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Chandigarh News: हॉकी चंडीगढ़ के खिलाड़ी रोहित और विक्रमजीत सिंह यूरोप टूर के लिए भारतीय जूनियर टीम में चयन
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चंडीगढ़। हॉकी चंडीगढ़ के खिलाड़ी रोहित और विक्रमजीत सिंह का यूरोप टूर के लिए भारतीय जूनियर टीम में चयन हुआ है। रोहित को भारतीय हॉकी टीम का कप्तान बनाया गया है। यूरोप टूर 20-29 मई तक खेला जाना है। हॉकी चंडीगढ़ के जनरल सेक्रेटरी अनिल वोहरा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इससे हॉकी चंडीगढ़ और हॉकी अकादमी के खिलाड़ियों में खुशी का माहौल है। दोनों खिलाड़ियों ने सेक्टर- 42 स्थित हॉकी अकादमी में वर्ष 2014 में एडमिशन ली थी। चयन होने पर इनके कोच गुरमिंदर सिंह ने खिलाड़ियों को बधाई दी। गुरमिंदर सिंह सेक्टर-42 में हॉकी स्टेडियम स्थित हाॅकी अकादमी के प्रमुख कोच हैं। वहीं रोहित, बिक्रमजीत सिंह और अंकुश जूनियर वर्ल्ड में हिस्सा लेने वाली भारतीय टीम के लिए जूनियर नेशनल कैंप का हिस्सा भी हैं। अंकुश भी हॉकी चंडीगढ़ के खिलाड़ी और गुरमिंदर सिंह के ट्रेनी हैं। कैंप के दौरान अभ्यास मुकाबलों में खेलते हुए अंकुश के हाथ में चोट लग गई थी, जिसके चलते वे भारतीय जूनियर हॉकी टीम का हिस्सा बनने से चूक गए।
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बेहतर प्रदर्शन से हुआ चयन
यूरोप टूर के लिए भारतीय जूनियर टीम के चयन के लिए देश के कई राज्यों से बेहतर खिलाड़ियों को बेंगलूरू में कैंप में बुलाया गया था। इसमें हॉकी चंडीगढ़ से रोहित, बिक्रमजीत सिंह भी शामिल हुए। इन दोनों को खेलो इंडिया, नेशनल, नेहरू गोल्ड कप और अंडर 14 टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर कैंप के लिए बुलाया गया था। कैंप के दौरान दोनों ने शानदार प्रदर्शन किया। इसके आधार पर दोनों का यूरोप टूर के लिए भारतीय टीम में चयन हुआ।
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विक्रमजीत सिंह बटाला और रोहित हिसार का रहने वाला
इन खिलाड़ियों को इस मुकाम तक पहुंचने के लिए पीछे इनके कोच गुरमिंदर सिंह का शानदार हाथ है। गुरमिंदर ने बताया कि यह खिलाड़ी वर्ष 2014 से यूटी खेल विभाग की हॉकी अकादमी में आए थे और उसके बाद उन्होंने ट्रेनिंग देनी शुरू की। बिक्रमजीत सिंह गुरदासपुर जिले के बटाला का रहने वाला है। इनके पिता नहीं हैं और मां घर का कामकाज करती हैं। विक्रमजीत सिंह ने जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में चंडीगढ़ को रजत पदक दिलाया। खेलो इंडिया में स्वर्ण पदक जीतने में अहम भूमिका निभाई। वहीं, रोहित हिसार का रहने वाला है। इनके पिता किसान हैं पिछले साल ओमान में एशिया कप में भारत को गोल्ड दिलाया। मलयेशिया में सुलतान जौहर कप में भारत के लिए गोल्ड, जूनियर वर्ल्ड कप मलेशिया 2023 में भारतीय टीम से खेल चुका है।
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बेहतर प्रदर्शन से हुआ चयन
यूरोप टूर के लिए भारतीय जूनियर टीम के चयन के लिए देश के कई राज्यों से बेहतर खिलाड़ियों को बेंगलूरू में कैंप में बुलाया गया था। इसमें हॉकी चंडीगढ़ से रोहित, बिक्रमजीत सिंह भी शामिल हुए। इन दोनों को खेलो इंडिया, नेशनल, नेहरू गोल्ड कप और अंडर 14 टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर कैंप के लिए बुलाया गया था। कैंप के दौरान दोनों ने शानदार प्रदर्शन किया। इसके आधार पर दोनों का यूरोप टूर के लिए भारतीय टीम में चयन हुआ।
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विक्रमजीत सिंह बटाला और रोहित हिसार का रहने वाला
इन खिलाड़ियों को इस मुकाम तक पहुंचने के लिए पीछे इनके कोच गुरमिंदर सिंह का शानदार हाथ है। गुरमिंदर ने बताया कि यह खिलाड़ी वर्ष 2014 से यूटी खेल विभाग की हॉकी अकादमी में आए थे और उसके बाद उन्होंने ट्रेनिंग देनी शुरू की। बिक्रमजीत सिंह गुरदासपुर जिले के बटाला का रहने वाला है। इनके पिता नहीं हैं और मां घर का कामकाज करती हैं। विक्रमजीत सिंह ने जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में चंडीगढ़ को रजत पदक दिलाया। खेलो इंडिया में स्वर्ण पदक जीतने में अहम भूमिका निभाई। वहीं, रोहित हिसार का रहने वाला है। इनके पिता किसान हैं पिछले साल ओमान में एशिया कप में भारत को गोल्ड दिलाया। मलयेशिया में सुलतान जौहर कप में भारत के लिए गोल्ड, जूनियर वर्ल्ड कप मलेशिया 2023 में भारतीय टीम से खेल चुका है।
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