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Hindi News ›   Chandigarh ›   If a minor drives a vehicle, we will call our family members for the first time, legal action will be taken from the second time

Chandigarh News: नाबालिग ने वाहन चलाया, तो पहली बार करेंगे परिजनों को कॉल, दूसरी बार से होगी कानूनी कार्रवाई

Wed, 21 Aug 2024 09:13 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 21 Aug 2024 09:13 PM IST
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If a minor drives a vehicle, we will call our family members for the first time, legal action will be taken from the second time
-एडीजीपी ट्रैफिक ने प्रदेश के सभी जिलों के एसएसपी को दिए आदेश, सुधार के लिए लोगों को करें जागरूक
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब में नाबालिगों के बिना लाइसेंस के वाहन चलाने के खिलाफ अब पुलिस सख्ती बरतेगी। एडीजीपी एएस राय (ट्रैफिक एंड रोड सेफ्टी विंग) ने नए आदेश जारी किए हैं कि अब नाबालिगों के वाहन चलाने पर पकड़े जाने के बाद पहली बार परिजनों को फोन किया जाएगा। इसके बाद भी अगर वे नहीं मानें तो दूसरी से सख्ती कार्रवाई शुरू की जाएगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर जिले में ट्रैफिक पुलिस को स्कूल, कोचिंग इंस्टीट्यूट, मुख्य बाजारों, शॉपिंग कांप्लेक्स और अन्य चेकिंग पॉइंट पर जहां लोगों का आवागमन अधिक होता है, वहां चेकिंग बढ़ाने के लिए कहा है, ताकि ऐसे मामलों में कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। इससे पहले सभी जगह लोगों को अवेयर भी किया जाएगा। बता दें पंजाब ट्रैफिक पुलिस ने नाबालिगों के दो या चार पहिया वाहन चलाने पर पकड़े जाने पर वाहन मालिक या नाबालिग के माता-पिता के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं। इस नियम के तहत नाबालिग के माता-पिता या जिसका वाहन चलाते वह पकड़ा जाता है, उसे तीन साल कैद और 25 हजार रुपये जुर्माना देना पड़ सकता है।
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स्कूल, कॉलेज, कोचिंग इंस्टीट्यूट में छात्रों को जागरूक करेंगे
एडीजीपी एएस राय ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस और रोड सेफ्टी विंग प्रदेश के हर यूनिट को अपने एरिया में स्थित स्कूल, कॉलेज और कोचिंग इंस्टीट्यूट में जागरूक करने के लिए स्पेशल सेमिनार आयोजित करने के लिए कहा है, ताकि इस नियम व कानून के बारे में स्कूल, कॉलेज, कोचिंग इंस्टीट्यूट प्रबंधनों को भी सतर्क किया जा सके। हर सरकारी और प्राइवेट स्कूल संचालक व कोचिंग इंस्टीट्यूट संचालकों को आदेश दिए हैं कि वह इस संदर्भ में एक सर्कुलर अपने स्तर पर नाबालिग छात्रों के माता-पिता और उनके गार्जियन के नाम पर जारी करें, ताकि इस नए नियम को लेकर लोगों को जागरूक किया जा सके।
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