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रेडियो पर सुनता था गीतकार के नाम, उसी समय से लगा गीत लिखूं : सोनी ठुल्लेवाल
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चंडीगढ़। रेडियो पर गीतकार के नाम सुनता था। तभी से लगता था कि मेरा भी नाम हो। जो अब हो गया। पहला गीत 12 वर्ष की उम्र में लिखा। उस गीत के बारे में ध्यान नहीं है। उसके बाद लिखता ही गया। यह कहना है किताब ‘हुण तूं मैनूं मिली ना’ के लेखक सोनी ठुल्लेवाल का। उन्होंने कहा कि उनके अब तक एक सौ गीत रिकाॅर्ड हो चुके हैं। उनके गीत कंवर ग्रेवाल, दलेर मेहंदी, सोनू निगम, जोबिन नौटियाल, युवराज हंस सहित अन्य गायकों ने गाए हैं।
सेक्टर-16 के पंजाब कला भवन में सोमवार को सोनी ठुल्लेवाल की लिखी किताब का विमाेचन हुआ। यह किताब नाटक हुंण मैन सेट हां... के मंचन से पहले हुआ। इसका विमोचन जाने माने अदाकार और निर्देशक बनिंदरजीत सिंह बन्नी और उनकी टीम इंपैक्ट आर्ट्स की ओर से किया किया। सोनी ठुल्लेवाल ने बताया कि इसमें कुल 70 कविताएं, गजल और शायरी हैं। उन्होंने बताया कि यह उनकी पहली किताब है। इस किताब को तैयार करने में चार वर्ष लग गए। उन्होंने कहा कि इस किताब में हर मुददे का जिक्र है। प्रेम की बात तो है ही इसमें पाखंडी बाबाओं को भी बेनकाब किया गया है। बेरोजगारी पर भी लिखा गया है। सरकार पर भी ताने मारे गए हैं। सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ भी खुलकर सच लिखा है। इस मौके पर रूपिंदर कौर, लेखक नवीन जेठी, गीतकार गुरविंदर मान, गायक सिकंदर सलीम, अदाकार सोनप्रीत जवंदा, फिल्म निर्देशक गदर सहित कई गण्यमान्य लोग उपस्थित रहे।
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सेक्टर-16 के पंजाब कला भवन में सोमवार को सोनी ठुल्लेवाल की लिखी किताब का विमाेचन हुआ। यह किताब नाटक हुंण मैन सेट हां... के मंचन से पहले हुआ। इसका विमोचन जाने माने अदाकार और निर्देशक बनिंदरजीत सिंह बन्नी और उनकी टीम इंपैक्ट आर्ट्स की ओर से किया किया। सोनी ठुल्लेवाल ने बताया कि इसमें कुल 70 कविताएं, गजल और शायरी हैं। उन्होंने बताया कि यह उनकी पहली किताब है। इस किताब को तैयार करने में चार वर्ष लग गए। उन्होंने कहा कि इस किताब में हर मुददे का जिक्र है। प्रेम की बात तो है ही इसमें पाखंडी बाबाओं को भी बेनकाब किया गया है। बेरोजगारी पर भी लिखा गया है। सरकार पर भी ताने मारे गए हैं। सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ भी खुलकर सच लिखा है। इस मौके पर रूपिंदर कौर, लेखक नवीन जेठी, गीतकार गुरविंदर मान, गायक सिकंदर सलीम, अदाकार सोनप्रीत जवंदा, फिल्म निर्देशक गदर सहित कई गण्यमान्य लोग उपस्थित रहे।
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