पंचकूला हिंसा मामले में हनीप्रीत समेत 45 आरोपियों से हटाई देशद्रोह की धारा
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साध्वी यौन शोषण मामले में सजा काट रहे डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की राजदार हनीप्रीत समेत 45 आरोपियों से देशद्रोह की धारा कोर्ट ने हटा दी है। राम रहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद पंचकूला में 25 अगस्त 2017 को हिंसा हुई थी। इसमें 36 लोगों की मौत हुई थी। हनीप्रीत फिलहाल अंबाला जेल में बंद है।
एडिशनल सेशन जज संजय संधीर की कोर्ट में शनिवार को हुई सुनवाई के दौरान आरोपी हनीप्रीत को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया। पुलिस कोर्ट में देशद्रोह व देशद्रोह की साजिश रचने के आरोप साबित नहीं कर सकी। इसके बाद कोर्ट ने धारा-121 व 121 ए को हटा दिया।
इन आरोपियों में सुरेंद्र धीमान, गुरमीत, शरणजीत कौर, गोबिंद, प्रदीप, गुरमीत, दान सिंह, सुखदीप कौर, सीपी अरोड़ा, खैराती लाल, राकेश व अन्य प्रमुख हैं। अब इन पर आईपीसी की धारा 216, 145, 150, 151, 152, 153 व 120-बी के तहत ही सुनवाई होगी। कोर्ट ने अगली तारीख छह नवंबर तय की है।
पहले भी हटाई देशद्रोह की धारा
हिंसा मामले में इससे पहले भी दर्ज तीन अलग अलग एफआईआर में आरोपियों से देशद्रोह की धारा हटाई गई थी। मामले के करीब 40 आरोपी हैं और इनमें से कई आरोपियों को कोर्ट भगोड़ा करार दे चुकी है। जबकि कुछ के अरेस्ट वारंट जारी किए जा चुके हैं।
पंचकूला में हिंसा भड़काने की आरोपी है हनीप्रीत
हनीप्रीत पर आरोप है कि उसने डेरा समर्थकों को हिंसा के लिए उकसाया था। इसके बाद ही समर्थकों ने पंचकूला में जमकर उत्पात मचाया। सड़कों पर खड़ी गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया था। पेट्रोल पंप समेत कई दफ्तरों और इमारतों को भी फूंक डाला था।