हजकां सुप्रीमो ने चौथी बार मांगी पेशी से छूट
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रैली के दौरान दंगा फैलाने, तोड़फोड़ करने, सरकारी संपत्ति को नुकसाने पहुंचाने और सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के मामले में हजकां सुप्रीमो कुलदीप बिश्नोई ने अदालत से चौथी बार पेशी से छूट मांगी।
कुलदीप ने पेशी से छूट मांगते हुए कहा कि हजकां की को-ऑडिनेशन बैठक बुधवार को दिल्ली में है। इसलिए वे अदालत में पेश नहीं हो सकते। मामले की सुनवाई बुधवार को सिविल जज डॉ. सुखदा प्रीतम की अदालत में हुई। मामले की सुनवाई केदौरान पूर्व सांसद धर्मपाल मलिक समेत 23 कार्यकर्ता अदालत में पेश हुए। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 30 जुलाई को तय की है।
ये है मामला
गौरतलब है कि पांच मार्च 2010 को हजकां सुप्रीमो कुलदीप बिश्नोई समेत कई कार्यकर्ता कांग्रेस सरकार के खिलाफ हरियाणा विधानसभा का घेराव करने के लिए सेक्टर-25 स्थित रैली ग्राउंड में इकट्ठा हुए थे। हजकां कार्यकर्ता विधानसभा जाने के लिए बैरिकेड्स तोड़ने लगे। इस दौरान पुलिस कर्मचारियों पर पथराव भी हुआ।
पुलिस ने इससे निपटने के लिए वाटर कैनन, टीयर गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। इस दौरान कुलदीप बिश्नोई की बाजू में फ्रैक्चर आया था, जबकि कई पुलिस जवान घायल हो गए थे। हजकां कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाए थे कि पुलिस जवानों ने उनकी गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए थे।
सेक्टर-11 थाना पुलिस ने कुलदीप बिश्नोई और धर्मपाल मलिक समेत 26 कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज किया था। मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल की मौत हो चुकी है, जबकि एक भगौड़ा घोषित हो चुका है। वहीं मामले में अदालत ने हत्या कि प्रयास की धारा हटा दी थी।