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नीड बेस्ड चेंज दिल्ली में खतरनाक नहीं तो चंडीगढ़ में कैसे : सांसद

Thu, 01 Aug 2024 06:52 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 01 Aug 2024 06:52 AM IST
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If need based change is not dangerous in Delhi then how can it be dangerous in Chandigarh: MP
चंडीगढ़। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) के करीब 68 हजार फ्लैट्स में रहने वाले लोगों को नीड बेस्ड चेंज की मंजूरी देने से मना कर दिया है। केंद्र सरकार ने संसद में इस मुद्दे पर जो जवाब दिया है, उस पर शहर के सांसद मनीष तिवारी ने सवाल उठाया है। सांसद का कहना है कि दिल्ली में नीड बेस्ड चेंज खतरनाक नहीं तो चंडीगढ़ में कैसे हो सकता है, दोनों शहर एक ही भूकंपीय क्षेत्र-4 में आते हैं। मनीष तिवारी ने कहा है कि संसद में उनके द्वारा पूछे गए सवाल पर गृह मंत्रालय का एक बहुत ही अस्पष्ट उत्तर है। लगता है कि इसे किसी नौकरशाह ने तैयार किया है, जो इस मुद्दे की संवेदनशीलता को नहीं समझता। चंडीगढ़ की लगभग आधी आबादी, खासकर दक्षिणी क्षेत्रों में, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की तरफ से नीड बेस्ड चेंज की अनुमति न देने से काफी प्रभावित है। सांसद ने कहा कि केंद्र ने यह कहते हुए मना किया है कि चंडीगढ़ भूकंपीय क्षेत्र-4 में आता है लेकिन हास्यास्पद है कि दिल्ली, जहां 1999 में नीड बेस्ड चेंज को मंजूरी दी गई थी, वो भी भूकंपीय क्षेत्र-4 में आता है। सांसद ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय से आग्रह किया है कि वह संसद में दिए गए इस जवाब और नीति दोनों की समीक्षा करें। बता दें कि लीज होल्ड से फ्री होल्ड के बाद मंगलवार को केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया कि चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के करीब 68 हजार फ्लैट्स में रहने वाले लोगों को दिल्ली की तर्ज पर नीड बेस्ड जेंच की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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