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होली ः इस बार पुराने दाम पर बिक रही हैं पिचकारियां
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चंडीगढ़। इस बार भी होली पर कोरोना का असर है। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन ने सार्वजनिक जगहों पर होली मनाने पर रोक लगा दी है। इसका सीधा असर होली के लिए सज रहे बाजार पर पड़ा है। व्यापारियों ने इस बार पिछले साल के मुकाबले कम सामान खरीदा है। साथ ही होली के रंग व पिचकारियों के दाम में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई है। ज्यादातर सामान पुराने दाम पर ही बेचा जा रहा है। बाजार में 20 रुपये से लेकर 500 रुपये तक की पिचकारियां उपलब्ध हैं।
दुकानदारों का कहना है कि भले ही सार्वजनिक जगहों पर होली खेलने पर प्रतिबंध हो, लेकिन बच्चों के उत्साह में कोई कमी नहीं है। बच्चे रंग और पिचकारी के लिए दुकानों पर पहुंच रहे हैं। सेक्टर-56 के दुकानदार उमेंद्र ने बताया कि बाजार में मशीनगन पिचकारी और पीठ पर टांगने वाले टैंक वाली पिचकारी के साथ मछली, भालू और गुड़िया के आकार वाली पिचकारी बिक रही है। इन पिचकारियों के रेट वही हैं, जो पिछले साल थे। पानी वाले रंग की एक डिब्बी 20 रुपये में है। वहीं गुब्बारों का पैकेट 10 रुपये में उपलब्ध है।
हर्बल रंग की डिमांड
सेक्टर-20 सी के दुकानदार विजय गोयल का कहना है कि कोरोना की वजह से लोग कम रंग लेने के लिए पहुंच रहे हैं। यही वजह है कि दाम नहीं बढ़ाए गए हैं। पिछले साल जिस दाम पर रंग बेचे थे, इस बार भी उसी दाम पर रंग बेच रहे हैं। लोग हर्बल रंगों को अधिक खरीद रहे हैं। 100 ग्राम वाले हर्बल रंग का पैकेट 25 रुपये का जबकि गुलाल का पैकेट 15-20 रुपये में उपलब्ध है।
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यूनिवर्सिटी व कालेजों के बंद होने का भी असर
सेक्टर-19 के दुकानदार रवि कुमार का कहना है कि कोरोना की वजह से स्कूल, कालेज के साथ यूनिवर्सिटी भी बंद चल रही है। कालेजों व स्कूल के विद्यार्थी होली से पहले भी रंग खेलने लगते थे लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। शिक्षण संस्थानों में सन्नाटा पसरा हुआ है। इस वजह से भी रंगों की बिक्री कम हुई है।
‘सेक्टर-17 प्लाजा को बंद करना अनुचित’
चंडीगढ़ व्यापार मंडल के महासचिव संजीव चड्ढा ने कहा कि होली के दिन सेक्टर-17 प्लाजा को बंद करना अनुचित है। दोपहर बाद कई लोग होली पर अपने शोरूम खोलते हैं। लोग भी खरीदारी के लिए आते हैं। कोरोना की वजह से पहले से ही व्यापारी परेशान हैं। बाजारों से ग्राहक कम होते जा रहे हैं। यही हालात रहे तो आने वाले समय और दिक्कतें आ सकती हैं। प्रशासन के साथ कई बार बैठकें हो चुकी हैं। हर बैठक में व्यापारियों ने प्रशासन का पूरा सहयोग देने की बात कही है। इसके बावजूद प्रशासन के अधिकारी व्यापारियों का साथ नहीं दे रहे हैं। मेरी यूटी प्रशासक व उनके सलाहकार से अपील है कि वे व्यापारियों के हित के बारे में सोचें और प्लाजा को बंद करने के फैसले को वापस लें।
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दुकानदारों का कहना है कि भले ही सार्वजनिक जगहों पर होली खेलने पर प्रतिबंध हो, लेकिन बच्चों के उत्साह में कोई कमी नहीं है। बच्चे रंग और पिचकारी के लिए दुकानों पर पहुंच रहे हैं। सेक्टर-56 के दुकानदार उमेंद्र ने बताया कि बाजार में मशीनगन पिचकारी और पीठ पर टांगने वाले टैंक वाली पिचकारी के साथ मछली, भालू और गुड़िया के आकार वाली पिचकारी बिक रही है। इन पिचकारियों के रेट वही हैं, जो पिछले साल थे। पानी वाले रंग की एक डिब्बी 20 रुपये में है। वहीं गुब्बारों का पैकेट 10 रुपये में उपलब्ध है।
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हर्बल रंग की डिमांड
सेक्टर-20 सी के दुकानदार विजय गोयल का कहना है कि कोरोना की वजह से लोग कम रंग लेने के लिए पहुंच रहे हैं। यही वजह है कि दाम नहीं बढ़ाए गए हैं। पिछले साल जिस दाम पर रंग बेचे थे, इस बार भी उसी दाम पर रंग बेच रहे हैं। लोग हर्बल रंगों को अधिक खरीद रहे हैं। 100 ग्राम वाले हर्बल रंग का पैकेट 25 रुपये का जबकि गुलाल का पैकेट 15-20 रुपये में उपलब्ध है।
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यूनिवर्सिटी व कालेजों के बंद होने का भी असर
सेक्टर-19 के दुकानदार रवि कुमार का कहना है कि कोरोना की वजह से स्कूल, कालेज के साथ यूनिवर्सिटी भी बंद चल रही है। कालेजों व स्कूल के विद्यार्थी होली से पहले भी रंग खेलने लगते थे लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। शिक्षण संस्थानों में सन्नाटा पसरा हुआ है। इस वजह से भी रंगों की बिक्री कम हुई है।
‘सेक्टर-17 प्लाजा को बंद करना अनुचित’
चंडीगढ़ व्यापार मंडल के महासचिव संजीव चड्ढा ने कहा कि होली के दिन सेक्टर-17 प्लाजा को बंद करना अनुचित है। दोपहर बाद कई लोग होली पर अपने शोरूम खोलते हैं। लोग भी खरीदारी के लिए आते हैं। कोरोना की वजह से पहले से ही व्यापारी परेशान हैं। बाजारों से ग्राहक कम होते जा रहे हैं। यही हालात रहे तो आने वाले समय और दिक्कतें आ सकती हैं। प्रशासन के साथ कई बार बैठकें हो चुकी हैं। हर बैठक में व्यापारियों ने प्रशासन का पूरा सहयोग देने की बात कही है। इसके बावजूद प्रशासन के अधिकारी व्यापारियों का साथ नहीं दे रहे हैं। मेरी यूटी प्रशासक व उनके सलाहकार से अपील है कि वे व्यापारियों के हित के बारे में सोचें और प्लाजा को बंद करने के फैसले को वापस लें।