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नए अवैध निर्माण के खिलाफ हाउसिंग बोर्ड सख्त, अब तक 172 अलॉटियों पर कार्रवाई
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चंडीगढ़। नए अवैध निर्माण के खिलाफ चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) काफी सख्त बना हुआ है। बीते कुछ महीनों में सीएचबी ने वायलेशन को लेकर करीब 266 लोगों को नोटिस भेजा है। इनमें से 172 लोगों के घरों में हुए निर्माण को तोड़ा भी है।
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के बाद से सीएचबी शहर भर में लगातार ड्राइव चला रहा है। हाउसिंग बोर्ड के जेई पहले जाकर मौके की जांच करते हैं। नया अवैध निर्माण पाये जाने के बाद नोटिस जारी किया जाता है। इस तरह से अभी तक कुल 266 लोगों को नोटिस भेजे गए हैं। नोटिस के बाद ही 31 लोगों ने खुद ही मकान में हुए अवैध निर्माण को तोड़ लिया। जबकि 14 लोगों ने नीड बेस्ट चेंज के तहत फीस जमा कराई है। इसके अलावा तीन लोग ऐसे भी हैं, जिन्होंने हाउसिंग बोर्ड की कार्रवाई के खिलाफ कोर्ट में केस किया है। गौरतलब है कि जहां कहीं भी बिना अनुमति नया निर्माण कार्य होता है। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई करता है। पहले नोटिस जारी कर तीन दिन का समय दिया जाता है। अगर फिर भी निर्माण कार्य रोक कर अवैध निर्माण नहीं हटाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। अवैध निर्माण को अगर सीएचबी के कर्मचारी तोड़ते हैं तो बोर्ड की ओर से किया गया खर्चा भी आवंटियों से ही वसूला जाता है।
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पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के बाद से सीएचबी शहर भर में लगातार ड्राइव चला रहा है। हाउसिंग बोर्ड के जेई पहले जाकर मौके की जांच करते हैं। नया अवैध निर्माण पाये जाने के बाद नोटिस जारी किया जाता है। इस तरह से अभी तक कुल 266 लोगों को नोटिस भेजे गए हैं। नोटिस के बाद ही 31 लोगों ने खुद ही मकान में हुए अवैध निर्माण को तोड़ लिया। जबकि 14 लोगों ने नीड बेस्ट चेंज के तहत फीस जमा कराई है। इसके अलावा तीन लोग ऐसे भी हैं, जिन्होंने हाउसिंग बोर्ड की कार्रवाई के खिलाफ कोर्ट में केस किया है। गौरतलब है कि जहां कहीं भी बिना अनुमति नया निर्माण कार्य होता है। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई करता है। पहले नोटिस जारी कर तीन दिन का समय दिया जाता है। अगर फिर भी निर्माण कार्य रोक कर अवैध निर्माण नहीं हटाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। अवैध निर्माण को अगर सीएचबी के कर्मचारी तोड़ते हैं तो बोर्ड की ओर से किया गया खर्चा भी आवंटियों से ही वसूला जाता है।
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