चंडीगढ़ पीजीआई का हाल : एक बेड पर लेटे हैं तीन बच्चे, कोविड के नियमों का हो रहा उल्लंघन
- चंडीगढ़ में तेजी से बढ़ रहा कोरोना संक्रमण
- पीजीआई में हो रहा कोविड नियमों का उल्लंघन
- एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर में खूब हो रही अनदेखी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चंडीगढ़ में एक ओर कोरोना संक्रमण की रफ्तार बेकाबू होती जा रही है, वहीं दूसरी तरफ पीजीआई के एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर में कोरोना से बचाव के नियमों की खूब अनदेखी की जा रही है। स्थिति यह है कि सेंटर में भर्ती बच्चों को अलग-अलग बेड पर रखने के बजाय एक बेड पर लिटाकर उनका इलाज किया जा रहा है। पीजीआई जैसे संस्थान में इस तरह की लापरवाही हो रही है और देखने वाला कोई नहीं।
मौजूदा समय में एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर की इमरजेंसी में एक बेड पर दो से तीन मरीज भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है। यह सीधे तौर पर कोरोना संक्रमण को दावत देने वाली बात है। इसे लेकर बीमार बच्चों के परिजन भी अस्पताल प्रबंधन से नाराज हैं लेकिन इलाज कराने की मजबूरी उनके सामने है, इसलिए वह चुप्पी साधे हुए हैं।
इस पूरे मामले पर पीजीआई प्रशासन का कहना है कि अस्पताल की लगभग सभी यूनिटों में मरीजों का दबाव क्षमता से कई गुना ज्यादा है। रेफर मरीजों को वापस नहीं कर सकते इसलिए इमरजेंसी में तत्काल बच्चों को भर्ती कर प्राथमिक उपचार देने के बाद उन्हें वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाता है।
इस हालात के पीछे एक कारण यह भी
संक्रमण के डर से बंद है ओपीडी
बता दें कि कोरोना संक्रमण के चलते पीजीआई और जीएमसीएच-32 की ओपीडी बंद चल रही है। स्थिति यह है कि अस्पताल में 6 गज की दूरी, मास्क, सैनिटाइजेशन के पालन न होने की बात कर मरीजों को टेलीकंसल्टेशन और टेली मेडिसिन के माध्यम से परामर्श दिया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर के अंदर 6 गज तो छोड़िए दो गज की दूरी का भी पालन नहीं किया जा रहा।
पीजीआई में किसी भी मरीज को भर्ती करने से पहले उसकी कोविड जांच अनिवार्य रूप से की जाती है ताकि किसी भी स्तर पर संक्रमण का खतरा न हो। जहां तक एक बेड पर दो से तीन बच्चों को भर्ती कर उनका इलाज करने की बात है तो पीजीआई में चंडीगढ़ के साथ अन्य प्रदेशों से रेफर मरीजों का भी काफी दबाव है। पीजीआई अपनी क्षमता से 4 गुना ज्यादा मरीजों का इलाज कर रहा है। उसके बावजूद कोविड-19 के मानकों के पालन का शत प्रतिशत प्रयास किया जा रहा है। -प्रो. जगतराम, निदेशक, पीजीआई