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मानव तस्करी : एनआईए के निशाने पर विदेश भेजने वाले हरियाणा के कई एजेंट
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केंद्रीय एजेंसी के साथ-साथ हरियाणा पुलिस भी खंगाल रही डिटेल
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। विदेश में नौकरी दिलाने के बहाने मानव तस्करी कर लाओस भेज भारतीय युवाओं को बंधक बना साइबर ठगी कराने के मामले के तार अब हरियाणा से जुड़ गए हैं। यू-ट्यूबर बॉबी कटारिया के बाद अब बहादुरगढ़ के दो युवकों की गिरफ्तारी ने मामले में हरियाणा के कनेक्शन को और मजबूत कर दिया है। एनआईए की टीमें दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं। सूत्रों का दावा है कि इस मामले में विदेश भेजने वाले कई एजेंट भी एनआईए के निशाने पर हैं। एनआईए के साथ हरियाणा पुलिस की टीमें भी संदिग्ध एजेंटों की जानकारी जुटाने में जुट गई हैं।
एनआईए को इनपुट मिला था कि भारतीय युवाओं को विदेश में नौकरी के बहाने लाओस व आसपास के क्षेत्र में गिरोह के हवाले कर दिया जाता है। वहां पर साइबर ठगी के लिए सिंडिकेट से जुड़े लोगों ने बड़े-बड़े वेयर हाउस बनाए हुए हैं। इन्हीं वेयर हाउस में भारतीय युवाओं को बंधक बनाकर रखा जाता है और उनका साइबर ठगी में इस्तेमाल किया जाता है। एनआईए और गुरुग्राम पुलिस की संयुक्त टीम ने इस मामले की जांच के दौरान गुरुग्राम के यू-ट्यूबर बॉबी कटारिया को 27 मई को गिरफ्तार किया था। अब बहादुरगढ़ से गिरफ्तार साहिल और आशीष को गिरफ्तार कर जांच एजेंसी यह पता लगा रही है कि ये दोनों कैसे इस सिंडिकेट के संपर्क में आए और यह गिरोह कैसे काम करता है। खुफिया एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि हरियाणा में इमीग्रेशन सेंटर चलाने वाले कई लोग भी शक के दायरे में हैं। कुछ सेंटर सचालकों पर पहले से फर्जीवाड़े, धोखाधड़ी और मानव तस्करी के केस दर्ज हैं।
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बढ़ रहे विदेश भेजने के नाम पर फर्जीवाड़े और मानव तस्करी के मामले
हरियाणा में विदेश भेजने के नाम पर फर्जीवाड़े और मानव तस्करी के मामले बढ़ रहे हैं। साथ ही हरियाणा में डंकी के माध्यम से विदेश जाने के मामले भी बढ़ रहे हैं। हरियाणा पुलिस द्वारा इमिग्रेशन धोखाधड़ी या मानव तस्करी के लगभग 383 मामले दर्ज किए जाने के बाद, 17 अप्रैल, 2023 को एसआईटी बनाई गई थी। एसआईटी बनने के बाद इमिग्रेशन धोखाधड़ी और मानव तस्करी से संबंधित लगभग 645 मामले दर्ज किए हैं। अब तक 518 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। पुलिस जांच में सामने आया है कि डंकी माध्यम से विदेश जाने का रूट नई दिल्ली से मॉस्को, हवाना, क्यूबा, पनामा, अल साल्वाडोर, इक्वाडोर, कोलंबिया, पनामा, कोस्टा रिका, निकारागुआ, होंडुरास, ग्वाटेमाला, मैक्सिको होते हुए यूएसए तक पहुंचाता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। विदेश में नौकरी दिलाने के बहाने मानव तस्करी कर लाओस भेज भारतीय युवाओं को बंधक बना साइबर ठगी कराने के मामले के तार अब हरियाणा से जुड़ गए हैं। यू-ट्यूबर बॉबी कटारिया के बाद अब बहादुरगढ़ के दो युवकों की गिरफ्तारी ने मामले में हरियाणा के कनेक्शन को और मजबूत कर दिया है। एनआईए की टीमें दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं। सूत्रों का दावा है कि इस मामले में विदेश भेजने वाले कई एजेंट भी एनआईए के निशाने पर हैं। एनआईए के साथ हरियाणा पुलिस की टीमें भी संदिग्ध एजेंटों की जानकारी जुटाने में जुट गई हैं।
एनआईए को इनपुट मिला था कि भारतीय युवाओं को विदेश में नौकरी के बहाने लाओस व आसपास के क्षेत्र में गिरोह के हवाले कर दिया जाता है। वहां पर साइबर ठगी के लिए सिंडिकेट से जुड़े लोगों ने बड़े-बड़े वेयर हाउस बनाए हुए हैं। इन्हीं वेयर हाउस में भारतीय युवाओं को बंधक बनाकर रखा जाता है और उनका साइबर ठगी में इस्तेमाल किया जाता है। एनआईए और गुरुग्राम पुलिस की संयुक्त टीम ने इस मामले की जांच के दौरान गुरुग्राम के यू-ट्यूबर बॉबी कटारिया को 27 मई को गिरफ्तार किया था। अब बहादुरगढ़ से गिरफ्तार साहिल और आशीष को गिरफ्तार कर जांच एजेंसी यह पता लगा रही है कि ये दोनों कैसे इस सिंडिकेट के संपर्क में आए और यह गिरोह कैसे काम करता है। खुफिया एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि हरियाणा में इमीग्रेशन सेंटर चलाने वाले कई लोग भी शक के दायरे में हैं। कुछ सेंटर सचालकों पर पहले से फर्जीवाड़े, धोखाधड़ी और मानव तस्करी के केस दर्ज हैं।
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बढ़ रहे विदेश भेजने के नाम पर फर्जीवाड़े और मानव तस्करी के मामले
हरियाणा में विदेश भेजने के नाम पर फर्जीवाड़े और मानव तस्करी के मामले बढ़ रहे हैं। साथ ही हरियाणा में डंकी के माध्यम से विदेश जाने के मामले भी बढ़ रहे हैं। हरियाणा पुलिस द्वारा इमिग्रेशन धोखाधड़ी या मानव तस्करी के लगभग 383 मामले दर्ज किए जाने के बाद, 17 अप्रैल, 2023 को एसआईटी बनाई गई थी। एसआईटी बनने के बाद इमिग्रेशन धोखाधड़ी और मानव तस्करी से संबंधित लगभग 645 मामले दर्ज किए हैं। अब तक 518 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। पुलिस जांच में सामने आया है कि डंकी माध्यम से विदेश जाने का रूट नई दिल्ली से मॉस्को, हवाना, क्यूबा, पनामा, अल साल्वाडोर, इक्वाडोर, कोलंबिया, पनामा, कोस्टा रिका, निकारागुआ, होंडुरास, ग्वाटेमाला, मैक्सिको होते हुए यूएसए तक पहुंचाता है।
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