सिद्धू और प्रीति मल्होत्रा ने सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया है।
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इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने उपभोक्ता फोरम में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने सेवा में कोताही नहीं की है। कंपनी के मुताबिक शिकायतकर्ता ने टाटा कंपनी की इंस्पेक्शन रिपोर्ट जमा नहीं कराई। लेकिन उपभोक्ता फोरम ने कंपनी के इस तर्क को निराधार बताया।
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शिकायतकर्ता बचितर कोहली निवासी सेक्टर-6 पंचकूला ने गुड़गांव, नई दिल्ली और सेक्टर-28 ए मध्यमार्ग चंडीगढ़ स्थित इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और सेक्टर-5 पंचकूला स्थित हरियाणा ग्रामीण बैंक के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी।
शिकायतकर्ता बचितर कोहली ने उपभोक्ता फोरम को दी शिकायत में कहा कि उन्होंने 2012 में टाटा सफारी गाड़ी खरीदी थी। इस गाड़ी का बीमा इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से कराया। इसकी अवधि 22 मार्च 2014 से 21 मार्च 2015 तक थी। इंश्योर्ड डेक्लेयर्ड वैल्यू (आईडीवी) सात लाख 42 हजार 225 रुपये थी।
शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता फोरम को बताया कि 18 अप्रैल 2014 को उनकी गाड़ी में अचानक आग लग गई। फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। इसके बाद आग पर काबू पाया। इस संबंध में डीडीआर भी पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई। इसके बाद बीमा कंपनी को आवश्यक दस्तावेज के साथ क्लेम के लिए आवेदन किया। लेकिन बीमा कंपनी ने क्लेम सेटल नहीं किया।