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राम रहीम के पैतृक गांव में मिले पुलिस को अहम सुराग, जल्द बड़े खुलासों की उम्मीद

Sat, 14 Oct 2017 09:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला(हरियाणा) Updated Sat, 14 Oct 2017 09:03 AM IST
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Honeypreet Insan taken to Bathinda, Sri Ganganagar
पंचकूला कोर्ट में हनीप्रीत - फोटो : File Photo
हनीप्रीत के मोबाइल-लैपटॉप की बरामदगी के लिए पुलिस ने उसे साथ लेकर पंजाब और राजस्थान के ठिकानों पर छापेमारी की। पुलिस को बठिंडा से भले ही कोई खास सुबूत बरामद नहीं हुए हैं, लेकिन गुरसर मोड़िया में हनीप्रीत से हुई लंबी पूछताछ ने लैपटॉप-मोबाइल सहित उसके फरार रहने के दौरान डेरा के किन-किन नजदीकियों से संपर्क रहे, इस बारे में भी पुलिस को अहम सुराग मिले हैं।
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माना जा रहा है कि इनकी बरामदगी भी जल्द कर ली जाएगी। कुल नौ दिनों के रिमांड के दौरान पुलिस ने हनप्रीत से सैकड़ों सवाल किए, जिनके जवाब भी मिले। शुरुआती दौर से स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) की हनीप्रीत के बयान से कुछ पुख्ता बरामद करने की कोशिशें रिमांड के आखिरी दिन भी बदस्तूर जारी रहीं। हनप्रीत ने रिमांड के दौरान पुलिस के सामने न केवल दंगे की साजिश से जुड़ी बातों को मान लिया है, बल्कि उसने इस दौरान कई ऐसी जानकारियां दी, जिसे सही मानकर पुलिस ने आगे कार्रवाई भी की। पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद बड़ी कामयाबी हासिल नहीं हो सकी।
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पुलिस सूत्रों की मानें तो हनप्रीत ने लैपटॉप-मोबाइल के बारे में जानकारी तो दी है, लेकिन पहले से ही पुलिस को गुमराह कर रही हनीप्रीत के बताए ठिकानों से इनकी बरामदगी होगी या नहीं, इसपर संशय है। हिंसा से जुड़ी वीडियो जिस मोबाइल से वायरल हुई, उसके अलावा हिंसा की साजिश के तहत तैयार कर आगे भेजे गए नक्शे भी लैपटॉप में होने का दावा किया जा रहा है। अब पुलिस के सबसे बड़ी चुनौती लैपटॉप-मोबाइल और इंटरनेशनल सिम की बरामदगी के अलावा डेरा के उन करीबियों तक पहुंचना भी जरूरी है जो लगातार हनीप्रीत के संपर्क में थे। 
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खुलासे के बाद भी क्यों नहीं हुई कोई बरामदगी 

Honeypreet Insan taken to Bathinda, Sri Ganganagar
पंचकूला कोर्ट में हनीप्रीत
गुरसर मोड़िया में हनीप्रीत से पूछताछ के बाद पुलिस वहां के तमाम उन ठिकानों पर छानबीन की, जहां हनीप्रीत छुपी हुई थी। हालांकि इस दौरान भी हनीप्रीत ने पुलिस को गुमराह करने की पूरी कोशिश की। बाद में जब मौके से मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने पूछताछ की तो उसने मोबाइल-लैपटॉप सहित दंगे की साजिश में शामिल लोगों के बारे में भी पुलिस को सुराग दिए हैं।

विपासना के आमने सामने अगर शुक्रवार को पूछताछ होती है तो हिंसा से जुड़ा सच सामने आने की उम्मीद है। वीरवार को हनीप्रीत पंचकूला के चंडीमंदिर थाने में पूरा दिन रही। लेकिन विपासना अगर नहीं आती है तो हनीप्रीत को सिरसा ले जाकर निशानदेही की संभावना भी अब नहीं रही।

खुलासे के बाद भी क्यों नहीं हुई कोई बरामदगी 
हनीप्रीत के छह दिनों के रिमांड के बाद जब इसकी अवधि तीन दिनों के लिए बढ़ाई गई तो पुलिस ने अदालत में कुछ और बरामदगी की संभावना जताई थी। इसी लिहाज से पुलिस ने दोबारा पंजाब-राजस्थान के शहरों में छापेमारी भी की। लेकिन अब तक हनीप्रीत से हुई पूछताछ में अहम खुलासों के बावजूद पुलिस उन सुबूतों को बरामद नहीं कर सकी है, आखिर क्यों। यह सवाल बना हुआ है। 
 
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