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Chandigarh News: बिल्डिंग हादसे पर मानवाधिकार आयोग सख्त, चंडीगढ़ प्रशासन से 5 अगस्त तक मांगी रिपोर्ट
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चंडीगढ़। चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में दो मंजिला इमारत गिरने से दो लोगों की मौत के मामले में पंजाब एवं चंडीगढ़ (यूटी) मानवाधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान (सुओ मोटू) लिया है। आयोग ने इस हादसे को मानवाधिकारों से जुड़ा मामला मानते हुए चंडीगढ़ के डिप्टी कमिश्नर को नोटिस जारी किया है और 5 अगस्त तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। बीते शनिवार शाम इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में एक दो मंजिला इमारत ढह गई थी। हादसे के समय भवन में मरम्मत और रेनोवेशन का कार्य चल रहा था। सूचना मिलते ही प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया और एनडीआरएफ की टीम को मौके पर तैनात किया गया।
करीब पांच घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मलबे में फंसे दो लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन अस्पताल में उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान मेरठ निवासी तरुण जैन और तरुण कौशिक के रूप में हुई है।
मानवाधिकार आयोग ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन से हादसे के कारणों, भवन की स्थिति, सुरक्षा मानकों के पालन, राहत एवं बचाव कार्य तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी मांगी है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मामले की अगली सुनवाई 5 अगस्त को होगी, जिसके लिए संबंधित रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
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आयोग के पत्र के अनुसार इस मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति संत प्रकाश, सदस्य न्यायमूर्ति गुरबीर सिंह तथा सदस्य जितेंद्र सिंह छुंटी की पीठ करेगी। आयोग यह भी जांच करेगा कि कहीं इस घटना में प्रशासनिक लापरवाही या सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की भूमिका तो नहीं रही।
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करीब पांच घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मलबे में फंसे दो लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन अस्पताल में उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान मेरठ निवासी तरुण जैन और तरुण कौशिक के रूप में हुई है।
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मानवाधिकार आयोग ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन से हादसे के कारणों, भवन की स्थिति, सुरक्षा मानकों के पालन, राहत एवं बचाव कार्य तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी मांगी है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मामले की अगली सुनवाई 5 अगस्त को होगी, जिसके लिए संबंधित रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
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आयोग के पत्र के अनुसार इस मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति संत प्रकाश, सदस्य न्यायमूर्ति गुरबीर सिंह तथा सदस्य जितेंद्र सिंह छुंटी की पीठ करेगी। आयोग यह भी जांच करेगा कि कहीं इस घटना में प्रशासनिक लापरवाही या सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की भूमिका तो नहीं रही।