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Chandigarh News: हंगामे की भेंट चढ़ी सदन की बैठक, चार एजेंडे ही हुए पास
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नगर निगम सदन की बैठक शनिवार को हंगामेदार रही। हंगामे के कारण सप्लीमेंटरी और टेबुल एजेंडों पर चर्चा के बिना ही बैठक समाप्त कर दी गई। मेयर ने भाजपा के दो पार्षदों पर असभ्य भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया। इस दौरान बाहर जाने को कहा, लेकिन वे नहीं गए। इस पर मार्शल को उन्हें बाहन निकालने का कहा गया। हंगामे के कारण चार एजेंडों पर ही चर्चा हो पाई, जबकि कई अन्य चर्चा के लिए शामिल ही नहीं हो पाए और सदन को स्थगित कर दिया गया।
सदन की बैठक के दौरान टाउन वेंडिंग कमेटी से संबंधित एजेंडा आया। इसे जब पेश किया गया तो पार्षद गुरप्रीत सिंह ने विरोध किया कि इसे पिछली बैठक में रद्द कर दिया था। फिर क्यों लाया जा रहा है। मेयर ने इसे डेफर कर दिया। इसके बाद भाजपा पार्षद इस पर वोटिंग की मांग करने लगे। हंगामे के कारण बैठक को 15 मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया। इसके बाद जब बैठक शुरू हुई तो मनोनीत पार्षद सतिंदर सिद्धू मेयर के पास आकर वोटिंग की मांग करने लगे।
इस पर मेयर कुलदीप कुमार ने उन्हें अपने स्थान पर बैठने को कहा। जब नहीं माने जो मेयर ने उन्हें सस्पेंड कर दिया और बाहर जाने को कहा। जब नहीं गए तो मार्शल को बुलाया गया। इसके बाद सतिंदर सिद्धू को नेता प्रतिपक्ष कंवरजीत सिंह राणा समेत अन्य भाजपा पार्षदों ने घेरा बना लिया। मार्शल ने पूरा जोर लगा लिया लेकिन नहीं ले जा पाए। उसके बाद सतिंदर सिद्धू सदन में नीचे ही बैठ गए।
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इसके बाद जब कंवरजीत सिंह राणा ने मेयर से वोटिंग कराने की मांग की तो कहा कि एजेडा को डेफर कर दिया गया है इसलिए अब इस पर चर्चा नहीं होगी। कंवरजीत राणा अडिग रहे। मेयर से कहासुनी के बाद मेयर ने उन्हें भी सस्पेंड कर दिया और बाहर जाने को कहा। जब नहीं गए तो फिर से मार्शल को बुलाया गया। इसके बाद मार्शल और भाजपा पाषदों के बीच खूब धक्का-मुक्की हुई। मार्शल पैर खींचते रहे, लेकिन भाजपा पार्षद टस से मस नहीं हुए।
सप्लीमेंटरी एजेंडों और एक टेबुल एजेंडा नहीं हुए पास
कंवरजीत सिंह राणा ने कहा कि कांग्रेस और आप वेंडरों के खिलाफ हैं। जिन वेंडरों की लाइसेंस फीस की ट्रेड चेंज की जानी थी उसके लिए एजेंडा लाया गया था। 881 वेंडर हैं। उनको नॉन इसेंशियल सर्विस प्रोवाइडर से इसंशियल सर्विस प्रोवाइडर में बदलने का एजेंडा था। इसमें छोले भटूरे, गोल गप्पे सहित अन्य ट्रेड के वेंडर हैं। हंगामा होने के कारण बैठक को स्थगित कर दिया गया। इस कारण सप्लीमेंटरी एजेंडों और एक टेबुल एजेंडा को पास किए बिना ही सदन की बैठक को स्थगित कर दिया गया।
मेयर का आरोप: असभ्य भाषा का किया प्रयोग
मेयर कुलदीप कुमार ने कहा कि भाजपा पार्षद असभ्य भाषा का प्रयोग कर रहे थे। यह अनुचित है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसलिए उन्हें सस्पेंड किया गया। जब एजेंडा को डेफर कर दिया गया तो उसके बाद वोटिंग की मांग जायज नहीं है। पार्षद गुरप्रीत सिंह ने कहा कि यह एजेंडा पिछली बैठक में रद्द किया गया था उसके बाद भी लाया गया। यह ठीक नहीं है इसलिए इस एजेंडा को रद्द करने की मांग की थी।
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सदन की बैठक के दौरान टाउन वेंडिंग कमेटी से संबंधित एजेंडा आया। इसे जब पेश किया गया तो पार्षद गुरप्रीत सिंह ने विरोध किया कि इसे पिछली बैठक में रद्द कर दिया था। फिर क्यों लाया जा रहा है। मेयर ने इसे डेफर कर दिया। इसके बाद भाजपा पार्षद इस पर वोटिंग की मांग करने लगे। हंगामे के कारण बैठक को 15 मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया। इसके बाद जब बैठक शुरू हुई तो मनोनीत पार्षद सतिंदर सिद्धू मेयर के पास आकर वोटिंग की मांग करने लगे।
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इस पर मेयर कुलदीप कुमार ने उन्हें अपने स्थान पर बैठने को कहा। जब नहीं माने जो मेयर ने उन्हें सस्पेंड कर दिया और बाहर जाने को कहा। जब नहीं गए तो मार्शल को बुलाया गया। इसके बाद सतिंदर सिद्धू को नेता प्रतिपक्ष कंवरजीत सिंह राणा समेत अन्य भाजपा पार्षदों ने घेरा बना लिया। मार्शल ने पूरा जोर लगा लिया लेकिन नहीं ले जा पाए। उसके बाद सतिंदर सिद्धू सदन में नीचे ही बैठ गए।
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इसके बाद जब कंवरजीत सिंह राणा ने मेयर से वोटिंग कराने की मांग की तो कहा कि एजेडा को डेफर कर दिया गया है इसलिए अब इस पर चर्चा नहीं होगी। कंवरजीत राणा अडिग रहे। मेयर से कहासुनी के बाद मेयर ने उन्हें भी सस्पेंड कर दिया और बाहर जाने को कहा। जब नहीं गए तो फिर से मार्शल को बुलाया गया। इसके बाद मार्शल और भाजपा पाषदों के बीच खूब धक्का-मुक्की हुई। मार्शल पैर खींचते रहे, लेकिन भाजपा पार्षद टस से मस नहीं हुए।
सप्लीमेंटरी एजेंडों और एक टेबुल एजेंडा नहीं हुए पास
कंवरजीत सिंह राणा ने कहा कि कांग्रेस और आप वेंडरों के खिलाफ हैं। जिन वेंडरों की लाइसेंस फीस की ट्रेड चेंज की जानी थी उसके लिए एजेंडा लाया गया था। 881 वेंडर हैं। उनको नॉन इसेंशियल सर्विस प्रोवाइडर से इसंशियल सर्विस प्रोवाइडर में बदलने का एजेंडा था। इसमें छोले भटूरे, गोल गप्पे सहित अन्य ट्रेड के वेंडर हैं। हंगामा होने के कारण बैठक को स्थगित कर दिया गया। इस कारण सप्लीमेंटरी एजेंडों और एक टेबुल एजेंडा को पास किए बिना ही सदन की बैठक को स्थगित कर दिया गया।
मेयर का आरोप: असभ्य भाषा का किया प्रयोग
मेयर कुलदीप कुमार ने कहा कि भाजपा पार्षद असभ्य भाषा का प्रयोग कर रहे थे। यह अनुचित है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसलिए उन्हें सस्पेंड किया गया। जब एजेंडा को डेफर कर दिया गया तो उसके बाद वोटिंग की मांग जायज नहीं है। पार्षद गुरप्रीत सिंह ने कहा कि यह एजेंडा पिछली बैठक में रद्द किया गया था उसके बाद भी लाया गया। यह ठीक नहीं है इसलिए इस एजेंडा को रद्द करने की मांग की थी।