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हुडा अफसरों की देखरेख में बना था 'फाइव डिग्री'
अमर उजाला, पंचकूला
Updated Sun, 12 Jan 2014 09:51 AM IST
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सेक्टर-5 में निर्झर वाटिका स्थित फाइव डिग्री रेस्तरां में हुडा अफसरों की देखरेख में ही कंस्ट्रक्शन हुआ था। इसके बावजूद हुडा ने बिना अनुमति लिए कंस्ट्रशन कराने को कार्रवाई का आधार बनाया।
अब रेस्तरां मालिक इसे ही आधार बनाते हुए उन हुडा के आला अफसरों से सुनवाई की अपील करेंगे। साथ ही उन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की भी मांग करेंगे, जिनकी देखरेख में यहां कंस्ट्रक्शन वर्क हुआ था।
शुक्रवार को नियमों की अनदेखी का किए जाने का आरोप लगाते हुए सीलिंग की कार्रवाई की गई। रेस्तरां मालिक संदीप के मुताबिक, उन्होंने अलॉटमेंट के लिए फीस जमा करा दी थी, लेकिन बाद में एग्रीमेंट की शर्तों में बदलाव कर दिया गया।
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संदीप ने बताया जून में रेस्तरां का निर्माण शुरू किया गया। निर्माण के दौरान हर दिन तत्कालीन संपदा अधिकारी, एक्सईएन सहित अन्य अधिकारियों ने भी कई बार दौरा किया।
निर्माण में 60 लाख रुपये से अधिक का खर्च हो चुका है, लेकिन अब तक किसी अधिकारी ने निर्माण पर कभी भी अंगुली नहीं उठाई।
एग्रीमेंट की शर्तों में बदलाव और एक जनवरी को तड़के हेड कांस्टेबल को लगी गोली के बाद रेस्तरां का नाम सुर्खियों में आया।
सामाजिक कार्यकर्ता संजय आहूजा का कहना है कि रेस्तरां के निर्माण में हुडा की इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों ने पूरा साथ दिया।
बावजूद इसके सीलिंग की कार्रवाई की गई। उन्होंने भी इस मामले से जुड़े तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की मांग की है, ताकि इस मामले की सच्चाई सामने आ सके।
एक्साइज डिपार्टमेंट से ली थी अनुमति
इसी रेस्तरां के बाहर एक जनवरी को तड़के करीब तीन बजे गोली लगने से पंजाब कैडर के आईएसए का गनमैन जयपाल जख्मी हो गया।
रेस्तरां मालिक संदीप चौहान ने बताया कि 31 दिसंबर के लिए एक्साइज डिपार्टमेंट से अनुमति ली गई थी, जिसकी कॉपी शनिवार को पुलिस से मिल गई है।
चौहान ने बताया कि इस घटना के बाद पुलिस को सभी 16 सीसीटीवी फुटेज जांच के लिए दिए जा चुके हैं।
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अब रेस्तरां मालिक इसे ही आधार बनाते हुए उन हुडा के आला अफसरों से सुनवाई की अपील करेंगे। साथ ही उन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की भी मांग करेंगे, जिनकी देखरेख में यहां कंस्ट्रक्शन वर्क हुआ था।
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शुक्रवार को नियमों की अनदेखी का किए जाने का आरोप लगाते हुए सीलिंग की कार्रवाई की गई। रेस्तरां मालिक संदीप के मुताबिक, उन्होंने अलॉटमेंट के लिए फीस जमा करा दी थी, लेकिन बाद में एग्रीमेंट की शर्तों में बदलाव कर दिया गया।
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संदीप ने बताया जून में रेस्तरां का निर्माण शुरू किया गया। निर्माण के दौरान हर दिन तत्कालीन संपदा अधिकारी, एक्सईएन सहित अन्य अधिकारियों ने भी कई बार दौरा किया।
निर्माण में 60 लाख रुपये से अधिक का खर्च हो चुका है, लेकिन अब तक किसी अधिकारी ने निर्माण पर कभी भी अंगुली नहीं उठाई।
एग्रीमेंट की शर्तों में बदलाव और एक जनवरी को तड़के हेड कांस्टेबल को लगी गोली के बाद रेस्तरां का नाम सुर्खियों में आया।
सामाजिक कार्यकर्ता संजय आहूजा का कहना है कि रेस्तरां के निर्माण में हुडा की इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों ने पूरा साथ दिया।
बावजूद इसके सीलिंग की कार्रवाई की गई। उन्होंने भी इस मामले से जुड़े तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की मांग की है, ताकि इस मामले की सच्चाई सामने आ सके।
एक्साइज डिपार्टमेंट से ली थी अनुमति
इसी रेस्तरां के बाहर एक जनवरी को तड़के करीब तीन बजे गोली लगने से पंजाब कैडर के आईएसए का गनमैन जयपाल जख्मी हो गया।
रेस्तरां मालिक संदीप चौहान ने बताया कि 31 दिसंबर के लिए एक्साइज डिपार्टमेंट से अनुमति ली गई थी, जिसकी कॉपी शनिवार को पुलिस से मिल गई है।
चौहान ने बताया कि इस घटना के बाद पुलिस को सभी 16 सीसीटीवी फुटेज जांच के लिए दिए जा चुके हैं।