चंडीगढ़ में ऐसी आग, 25 मिनट में 25 लाख राख
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मनीमाजरा में एक तीन मंजिला मकान में शुक्रवार रात भीषण आग लग गई। इसमें प्लास्टिक के बर्तनों का गोदाम बनाया हुआ था। इसके साथ ही इसमें क्रॉकरी और गैस सिलेंडर भी रखे हुए थे।
प्लास्टिक के कारण कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग इतनी भयानक थी कि उसकी चपेट में आकर आसपास के मकानों में भी दरारें आ गईं।
गोदाम की इमारत में विस्फोट के कारण कई बार आग बुझाने के अभियान में रुकावट आई। कुछ देर बाद गोदाम की एक दीवार भी गिर गई। देर रात खबर लिखे जाने तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका था।
एक घंटे में ढह गया इमारत का एक हिस्सा
एनएसी ऑफिस और राणा हवेली के सामने मेन बाजार में चूड़ियां वाला मोहल्ला है। इसमें गोयल बर्तन स्टोर स्थित है। रात करीब नौ बजे स्टोर के आसपास रहने वालों ने मालिक पवन गोयल को आग लगने की सूचना दी।
इसके साथ ही सूचना चंडीगढ़ फायर डिपार्टमेंट को भी दी गई। कुछ ही देर में फायर ब्रिगेड की दमकलें और चंडीगढ़ पुलिस मौके पर पहुंच गई। हेल्थ विभाग भी मौके पर हरकत में आ गया।
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस भी मौके पर पहुंच गईं। दमकलें मौके पर पहुंचीं, तो तिमंजिला इमारत की दूसरी मंजिल आग में घिर चुकी थी। कुछ ही देर में आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया।
दमकलों ने आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू कर दिए, लेकिन आग कम होने की जगह बढ़ती ही चली गई। करीब एक घंटे में ही भीषण आग के कारण इमारत का एक हिस्सा भरभराकर ढह गया।
आसपास के मकान खाली करवाए
मेन बाजार के जिस मकान में गोदाम बनाया गया था, वह तंग गली में स्थित है। यही कारण है कि उसकी दीवारों से कई अन्य मकान सटे हुए हैं। इनमें बड़ी संख्या में लोग रहते हैं। आग के तेजी से बढ़ते ही पुलिस और दमकलकर्मियों ने आसपास के घरों को जल्द से जल्द खाली करवा लिया।
मकान नंबर-1497 में रहने वाले नीटू सूद ने बताया कि उन्होंने अन्य लोगों की मदद से मकानों से सिलेंडर, फर्नीचर और कपड़े निकाल लिए। यदि गैस सिलेंडर आग की चपेट में आ जाते, तो हादसा और भी ज्यादा भयंकर होता।
25 फायर टेंडर पहुंचे मौके पर
आग बुझाने के लिए घटनास्थल पर 25 फायर टेंडर पहुंचे। शुरू के दो घंटे में दमकलकर्मियों के सभी प्रयास आग की तेजी के सामने बौने साबित हुए। फायर विभाग ने आग को बुझाने के लिए फोम का भी इस्तेमाल किया। हालांकि उससे भी आग नियंत्रित नहीं हो सकी।
पानी हो गया खत्म
गोदाम में लगी आग को काबू करने में जुट फायर टेंडरों का पानी कई बार खत्म हुआ। आग की सूचना पर शुरू में केवल तीन फायर टेंडर ही मौके पर पहुंचे थे। उसके अगले 20 मिनट में अन्य गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। फायर डिपार्टमेंट की इस लापरवाही से आक्रोशित व्यापारियों ने मौके पर ही जमकर नारेबाजी की।
पचास लाख से ज्यादा का नुकसान
मनीमाजरा में लगी आग की वजह से गोयल स्टोर के मालिक पवन गोयल का लाखों का नुकसान हो गया। इसके साथ ही आसपास के अन्य मकान भी गिरने के कगार पर पहुंच गए हैं।
पवन गोयल ने बताया कि उनके स्टोर में 50 लाख रुपये का सामान था। आग से सब जल गया। मनीमाजरा थाने के एसएचओ चरनजीत सिंह ने कहा कि जैसे ही पुलिस को सूचना मिली, टीम तत्काल मौके पर पहुंच गई।
मनीमाजरा में मचा हड़कंप
आग की भीषण लपटों ने सोते हुए मनीमाजरा को जगा दिया। आग देखने के लिए लोग घरों की छत पर चढ़ गए। दमकलों को घटनास्थल तक पहुंचने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए पुलिस ने ट्रैफिक पुलिस की मदद से रास्ते में खड़ी गाड़ियों को हटवा दिया।
नाइलिट के बाद दूसरा हादसा
इसी साल आठ जून को सेक्टर-17 में स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रानिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में भीषण आग लगी थी। इस हादसे में पूरी इमारत ढह गई थी। आग की चपेट में आने से आसपास की इमारतों को भी नुकसान हुआ था। इस आग पर काबू पाने के प्रयास में दो फायरब्रिगेड के जवानों की मौत हो गई थी।