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Chandigarh News: मनी लॉंड्रिंग में पति दोषी करार, पत्नी बरी
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चंडीगढ़। मनी लांड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की विशेष अदालत ने समराला निवासी बलजिंदर सिंह ढिल्लों को दोषी करार दिया है। वहीं, उसकी पत्नी अमरजीत कौर को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। दोषी बलजिंदर सिंह ढिल्लों की सजा पर 29 फरवरी को फैसला सुनाया जाएगा। मामले में बलजिंदर सिंह ढिल्लों, अमरजीत कौर व उनके बेटे नवजिंदर सिंह ढिल्लों को भी आरोपी बनाया था, लेकिन नवजिंदर सिंह ढिल्लों कभी अदालत में पेश नहीं हुआ, जिस पर उसे भगोड़ा घोषित किया जा चुका है।
क्या था मामला...बलजिंदर सिंह ढिल्लों, अमरजीत कौर, उनके दो बेटे सुखजिंदर सिंह ढिल्लों और नवजिंदर सिंह ढिल्लों फाइनेंस कंपनी चलाते थे। दिसंबर 2007 में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने बलजिंदर सिंह ढिल्लों, उनके बेटे सुखजिंदर और एक अन्य नाइजीरियाई नागरिक को ड्रग तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद बलजिंदर सिंह ढिल्लों व उनके परिवार के खिलाफ ईडी ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान दस्तावेजों से पता चला कि बलजिंदर सिंह और उनके परिवार के सदस्य ड्रग तस्करी में शामिल थे और वे ड्रग्स की खरीद-फरोख्त कर चल-अचल संपत्तियों/परिसंपत्तियों में निवेश कर रहे थे। उन्होंने अपने व परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदी गई सभी संपत्तियों के लिए भुगतान किया था।
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क्या था मामला...बलजिंदर सिंह ढिल्लों, अमरजीत कौर, उनके दो बेटे सुखजिंदर सिंह ढिल्लों और नवजिंदर सिंह ढिल्लों फाइनेंस कंपनी चलाते थे। दिसंबर 2007 में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने बलजिंदर सिंह ढिल्लों, उनके बेटे सुखजिंदर और एक अन्य नाइजीरियाई नागरिक को ड्रग तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद बलजिंदर सिंह ढिल्लों व उनके परिवार के खिलाफ ईडी ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान दस्तावेजों से पता चला कि बलजिंदर सिंह और उनके परिवार के सदस्य ड्रग तस्करी में शामिल थे और वे ड्रग्स की खरीद-फरोख्त कर चल-अचल संपत्तियों/परिसंपत्तियों में निवेश कर रहे थे। उन्होंने अपने व परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदी गई सभी संपत्तियों के लिए भुगतान किया था।
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