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Chandigarh: अधिकारियों की आवभगत में मरीजों का इलाज ही भूल गया अस्पताल महकमा, दरवाजे भी बंद किए

Sat, 15 Oct 2022 02:03 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Sat, 15 Oct 2022 02:03 AM IST
सार

अस्पताल की इमरजेंसी से इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर गायब थे। वहीं त्वचा रोग की ओपीडी के बाहर भी मरीजों की भीड़ लगी हुई थी, लेकिन डॉक्टरों का अता पता नहीं था। इसके अलावा माइक्रोबायोलॉजी की यूनिट भी खाली थी।

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Hospital management forgot to treat patients in the hospitality of officials
सेक्टर 22 अस्पताल के गेट बंद। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारत सरकार के टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत शुक्रवार को सेक्टर-22 के सिविल अस्पताल में ‘निक्षय मित्र बनें’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर अस्पताल का पूरा महकमा इतना गंभीर था कि अधिकारियों के स्वागत के कारण ओपीडी में बैठे मरीजों को भी भूल गया।

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स्थिति यह थी कि कार्यक्रम के मद्देनजर अस्पताल का मुख्य गेट सुबह से बंद कर दिया गया। वहां से मरीजों का प्रवेश तक वर्जित था। मरीजों को घूम कर अस्पताल के अंदर आना पड़ रहा था। वही सुबह से ही डॉक्टर व कर्मचारी आला अधिकारियों के स्वागत की तैयारियों में जुटे हुए थे। ऐसे में इलाज के लिए आए मरीज यहां-वहां डॉक्टरों को तलाशते परेशान नजर आए।
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ज्यादातर ओपीडी दिखी खाली
हाल यह था कि अस्पताल की इमरजेंसी से इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर गायब थे। वहीं त्वचा रोग की ओपीडी के बाहर भी मरीजों की भीड़ लगी हुई थी, लेकिन डॉक्टरों का अता पता नहीं था। इसके अलावा माइक्रोबायोलॉजी की यूनिट भी खाली थी। वहीं जिन मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया था उनके लिए बनाया गया डॉट्स सेंटर का काउंटर भी खाली पड़ा हुआ था। कार्यक्रम दोपहर एक बजे के बाद शुरू हुआ जबकि ओपीडी के ज्यादातर कमरे दोपहर 12 बजे से पहले ही खाली हो गए थे।
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अधिकारियों ने गोद लिए मरीज
इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद स्वास्थ्य अधिकारियों ने टीबी के मरीजों को गोद लिया, जिसमें स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग, स्वास्थ्य निदेशक डॉ. सुमन सिंह, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीके नागपाल और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. परमजीत सिंह, एनएचएम के नोडल अधिकारी डॉ. चारू और राज्य टीबी अधिकारी डॉ. वंदना मोहन ने मरीजों को गोद लेकर उन्हें हर महीने पोषण संबंधी भोजन की टोकरी प्रदान करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर यशपाल गर्ग ने समाज के लोगों से आग्रह किया कि वे निक्षय मित्र बनकर टीवी रोगियों को अपनाएं ताकि बीमारी से जुड़े कलंक को कम किया जा सके और इसको जड़ से मिटाया जा सके।


कार्यक्रम के लिए मरीजों का इलाज बाधित करना बिल्कुल ही गलत है। अगर ऐसा किया गया है तो यह अनुचित है, ऐसा नहीं होना चाहिए। इसके बारे में जानकारी ली जाएगी। -यशपाल गर्ग, स्वास्थ्य सचिव

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