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पढ़ें, अलग SGPC की घोषणा पर किसने क्या कहा?

Sun, 06 Jul 2014 09:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कैथल
ब्यूरो/अमर उजाला, कैथल Updated Sun, 06 Jul 2014 09:54 PM IST
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HSGPC announce, read all poltical reviews

पंजाब सिखों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं : बाजवा

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हरियाणा के सिखों के लिए पंजाब के सिख भाईयों की शुभकामनाएं लेकर आए हैं। प्रकाश सिंह बादल अलग कमेटी का विरोध केवल इसीलिए कर रहे है कि मीरीपीरी में उनके परिवार की ट्रस्ट की 500 करोड़ की प्रॉपर्टी है। अलग कमेटी होने पर इसका प्रबंधन भी उनके हाथ से छूट जाएगा। वे कांग्रेस को सिख विरोधी बताते हैं, जबकि स्वयं अपने पुत्र एवं पुत्री का विवाह कांग्रेस परिवारों में किया है। साल 1957 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़कर प्रकाश सिंह बादल ने राजनीति शुरू की थी।
प्रताप सिंह बाजवा, अध्यक्ष, पंजाब कांग्रेस कमेटी।
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देश 1947 में आजाद हुआ था। हरियाणा का सिख आज आजाद हुआ है। यह धार्मिक आजादी है, जो 1966 में मिल जानी चाहिए थी। यह उपलब्धि नहीं, एक बड़ी जिम्मेवारी है। इस संघर्ष में पूरी टीम ने साथ दिया, जिस कारण यह सुनहरी अक्षरों में लिखा जाएगा।
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दीदार सिंह नलवी, नेता एचएसजीपीसी।
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मुख्यमंत्री हुड्डा ने सिखों को धार्मिक आजादी दी है। 14 साल का संघर्ष रंग लाया। एक बार भारत-पाक का विभाजन हुआ, इसकी पीड़ा अभी कम नहीं हुई थी कि 1966 में पंजाब का विभाजन कर दिया गया। अकाली नेताओं ने हमारा हक दबाकर रखा। गुरुद्वारों की राशि अपने लिए प्रयोग करते रहे। वर्ष 2005 में पहला अवसर था जब कोई प्रकाश सिंह बादल के खिलाफ एसजीपीसी चुनाव में खड़ा हुआ। एचएसजीपीसी के लिए जेल गए, रेल रोकी और लगातार संघर्ष किया। अकाल तख्त का सम्मान करता हूं। कमेटी बनने से हमें हमारा हक मिल गया है।
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-जगदीश सिंह झींडा, अध्यक्ष, एचएसजीपीसी (एडहॉक)
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नौ साल से कमेटी गठित क्यों नहीं हुई? इस बारे में हुड्डा सरकार की मजबूरी रही होगी, लेकिन अब कमेटी को मंजूरी दी गई है तो भी ठीक है। पंजाब के अकालियों से डरने की जरूरत नहीं है। पंजाब में सिखी का नाश किया गया है। लेकिन यह हरियाणा के सिखों को बचाने का अवसर है। प्रदेश का सिख अपने गुरुद्वारों की देखभाल स्वयं करे। इस कमेटी के गठन का विरोध करने के बजाय कहा जाना चाहिए था कि कमेटी हरियाणा में सिख धर्म की मान्यताओं और नियमों का पालन करे।

-शरणजीत सिंह सरना, अध्यक्ष, दिल्ली एसजीपीसी।

सिखों ने हमेशा देश के लिए संघर्ष किया है। मेरे आवास पर एचएसजीपीसी सदस्यों द्वारा धरने के बाद उनकी आवाज को कांग्रेस आला नेताओं तक पहुंचाया गया। इसके लिए सभी को बधाई।
अशोक तंवर, अध्यक्ष, हरियाणा कांग्रेस।
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हरियाणा के सिखों को इस कमेटी के लिए बधाई दी। सिखों का हक है अपने गुरुधामों की सेवा करने का, यह मिलना चाहिए। हरियाणा के सिखों को बधाई।
हरदीप सिंह डिबडिबा, अध्यक्ष, राजस्थान एसजीपीसी (एडहॉक)।

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