{"_id":"5be93a20bdec22698966422e","slug":"huda-plot-allotment-objections-hearing-enhancement-will-submit-report","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़ः हुडा के प्लॉट आवंटियों की आपत्तियों की सुनवाई, दिसंबर में रिपोर्ट देगी जजों की समिति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़ः हुडा के प्लॉट आवंटियों की आपत्तियों की सुनवाई, दिसंबर में रिपोर्ट देगी जजों की समिति
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 12 Nov 2018 02:01 PM IST
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हुडा
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हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) के प्लॉट आवंटियों की आपत्तियों की सुनवाई तीन सदस्यीय जजों की समिति ने तेज कर दी है। जजों की समिति एन्हांसमेंट के लिए कॉमन एरिया को परिभाषित कर दिसंबर में रिपोर्ट दे देगी। एन्हांसमेंट के लिए हाईकोर्ट के तीन सेवानिवृत्त जजों के आयोग ने रविवार को प्राधिकरण के पंचकूला स्थित कार्यालय में दूसरी सुनवाई की। रिटायर्ड जस्टिस प्रीतपाल सिंह, भारत भूषण प्रसून व राज राहुल गर्ग ने बारी-बारी आवंटियों और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के पक्ष को सुना।
आयोग ने पहली सुनवाई 27 अक्तूबर 2018 को की थी। उसमें प्राधिकरण ने सेक्टरवासियों की आपत्तियों का जवाब देने के लिए और समय मांगा था। लेकिन, इसी बीच हुडा ने 1 से 30 नवंबर 2018 तक 37.5 प्रतिशत रिबेट की एक और स्कीम घोषित कर दी। रविवार को सुनवाई के दौरान आवंटियों ने प्राधिकरण की स्कीम पर सवाल उठाए। सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील अशोक भारद्वाज के नेतृत्व में यशवीर मलिक व हाईकोर्ट के अन्य वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने आवंटियों का पक्ष रखा।
अगली सुनवाई 9 दिसंबर को
आयोग अब 9 दिसंबर को हरियाणा के सेक्टर में बसे सभी प्लॉट आवंटियों का पक्ष सुनेगा। उस दिन कोई भी हरियाणा निवासी अपनी बात आयोग के समक्ष रख सकता है। इसके बाद 15 दिसंबर तक आयोग अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप देगा ।
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सुनवाई के दौरान स्कीम लाना गलत : अशोक
वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक भारद्वाज ने समिति के समक्ष कहा की जब आयोग सुनवाई कर रहा है, उस दौरान रिबेट की स्कीम लाना सही नहीं है। सेक्टरवासियों को नियम आधारित पुनर्गणना का हक है। प्राधिकरण कोई भी रिबेट स्कीम बिना किसी कानूनी आधार के नहीं ला सकती। भारद्वाज ने बताया कि सुनवाई के दौरान स्कीम लाने को आयोग ने भी गलत माना है।
रिबेट के लालच में आकर न भर दें पैसा: मलिक
हरियाणा स्टेट सेक्टर कॉन्फेडरेशन के अध्यक्ष यशबीर मलिक ने आवंटियों को सचेत किया है कि कोई भी रिबेट के लालच में आकर पैसे न भरें। हुडा की दोनों रिबेट स्कीम गैर-कानूनी हैं। इन्हें हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी। 25 नवंबर 2018 को जींद में रैली कर गिरफ्तारियां देंगे और तब तक जमानत नहीं ली जाएगी, जब तक सरकार सेक्टर वाइज पुनर्गणना का नोटिफिकेशन जारी नहीं करती।
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आयोग ने पहली सुनवाई 27 अक्तूबर 2018 को की थी। उसमें प्राधिकरण ने सेक्टरवासियों की आपत्तियों का जवाब देने के लिए और समय मांगा था। लेकिन, इसी बीच हुडा ने 1 से 30 नवंबर 2018 तक 37.5 प्रतिशत रिबेट की एक और स्कीम घोषित कर दी। रविवार को सुनवाई के दौरान आवंटियों ने प्राधिकरण की स्कीम पर सवाल उठाए। सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील अशोक भारद्वाज के नेतृत्व में यशवीर मलिक व हाईकोर्ट के अन्य वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने आवंटियों का पक्ष रखा।
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अगली सुनवाई 9 दिसंबर को
आयोग अब 9 दिसंबर को हरियाणा के सेक्टर में बसे सभी प्लॉट आवंटियों का पक्ष सुनेगा। उस दिन कोई भी हरियाणा निवासी अपनी बात आयोग के समक्ष रख सकता है। इसके बाद 15 दिसंबर तक आयोग अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप देगा ।
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सुनवाई के दौरान स्कीम लाना गलत : अशोक
वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक भारद्वाज ने समिति के समक्ष कहा की जब आयोग सुनवाई कर रहा है, उस दौरान रिबेट की स्कीम लाना सही नहीं है। सेक्टरवासियों को नियम आधारित पुनर्गणना का हक है। प्राधिकरण कोई भी रिबेट स्कीम बिना किसी कानूनी आधार के नहीं ला सकती। भारद्वाज ने बताया कि सुनवाई के दौरान स्कीम लाने को आयोग ने भी गलत माना है।
रिबेट के लालच में आकर न भर दें पैसा: मलिक
हरियाणा स्टेट सेक्टर कॉन्फेडरेशन के अध्यक्ष यशबीर मलिक ने आवंटियों को सचेत किया है कि कोई भी रिबेट के लालच में आकर पैसे न भरें। हुडा की दोनों रिबेट स्कीम गैर-कानूनी हैं। इन्हें हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी। 25 नवंबर 2018 को जींद में रैली कर गिरफ्तारियां देंगे और तब तक जमानत नहीं ली जाएगी, जब तक सरकार सेक्टर वाइज पुनर्गणना का नोटिफिकेशन जारी नहीं करती।